Category: अररिया

  • अररिया :नाटकीय ढंग से पुलिस ने अपहरण कांड का किया खुलासा ,बच्चे का चाचा ही निकला अपहरणकर्ता,6 लोग गिरफ्तार ,रुपए भी बरामद

    अररिया /संवादाता

    रुपए की लालच रिश्तों में भी दरारे पैदा कर देती है ।कुछ ऐसा ही मामला अररिया जिले के जोकीहाट में सामने आया है जहां एक चाचा ने रुपए के लिए अपने ही भतीजे का अपहरण कर लिया ।हालाकि यह पहला मामला नहीं है इससे पूर्व भी देश में रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटनाएं उजागर होती रहती है । दरअसल अररिया के जोकीहाट में एक भाई ने अपने की भाई के बेटे का अपहरण कर लिया और फिरौती की मांग करने लगा।






    हालांकि अररिया पुलिस ने कुशलता का परिचय देते हुए अपहृत बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है। मालूम हो कि रुपए की लालच में अपने 6 वर्षीय भतीजे का अपहरण 2 फरवरी को कर लिया गया था। 3 फरवरी को अपहरण करने वालों ने फोन कर 40 लाख रुपये की मांग परिजनों से रखी । फिरौती की राशि 2 लाख रुपये में तय हुई और 4 फरवरी को अपहरणकर्ताओं को 2 लाख रुपये फिरौती देकर बच्चा घर आ गया।  पुलिस सिविल ड्रेस में अपहरण कर्ताओं पर नजर रखे हुए थी और पुलिस ने छापेमारी कर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया । अपहृत बच्चे के पिता चंदन कुमार ने बताया कि मेरा भाई ऐसा करेगा यकीन नहीं हो रहा है। उन्होंने बताया कि मेरी भाई से कोई दुश्मनी भी नहीं थी।






    वहीं इस पूरे मामले में एसपी श्री हृदयकान्त ने बताया कि 2 फरवरी को बच्चे का अपहरण हुआ। उसी दिन मामला दर्ज कर लिया गया और 3 फरवरी से फिरौती के लिए फोन आना शुरू हो गया। इसलिए नाटकीय तरीके से अपहरणकर्ताओं को खुट्टी चौक पर रुपये देने दिया दिया गया और जैसे बच्चे की सकुशल बरामदगी हुई वैसे सादे लिवाज में तैनात पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी। एसपी श्री हृदय कांत ने बताया कि फिरौती की रकम से 1,86,500 रुपये के साथ मोबाइल सिम,और एक बाइक को जब्त किया गया वहीं आरोपी भाई समेत 5 अपहरणकर्ताओं को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।






  • अररिया :चावल व्यवसाई की हत्या के आरोप में पुलिस ने तीन अभियुक्तों को किया गिरफ्तार

    अररिया /संवादाता

    ज़िले के फारबिसगंज बथनाहा थाना क्षेत्र के सोनापुर में चावल व्यवसाई की लूट के दौरान हत्या मामले में पुलिस ने 3 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है । गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से पुलिस ने लुटे हुए रुपए और पिस्टल भी बरामद किया है. एसपी अररिया हृदय कांत ने पत्रकार वार्ता के दौरान जानकारी देते हुए कहा कि बालूगंज के पास से तकादा कर वापस लौट रहे हैं. चावल व्यवसाय अमन कुमार गुप्ता और अभिषेक कुमार गुप्ता को गोली मार दी थी

    उन्होंने कहा कि अपराधियों ने रुपया भी लूट लिया था । जिसमें एक व्यवसाय की इलाज के दौरान मौत हो गई. वहीं, दूसरे को गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया. इस मामले से अररिया पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई जानकारी देते हुए अररिया एसपी हृदयकांत द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए बताया कि इस कांड मामले में नीरज कुमार राय अभय कुमार विश्वास और ओलाईंर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

    पुलिस ने उसके पास से एक देशी कट्टा पिस्टल सहित जिंदा कारतूस नेपाली रुपये 76 हजार, भारतीय रुपया लगभग से 37 हजार दो सौ नब्बे रुपया बरामद किया हैं। पुलिस ने दो मोटरसाइकिल, एक पल्सर , एक होंडा शाइन भी बरामद किया है. आप को बता दें कि कल देर शाम तक अमन कुमार गुप्ता जो चावल व्यवसाई है वो अपना तगादा करके रुपया लेकर अपने स्टाफ के साथ आ रहे थे. उनमें उनमें से अमन कुमार गुप्ता और उनके स्टाफ को अपराधियों ने गोली मार दी थी जिसमें अमन कुमार की की मौत हो गई थी पुलिस उसके बाद एसपी के निर्देश पर विशेष छापेमारी अभियान चला अभियुक्त को गिरफ्तार कर सफलता पुलिस को हासिल किया.

