बिहार में फुट रहा है कोरोना बम 37 जिले आए महामारी के चपेट में ।

रविवार को बिहार के 38 में से 37 जिले कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। राज्‍य का केवल जमुई जिला ही इस महामारी से बचा हुआ है। जैसे जैसे आप्रवासियों का अागमन हो रहा है वैसे वैसे

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राज्‍य में कोरोना के नए मामलों में वृद्धि हो रही है। रविवार को 42 नए मामलों के मिलने से हड़कम्‍प मच गया है। इसके साथ राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या 653 हो गई है। वहीं, कुल 330 संक्रमितों ने कोरोना को पराजित करने में सफलता हासिल की है।

रविवार को 42 नए मामले मिलने से मचा हड़कंप ।

स्‍वास्‍थ्‍य विभाग द्वारा र जारी कोराना की पहली रिपोर्ट के अनुसार सहरसा व मधेपुरा से सात-सात नए मामले मिले हैं। दरभंगा से दो लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।जबकि बेगूसराय व अररिया से भी एक-एक मरीज मिले हैं। दोपहर बाद आई रिपोर्ट में किशनगंज से आठ तथा अरवल से चार पॉजिटिव मामले मिले। लंबे समय बाद गया से भी दो नए मामले सामने आए। राजधानी पटना के तीन संक्रमित भी मिले। जबकि तीसरे अपडेट में पूर्वी चंपारण से चार तो मुजफ्फरपुर तीन की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इस तरह से आज 42 मामले सामने आ चुके हैं।

क्यो बढ़ रहे है मामले

मालूम हो कि बीमारी के शुरुआती दौर में जहां देश के बड़े शहरों में मरीजों के संक्रमण का मामला सामने आ रहा था वहीं अब बिहार में भी तेजी से पांव पसारने लगा है ।दरअसल बड़े पैमाने पर देश के अन्य राज्यो से अप्रवासी मजदूर अपने अपने घर रेलगाड़ी के माध्यम से पहुंच रहे है ।जिसके बाद नए मामले में बढ़ोतरी हो रही है ।आने वाले समय में संख्या में यदि और बढ़ोतरी होती है तो संसाधन विहीन बिहार में महामारी को संभालना मुश्किल हो जाएगा ।राज्य सरकार विपक्ष के दबाव में अप्रवासियों को ला तो रही है लेकिन छात्रों को सपथ पत्र भरवा कर उन्हें घर भेज दिया जा रहा है इससे सवाल खड़े हो रहे है । सरकार को बाहर से आने वालो की समुचित व्यवस्था करनी होगी तभी मरीजों के संख्या में बढ़ोतरी को रोका जा सकता है ।