कान की व्यथा – व्यंग
मनोरंजन/डेस्क मैं हूँ कान… हम दो हैं… जुड़वां भाई… लेकिन हमारी किस्मत ही ऐसी है कि आज तक हमने अपने दूसरे भाई को देखा तक नहीं… पता नहीं कौन से श्राप के कारण हमें विपरित दिशा में चिपका कर भेजा गया है… दुख सिर्फ इतना ही नहीं है… हमें जिम्मेदारी सिर्फ सुनने की मिली है … Read more