बिहार /बक्सर
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जिले के ब्रह्मपुर-रघुनाथपुर रोड में स्थित एक निजी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान महिला एवं उसके बच्चे की मौत हो गई। वही परिजनों के द्वारा हॉस्पिटल पर हंगामा शुरू कर दिया गया। बाद में जब इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को मिली तो प्रशिक्षु डीएसपी सह प्रभारी थानाध्यक्ष कमलेश कुमार सदल बल के साथ मौके पर पहुँचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बक्सर भेज दिया. इस दौरान पुलिस के समझाने पर परिजन शांत हो गए।
इस घटना के संदर्भ में मिली जानकारी के मुताबिक रघुनाथपुर रोड में साई हॉस्पिटल है जिसका संचालक सह मुख्य चिकित्सक मुन्ना अंसारी है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक उसके पास मेडिकल का कोई मान्यता प्राप्त डिग्री नही है बावजूद वह निजी हॉस्पिटल चलाता है। लोगों का कहना है कि इससे पहले भी वह विभिन्न चिकित्सा गड़बड़ी मामलों में जेल जा चुका है। बताया जाता हैं कि ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र के निमेज गाँव निवासी गोरख यादव के पुत्र विक्रमा यादव की पत्नी का डिलीवरी के लिए साई हॉस्पिटल में इलाज किया जा रहा था इस दौरान महिला एवं बच्चे की गलत इलाज के चलते मौत हो गई।
वही इस घटना की पुष्टि करते हुए प्रभारी थानाध्यक्ष कमलेश कुमार ने कहा कि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई हैं. फिलहाल, हॉस्पिटल के सभी चिकित्सक और स्टाफ मौके से फरार हो चुके है इसलिए किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि प्रसव के दौरान निमेज गांव की एक महिला की मौत हुई हैं।
बहरहाल, फर्जी डिग्री वाले झोलाछाप डॉक्टरों की बक्सर जिले में भरमार है जिससे कि मरीजों की जान की खतरा हमेशा बनी रहती है। इस पर जिला प्रशासन को सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।