  • अररिया :सड़क हादसे में मामा भांजे की मौत,गांव में पसरा मातम

    अररिया /संवादाता

    अररिया के जोकीहाट थाना क्षेत्र के भगवानपुर मुसहरी टोला के पास एक ट्रक ने बाइक सवार दो युवकों को कुचल दिया जिससे बाइक पर सवार दोनों युवकों की मौत मौके पर ही हो गई ।

    परिजनों ने बताया कि दोनों ही मृतक प्रमोद यादव और पिंटू यादव मामा और भांजे थे और दोनों ही बाइक से अपने घर गैरकी से अररिया होटल में काम करने आ रहे थे तभी रास्ते में मुसहरी टोला के पास ट्रक की चपेट में आ गए और इस हादसे में दोनों की दर्दनाक मौत हो गई ।






    घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने हंगामा भी किया घटना की सूचना पर जोकीहाट और बैरगाछी पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर किसी तरह मामले को शांत करवाया और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अररिया भेज दिया है और मामले की जांच में जुट गई है ।घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया है वहीं परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है ।






  • अररिया :उत्पाद विभाग ने विदेशी शराब के साथ दो लोगो को किया गिरफ्तार ,भेजे गए जेल

    अररिया /संवादाता

    अररिया के जहानपुर टोल प्लाजा के नजदीक एक कार से उत्पाद विभाग की टीम ने 131 लीटर विदेशी शराब के साथ दो लोगों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल किया है।






    उत्पाद विभाग के इंस्पेक्टर संजीत कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि शराब से बंगाल की बड़ी खेप अररिया होकर जा रही है जिसके बाद टोल प्लाजा के पास सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया ।

    जिसमें बहादुरगंज की तरफ से आ रही एक कार को रोककर जब उसकी जांच की गई तो उस कार में भारी मात्रा में विदेशी शराब जो 131 लीटर है को बरामद किया गया और इस मामले में बंगाल के दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है टीम ने आवश्यक पूछताछ के बाद दोनों ही गिरफ्तार व्यक्तियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है ।






  • बिहार :तस्करी के 16 ऊंटों को पुलिस ने किया जप्त,एसडीपीओ पुष्कर कुमार ने दी जानकारी

    अररिया/संवादाता

    अररिया पुलिस द्वारा ऊंट तस्करो के खिलाफ बड़ी करवाई की गई है ।मालूम हो कि जिले के पलासी थाना के डेह टी गांव के दो अलग अलग स्थानों पर छापेमारी कर पुलिस द्वारा 16 ऊंट को जप्त किया गया है। एसडीपीओ पुष्कर कुमार ने बताया कि एक गैर सरकारी संगठन द्वारा ऊंट के तस्करी की सूचना मिली थी जिसके बाद करवाई की गई है ।

    उन्होंने बताया कि ऊंटों को राजस्थान से लाया गया था और इसकी तस्करी की जा रही थी ऊट प्रतिबंधित जानवर है राजस्थान से बाहर नहीं ले जाया जा सकता है । प्राथमिकी दर्ज की गई है और अग्रतर करवाई की जा रही है ।

  • बिहार : दवा व्यवसाई को अपराधियों ने मारी गोली ,मौत के बाद लोग आक्रोशित

    अररिया /संवादाता

    अररिया जिले के फारबिसगंज शहर के दवा व्यवसायी जनता मेडिकल के मालिक पवन केडिया को अज्ञात अपराधियों ने देर शाम गोली मार दी।घटना के बाद आनन फानन में स्थानीय लोगों के द्वारा अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया जहाँ चिकित्सक द्वारा मृत घोषित कर दिया गया।

    बताया जाता है कि वे अपने स्कूटी घर जा रहे थे कि हथियार से लैस अपराधियों ने उन पर ताबर तोड़ गोली चला दी जो कि उसके पजरे व पेर में गोली लगी और वो वही गिर पड़े।

