व्यंग्य :कॉपी में करेंसी नोट – डॉ. सजल प्रसाद
व्यंग्य /डॉ सजल प्रसाद ” देखिए … देखिए ! क्या छुपा रहे हैं आप ! … हम सब समझ चुके हैं .. ई सब नहीं चलेगा सर जी ! ” – जैसे ही यह आवाज़ गूँजी तो, सबकी नजर सबसे पीछे के बेंच पर दीवार से सटे कोने पर बैठे हिंदी विषय के धोती-कुर्ता धारी … Read more