किशनगंज : टेढ़ागाछ में रतुआ नदी का प्रकोप जारी ,कटाव से आधा दर्जन घर नदी में विलीन

किशनगंज/विजय कुमार साह

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

धापर टोला में 07 घर नदी में विलीन बेघर हुए लोग

झुनकी मुशहरा पंचायत अंतर्गत वार्ड नंबर 01 स्थित धापर टोला में शनिवार को 07 लोगों का घर रेतुआ नदी में कटकर विलीन हो गया। ज्ञात हो कि यहां पूर्व में भी दर्जनों लोगों का घर नदी में कटकर विलीन हो गया है। इस वर्ष भी जुलाई में चार घर नदी में कटकर विलीन हो गया। स्थानीय लोगों ने बताया वे पच्चास वर्षों से इसी गांव में रहकर गुजर-बसर करते आ रहे हैं। जीवन भर की कमाई इसी गांव में जमीन खरीदने व घर बनाने एवं उस पर गुजर-बसर करने में उन्होंने खर्च की है।

अब उनके आंखों के सामने बारी-बारी से बना बनाया घर रेतुआ नदी में विलीन हो रहा है और वह कुछ नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने बताया वह बार-बार स्थानीय विधायक तौसीफ आलम एवं टेढ़ागाछ सीओ से मिल कर लिखित आवेदन देकर कटावरोधी कार्य कराने की मांग की, लेकिन अब तक कोई ध्यान नहीं दिया। जिसके कारण धापर टोला रेतुआ नदी के कटाव का शिकार हो रहा है।

पीड़ित परिवारों में गुलाम आलम, शकील आलम, सुलेमान आलम, मंगला आलम, मंजूर आलम, मोमिना खातून,अलिमन निशा ने बताया उनका घर शनिवार को रेतुआ नदी में कटकर विलीन हो गया और वह बेघर हो गए हैं। उन्होंने बताया प्रशासन समय रहते यहां कटावरोधी कार्य करती तो शायद वे बेघर नहीं होते। अब ऊपर वाला ही उनका रक्षक है।

यहाँ तो प्रशासन के लोग कटाव से बचाव करने के बजाय घर नदी में कटने का इंतजार करते हैं और जब घर कट जाती है तो राहत सामग्री के नाम पर ढाई किलो चूड़ा, 1 किलो चना, आधा किलोग्राम गुड़ एवं प्लास्टिक देने पहुंच जाती है।कुछ ऐसा ही यहाँ के गद्दावर नेता एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि करते हैं।ये सबके सब चुड़ा चना गुड़ एवं प्लास्टिक से आगे की सोच नहीं रखते।जिसके कारण टेढ़ागाछ में गाँव का गाँव रेतुआ नदी के गर्भ में समाती जा रही है।