    घटना के बाद शहर को लोगो का भीड़ अनुमंडल अस्पताल में उमड़ पड़ा वही घटना की सूचना मिलते ही फारबिसगंज पुलिस अस्पताल पहुंच जांच में जुट गई। आक्रोशित लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे बाजी की और एसपी डीएम सहित वरीय पदाधिकारी को आने की मांग कर रहे है। घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है । डीएसपी गौतम कुमार मौके पर आक्रोशित लोगो को समझाने की कोशिश कर रहे है ।

  • अररिया :संक्रमण के 08 नये मामलों के साथ जिले में कोरोना के 53 एक्टिव मामले मौजूद ,सतर्कता जरूरी


    होम आइसोलेशन में 49 व आइसोलेशन सेंटर पर 04 मरीज इलाजरत


    जिले में अब कोरोना संक्रमण के संक्रमित हो चुके हैं 6861 लोग, 6789 हुए स्वस्थ


    अररिया /प्रतिनिधि


    जिले में कोरोना संक्रमण अभी भी जारी है. मंगलवार को संक्रमण के आठ नये मामले सामने आये हैं. इस तरह जिले में अब तक कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ कर 6861 पर जा पहुंचा है. अलग बात है कि इसमें से 6789 मरीज संक्रमण से जुड़ी चुनौतियों को मात देकर पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं. गौरतलब है कि जिले में कोरोना संक्रमण के हर दिन नये मामले सामने आ रहे हैं. लिहाजा संक्रमण की चपेट में आने का खतरा अब भी पूर्ववत बरकरार है.

    संक्रमण से बचाव को लेकर प्रशासनिक तौर पर जरूरी एहतियाती कदम उठाये जा रहे हैं. लोगों में भी इसे लेकर जागरूकता देखी जा रही है. पिछले कुछ दिनों से जिले में सार्वजनिक स्थलों पर मास्क का उपयोग सुनिश्चित कराने को लेकर सख्त प्रशासनिक कदम लगातार उठाये जा रहे हैं.


    अब तक 03 लाख 96 हजार 139 लोगों की हुई जांच
    जिले में कोरोना संबंधी जांच के लिये अब तक 03 लाख 99 हजार 276 लोगों का सैंपल लिया गया है. इसमें से 03 लाख 96 हजार 139 लोगों का रिपोर्ट प्राप्त हो चुका है. इस संबंध में जानकारी देते हुए डीपीएम रेहान असरफ ने कहा कि प्राप्त जांच नतीजों में कुल 03 लाख 89 हजार 280 लोगों का रिपोर्ट निगेटिव प्राप्त हुआ है. जांच रिपोर्ट के आधार पर अब तक जिले में 6861 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है. इसमें से 6789 लोगों के पूरी तरह स्वस्थ होने की जानकारी उन्होंने दी. जिला स्वास्थ्य समिति की रिपोर्ट के मुताबिक जांच के लिये अब तक लिये गये 1233 जेनरल सैंपल में 83 का रिपोर्ट पॉजिटिव मिला है. तो 38 हजार 505 पुल सैंपल में 1311 का रिपोर्ट पॉजिटिव मिला है. जांच के लिये 17 हजार 277 ट्रूनेट सैंपल लिये गये हैं. इसमें 989 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है. तो 03 लाख 42 हजार 261 रेपिड सैंपलों में से 4 हजार 478 का रिपोर्ट पॉजेटिव प्राप्त हुआ है.
    हर दिन औसतन तीन हजार लोगों की हो रही जांच
    डीपीएम रेहान असरफ ने बताया जिले में औसतन हर दिन तीन हजार लोगों की जांच हो रही है.

    उन्होंने कहा कि रोग को लेकर लोगों में जागरूकता आयी है. लिहाजा रोग संबंधी किसी तरह का लक्षण दिखने पर लोग कोरोना संबंधी जांच के तरजीह दे रहे हैं. उन्होंने बताया कि जिले में कोरोना संक्रमण की दर में कमी आयी है. फिलहाल जिले का पॉजेटिव रेट 1.72 है.


