किशनगंज :टेढ़ागाछ में जर्जर पुल पर ओवर लोडेड ट्रक के परिचालन से खतरा,ग्रामीणों ने की रोक लगाने की मांग

किशनगंज /विजय कुमार साह

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टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र में धड़ल्ले से ओवर लोडिंग ट्रकों की परिचालन हो रही है। बालू ,बेडमिशाली और गिट्टी लदी ओवरलोडेड ट्रकों के परिचालन से ग्रामीण सड़क,पुल, पुलिया व कलवर्ट जर्जर हो गयी है।ज्ञात हो कि टेढ़ागाछ प्रखंड मुख्यालय स्थित जर्जर कलवर्ट पर भारी वाहनों के परिचालन से बढ़ती खतरे की संभावना से जिला पदाधिकारी डॉ आदित्य प्रकाश द्वारा स्थानीय प्रशासन को अलर्ट किया है।फिर भी भारी वाहनों व ओवरलोडेड ट्रकों के परिचालन पर रोक लगाने में उदासीनता बरत रहें हैं।

जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण रोजाना दर्जनों ओवरलोड ट्रकें टेढ़ागाछ  बहादुरगंज पथ पर स्थित जर्जर कलवर्ट होकर गुजरती है। सूत्रों का कहना है ओवरलोडिंग के धंधे से जुड़े कुछ लोग इंट्री लेकर जिले से ओवरलोड ट्रकों को पास करा रहे हैं। तमाम पुलिस थानों और चौकियों के सामने से गुजरने वाले इन ओवरलोड ट्रकों पर भी पुलिस की नजर नहीं पड़ रही है।

सूत्र बताते हैं कि जिले में प्रति दिन ओवरलोड ट्रकों के खेल से जुड़े लोग एक दिन में लाखों रुपये की कमाई कर रहे हैं। ओवरलोड पर प्रशासन की उदासीनता से शाम को अंधेरा होने के बाद जिला के मुख्य मार्ग से होते हुए टेढ़ागाछ प्रखंड की ओर आने वाले मार्ग पर ओवरलोड बालू के ट्रकों का जो तांता लगता है, वह तड़के तक जारी रहता है।भारी वाहनों में गिट्टी लदे ट्रक भी शामिल हो जाते हैं।

इन ट्रकों पर गिट्टी और बालू की इतनी ज्यादा ओवरलोडिंग रहती है, कि चढ़ाई चढ़ने में भी ट्रक हांफ जाती है। 10 से 15 की स्पीड में रेंगते हुए किसी तरह  चढ़ाई चढ़ पाती है। जानकार सूत्रों के अनुसार यदि बालू और गिट्टी के लोडिंग स्थलों से ही ओवरलोड पर सख्ती से रोक लगाई जाए तो यह नौबत नहीं आएगी।सोमवार को टेढ़ागाछ प्रखंड मुख्यालय के पास टेढ़ागाछ में क्षतिग्रस्त कलवर्ट के ऊपर से ओवर लोडेड ट्रकों की धड़ल्ले से आवाजाही होते स्थानीय ग्रामीणों ने जिला पदाधिकारी का ध्यान आकृष्ट किया है।उन्होंने जर्जर कलवर्ट से ओवर लेडेड ट्रकों व भारी वाहनों को रोकने के लिए बेरियर लगवाने की मांग की है।