    जिले में फिलहाल संक्रमण के 53 एक्टिव मामले


    जिले में कोरोना एक्टिव मरीजों की संख्या फिलहाल 53 है. इसमें 49 संक्रमित होम आइसोलेशन में इलाजरत हैं. तो 04 मरीज का इलाज फारबिसगंज के डाइट सेंटर पर बनाये गये विशेष कोविड केयर अस्पताल में चल रहा है. हर दिन सामने आ रहे संक्रमण के मामलों को देखते हुए जिले में जांच की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ मास्क के उपयोग व व सोशल डिस्टेन्सिंग के प्रति लोगों को जागरूक करने की हर संभव कोशिशें की जा रही है.

    बचाव उपायों के प्रति लोगों को किया जा रहा जागरूक


    कोरोना संबंधी मामलों पर चर्चा करते हुए सिविल सर्जन रूपनारायण कुमार ने कहा कि संक्रमण से जुड़े मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर है. इसे लेकर संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिये जा रहे हैं. बहरहाल प्रथम चरण में कोरोना टीकाकरण की सफलता को लेकर भी विभागीय तौर पर जरूरी प्रयास किये जा रहे हैं. प्रथम चरण में टीकाकरण की प्रक्रिया में सभी सरकारी व गैर सरकारी चिकित्सा कर्मियों के साथ-साथ आईसीडीएस कर्मियों को शामिल करने की योजना है. इसके लिये संबंधित कर्मियों का डेटा बेस तैयार किया जा रहा है. अब तक दस हजार लोगों का डेटाबेस तैयार होने की जानकारी उन्होंने दी. उन्होंने कहा कि टीकाकरण को लेकर जिला टास्क फोर्स की बैठक में लिये गये निर्णय के आलोक में प्रखंड स्तरीय टास्क फोर्स का गठन कर जरूरी तैयारियां की जा रही है. साथ ही संक्रमण से बचाव के उपायों के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से सभी जरूरी प्रयास किये जा रहे हैं.

  • अररिया :अपनी गायिकी से लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक करने का पल्लवी ने किया सराहनीय प्रयास

    प्रसिद्ध गायिका पल्लवी ने गीत संगीत के माध्यम से वैश्विक महामारी के प्रति लोगों को किया जागरूक

    कई प्रतिष्ठित संगीत अवार्ड के साथ पल्लवी अपनी गायिकी के लिये राज्यपाल के हाथों हो चुकी हैं सम्मानित

    अररिया /प्रतिनिधि

    “हो मीत बहुत खास तो भी फासला रखें, है वक्त की पुकार यही सिलसिला रखें”. ये बोल हैं उस गीत के जिसे जिले की प्रसिद्ध गायिका पल्लवी जोशी ने अपने स्वरों में पिरोया है. वैश्विक महामारी के दौरान जब पूरा देश अपने घरों में कैद रहने के लिये मजबूर था. महामारी से बचाव को लेकर लोगों को जागरूक करने के उपायों के प्रति जब सरकार व प्रशासन अपने स्तर से हर संभव प्रयास में जुटी थी. उस मुश्किल दौर में पल्लवी ने लोगों को जागरूक करने के लिये अपने संगीत का सहारा लिया.

    उन्होंने खुद इसके लिये गीत लिखें. फिर उसे अपनी आवाज देते हुए इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिये विभिन्न सोशल साइट का सहारा लिया. पल्लवी के गाये गीत बेहद चर्चित रहें. इतना ही नहीं आम लोगों को इस महामारी के प्रति जागरूक करने के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हुए. सोशल साइट पर उनके पोस्ट को मिले लाइक, कंमेंट और व्यू से ये बात बखूबी जाहिर होता है.

    संगीत के माध्यम से महामारी के प्रति लोगों को किया जागरूक:

    जिले के रानीगंज प्रखंड निवासी पल्लवी जोशी गायिकी की दुनिया का एक चर्चित नाम है. पटना यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन के दौरान पल्लवी राज्य के तत्कालीन राज्यपाल सत्यपाल मल्लिक द्वारा गोल्ड मेडल से सम्मानित हो चुकी हैं. इसके अलावा एशियन एक्सीलेंस अवार्ड सहित अन्य कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से वे सम्मानित हो चुकी हैं. राज्य के पर्यटन मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में वह लगातार शिरकत करती रहीं हैं. वर्ष 2018 से अब तक जिले में संपन्न विभिन्न चुनावों में स्वीप अभियान के तहत संचालित मतदाता जागरूक अभियान में पल्लवी जिला आइकन की भूमिका निभाती आ रही है.

    वैश्विक महामारी के दौर में पल्लवी ने अपने संगीत के माध्यम से लोगों को इस रोग के प्रति जागरूक करने का बीड़ा उठाया. बेवजह घर से बाहर निकलने की जरूरत क्या है, मौत से आंख मिलाने की जरूरत क्या है. जीत लेंगे हम कोरोना से जंग देशवासी अगर साथ हों- ऐसे न जाने कई गानें उन्होंने इस दौर में गायें जो बेहद चर्चित रहे. इतना ही नहीं महामारी के दौरान पुलिस व चिकित्सा कर्मियों के प्रति आभार जताते हुए उन्होंने जगह-जगह इनके साथ हो रहे बदसलूकी के मामलों पर अपना मजबूत विरोध दर्ज कराया.

    टी सीरिज सहित कई एल्बम में कर चुकी हैं काम:

    पल्लवी बताती हैं कि बचपन से ही उन्हें गायिकी का शौक रहा है. उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय अररिया से पूरी की. पटना यूनिवर्सिटी से संगीत संकाय में पोस्ट ग्रेजुएशन के दौरान वह यूनिवर्सिटी टॉपर रही. इसके लिये उन्हें तत्कालीन राज्यपाल के हाथों सम्मानित किया गया. उन्होंने कहा कि वह पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमो में भाग ले चुकी हैं.

    प्रशासनिक तौर पर आयोजित कार्यक्रम में लगातार भाग लेती रहीं हैं. लोकगीत व भजन पर आधारित उन्होंने कई एल्बम में काम किया है. प्रसिद्ध म्यूजिक कंपनी टी सीरिज के लिये भी उन्हें गाने का मौका मिल चुका है. पल्लवी ने कहा कि कोरोना संकट के दौर में मास्क के उपयोग, सोशल डिस्टैंस के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिये उन्होंने घर बैठे में कई गानें गायें. जो काफी चर्चित व कारगर साबित हुए.


    सामूहिक प्रयास से हारेगा कोरोना


    पल्लवी बताती हैं कि लोगों में कोरोना का डर खत्म हो रहा है. जो बेहद चिंतनीय है. लोगों को इस महामारी की भयावहता को समझना होगा. लोगों को महामारी से खुद के व दूसरे के बचावों के बारे में जागरूक होना होगा. लोगों को चाहिये कि वह कम से कम अपने घरों से बाहर निकलें. बहुत जरूरी होने पर अगर घर से बाहर निकलना पड़ रहा है तो निश्चित रूप से मास्क का उपयोग करें. आपसी मेलजोल के वक्त शारीरिक दूरी का ध्यान रखना जरूरी है. मास्क से संक्रमण का खतरा बहुत कम हो जाता है. सामूहिक प्रयास से ही इस वैश्विक महामारी को मात दिया जा सकता है. इसके लिये हम सब को ईमानदार प्रयास करने की जरूरत है.

  • अररिया :जिले में संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने कसी कमर


    कोरोना संबंधी मामलों को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक


    संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर सिविल सर्जन ने स्वास्थ्य अधिकारियों को दिया जरूरी निर्देश

    अररिया /प्रतिनिधि


    जिले में एक बार फिर से कोरोना संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है. पहले चुनाव व बाद में पर्व-त्यौहारों के दौरान बरती गयी असावधानी के कारण यह वैश्विक महामारी फिर से जिले में अपना पांव पसारने लगा है. जिले में अब तक कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ कर 6647 हो चुकी है. तो अब तक 6554 लोग संक्रमण से पूरी तरह मुक्त हो चुके हैं.

    सिविल सर्जन रूपनारायण कुमार ने कहा हर दिन संक्रमण के नये मामले सामने आ रहे हैं. बीते सोमवार को जिले में संक्रमण के कुल 18 नये मामले सामने आयें. हालाकि मंगलवार को 3 मामले ही सामने आए हैं ।

    जिले में बढ़ते संक्रमण के मामलों को देखते हुए जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग इस पर प्रभावी तौर पर अंकुश लगाने के प्रयासों में जुट गये हैं.


    स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ जिलाधिकारी ने की बैठक


    जिले में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए बीते सोमवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में स्वास्थ्य अधिकारियों की संपन्न बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये. बैठक में जिलाधिकारी प्रशांत कुमार सीएच ने स्वास्थ्य अधिकारियों को कोरोना नियंत्रण को लेकर प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया है. इस संबंध में जानकारी देते हुए सिविल सर्जन रूपनारायण कुमार ने कहा कि जिलाधिकारी ने कोरोना संबंधी जांच के मामलों में तेजी लाने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों को चिन्हित कर उनके जांच को प्राथमिकता देने की बात बैठक में कही गयी है. साथ ही संक्रमित व्यक्ति को सभी जरूरी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश बैठक में दिया गया है.


    स्वास्थ्य विभाग ने कसी कमर अधिकारियों को दिये जरूरी निर्देश


    जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संपन्न बैठक के तत्काल बाद वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से सिविल सर्जन की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी. इसमें सभी पीएचसी के प्रभारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक सहित संबंधित अन्य अधिकारियों ने भाग लिया. इस संबंध में जानकारी देते हुए सिविल सर्जन रूपनारायण कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ हुई बैठक में कोरोना संबंधी जांच में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है. संदेहास्पद सभी लोगों को जांच के दायरे में शामिल करने के लिये अधिकारियों को निर्देशित किया गया है. इतना ही नहीं आरटीपीसीआर जांच को ज्यादा तरजीह देने की बात कही गयी है. साथ ही विभिन्न पीएचसी के माध्यम से हुई जांच को तत्काल कोविड-19 पोर्टल पर अपलोड करने व इसे लेकर बैक लॉग को खत्म करने का निर्देश दिया गया है. जांच के लिये सभी पीएचसी को अलग-अलग लक्ष्य दिये गये हैं.


    मास्क व शारीरिक दूरी संक्रमण से बचाव के लिये जरूरी


    सिविल सर्जन रूपनारायण कुमार ने कहा कि पिछले कुछ समय से मास्क लगाने व शारीरिक दूरी का ध्यान रखने के मामलों में काफी लापरवाही देखी जा रही है. जो बेहद खतरनाक साबित हो सकता है. पहले चुनाव व बाद में पर्व-त्यौहार के दौरान बरती गयी इस तरह की लापरवाही के कारण संक्रमण के मामलों में स्पष्ट वृद्धि देखी जा रही है. कारगर दवा के आने तक मास्क व शारीरिक दूरी ही संक्रमण से बचाव का प्रभावी उपाय है. लिहाजा लोगों को इसके प्रति गंभीर होना होगा. ताकि हम इस वैश्विक महामारी को करारी मात दे सकें.


    संक्रमण से बचाव के लिये करें ये उपाय
    नियमित रूप से मास्क का सेवन करें
    भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचें
    आपसी मेल-जोल के वक्त शारीरिक दूरी का ध्यान रखें
    थोड़े-थोड़े समयांतराल बाद हाथों की सफाई करें
    हाथों की सफाई के लिये साबुन व एल्कोहल युक्त सैनिटाइजर का उपयोग सुरक्षित
    सार्वजनिक जगहों पर थूकने से परहेज करें
    बार-बार अपने नाक, मूंह व आंख को छूने से परहेज करें

  • अररिया :कालाजार से बचाव के लिये जिले के चिन्हित 188 गांवों के 2.60 लाख घरों में है छिड़काव का लक्ष्य

    चिन्हित 125 गांवों के 1.89 लाख घरों में छिड़काव का कार्य संपन्न, 9.45 लाख लोग लाभान्वित ।


    कालाजार के मामलों को खत्म करने के लिये जन जागरूकता व सामूहिक भागीदारी जरूरी

    अररिया /प्रतिनिधि


    जिले में कालाजार के मामलों को खत्म करने के लिये स्वास्थ्य विभाग गंभीर है. इसके लिये हर स्तर पर जरूरी प्रयास किये जा रहे हैं. कालाजार का संक्रमण बालू मक्खी के काटने से होता है. इसके मुख्य लक्षणों में बुखार, वजन घटना, थकान, एनीमिया, लीवर व प्लीहा में सूजन शामिल हैं. पिछले कुल सालों से जिले में कालाजार के मामलों में कमी आयी है. जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ अजय सिंह ने बताया वर्ष 2019 में जहां जिले में कालाजार के कुल 83 मामले सामने आये थे तथा वर्ष 2020 में अब तक रोग के कुल 70 मामले सामने आ चुके हैं.

    कालाजार से बचाव को लेकर हर साल स्वास्थ्य विभाग द्वारा अलग-अलग चरणों में एसपी दवा का छिड़काव किया जाता है. ताकि रोग के कारक बालू मक्खी को मारा जा सके. जिले में छिड़काव का कार्य बीते 15 सितंबर से ही शुरू है. अब तक निर्धारित लक्ष्य की तुलना में 66.48 प्रतिशत छिड़काव का कार्य पूरा किया जा चुका है.


    जिले के चिन्हित 188 गांवों में है छिड़काव का लक्ष्य
    डॉ अजय सिंह ने बताया वर्ष 2020 में रोग के लिहाज से संवेदनशील जिले के चिन्हित 188 गांवों में दवा के छिड़काव का लक्ष्य रखा गया है. लक्ष्य के मुताबिक कुल 02 लाख 60 हजार 594 घरों में छिड़काव का कार्य संपन्न कराया जाना है. इसमें 125 गांवों में छिड़काव का कार्य संपन्न हो चुका है.

    अब तक 01 लाख 89 हजार 92 घरों में छिड़काव संपन्न हो चुका है. निर्धारित लक्ष्य के आधार पर इस बार छिड़काव से जिले के कुल 12 लाख 95 हजार 200 लोग लाभान्वित होंगे. इसमें 09 लाख 45 हजार 460 लोगों तक इसका लाभ उपलब्ध करा दिया गया है.


    कालाजार से बचाव के लिये एसपी दवा का होता है छिड़काव


    कालाजार संक्रमण के लिहाज से जिले का रानीगंज प्रखंड व फारबिसगंज प्रखंड के थरिया बखिया बेहद संवदनशील माना जा रहा है. हाल के दिनों में कालाजार के सबसे अधिक मामले इन्हीं जगहों से सामने आये हैं. लिहाजा वहां कालाजार से बचाव व इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिहाज से विशेष अभियान का संचालन किया जा रहा है. जिला वीवीडी कंस्लटेंट सुरेंद्र बाबू ने बताया कि कालाजार के कारक बालू मक्खी को मारने के लिये एसपी दवा सिंथेटिक पाराथेराइड का छिड़काव किया जाता है. इसके लिये छिड़काव कर्मियों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है. दवा के छिड़काव के लिये खास कर उन गांवों को चिन्हित किया गया है. जो पहले से कालाजार से प्रभावित रहे हैं.


    गरीब व कमजोर वर्ग के लोग होते हैं ज्यादा प्रभावित
    कालाजार का संक्रमण बालू मक्खी के काटने से होता है. समय पर इसका इलाज नहीं हो तो ये रोगी के मौत का कारण बन सकता है. संक्रमित मादा बालू मक्खियां इस रोग के जीवाणु को मनुष्यों तक पहुंचाती है. ये मक्खियां आमतौर पर ग्रामीण वातावरण में पनपती है. जहां घर की दीवारें व र्फश मिट्टी के होते हैं. जहां लोगों के आवास के पास मवेशियों का बसेरा होता है. इसलिये बीमारी से ज्यादातर गरीब व कमजोर वर्ग के लोगों प्रभावित होते हैं. बालू मक्खी के काटने के काफी समय पर रोग के लक्षण उजागर होते हैं. इसलिये अभियान के तहत लंबे समय से बुखार पीड़ित, भूख की कमी व पेट में सूजन जैसे लक्षण वाले रोगियों की पहचान कर उनके इलाज को प्राथमिकता दी जाती है. रोग की पहचान के लिये आरके 39 किट से जांच में रोग की पहचान होने पर सिंगलडोज मेडिसीन से इसका उपचार किया जाता है. साथ ही केंद्र व राज्य सरकारें मरीजों को अपने स्तर से आर्थिक मदद भी उपलब्ध कराती है.


    रोगियों की खोज कर उनका उपचार कराना विभाग की प्राथमिकता


    सिविल सर्जन रूपनारायण कुमार ने कहा कि कालाजार के एक भी मरीज अगर इलाज से वंचित रह जाते हैं तो वे अगल बगल के लोगों के लिये घातक साबित हो सकते हैं. यह एक संक्रामक रोग है. इसलिये एक-एक मरीज को खोज कर उनका उपचार कराने पर स्वास्थ्य विभाग का पूरा ध्यान होता है. रोग से बचाव के लिये लोगों का जागरूक होना भी बेहद जरूरी है.