बंगाल :भारत नेपाल सीमा खोलने की मांग को लेकर व्यवसायियों ने किया प्रदर्शन

खोरीबाड़ी /चंदन मंडल

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भारत नेपाल सीमा खोलने की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों द्वारा आंदोलन किया जा रहा है. इसी कड़ी में रविवार को पानीटंकी व्यवसाय समिति की ओर से भारत नेपाल के काकरभिट्ठा पूल को खोलने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नेपाल सरकार को जमकर कोसा . प्रदर्शनकारियों ने कहा पानीटंकी भारत-नेपाल की सीमा से सटा हुआ है.

इन क्षेत्रों में रहने वाले हजारों लोग रोजी रोटी के लिए नेपाल पर निर्भर है तो वहीं बड़ी संख्या में नेपाली नागरिक भी हाट बाजार करने भारतीय इलाकों में आते है .लेकिन कोरो ना कि वजह से सीमा सील हुई तो 9 महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद अभी तक नहीं खुली है .जिससे ना सिर्फ रोजी रोटी बल्कि रिश्तों में भी दूरियां बढ़ी है .

प्रदर्शनकारियों का कहना है की जब भारत सरकार ने अपनी सीमा खोल दिया है तो नेपाल सरकार को भी खोल देना चाहिए ताकि अपने रिश्तेदारों से खुल कर मिल सके और रोजगार के लिए भी आवागमन हो सके .लेकिन नेपाल सरकार द्वारा किसी तरह की कोई सूचना बॉर्डर खुलने को लेकर नहीं दी जा रही है . जिससे परेशानी और बढ़ रही है .प्रदर्शकारियों ने बताया कि भारत नेपाल सीमा बंद हुए इतने दिन हो गए क्या नेपाल सरकार कुछ सरकारी गाइडलाइंस जारी करके बॉर्डर नहीं खोली सकती है ?

क्योंकि सीमावर्ती इलाकों के लोगों की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है. सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों का नेपाल से ही रोजी रोटी चलता है . अब अगर बॉर्डर नहीं खुली तो लोगों को भूखे मरने की नौबत आ जाएगी. आगे प्रदर्शनकारियों ने कहा काकरभिट्ठा पूल जबतक नहीं खुलेगी तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा. इस मौके पर पानीटंकी व्यवसाय समिति के अध्यक्ष विदुभूषन बर्मन , संपादक होमनाथ सिंह , दीपक चक्रवर्ती व रामकुमार क्षेत्री सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे. बताते चलें कि भारत नेपाल सीमा से आवाजाही बंद हुए 9 महीने से भी ज्यादा वक्त हो गए हैं.

कोरोना के कारण सीमा पर आवाजाही ठप है. लोगों के बीच दूरी बनी हुई है , भारत – नेपाल में रह रहे रिश्तेदारों को मिलने जुलने में परेशानी हो रही है. सीमावर्ती इलाके और नेपाल में जिन भारतीयों का व्यापार है उनकी दिक्कतें बढ़ी है. उनका व्यापार कोरोना वायरस को लेकर ठप है. इधर सीमा पर आवाजाही ठप होने से बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्र पानीटंकी बाजार सुनसान है . साथ ही शिक्षा , होटल व्यवसाय क्षेत्र को भारी नुकसान हो रहा है . वहीं नेपाल के बिर्तामोड़ स्तिथ भारतीय ग्राहकों पर आश्रित आंख अस्पताल सहित कई पर्यटक स्थल सुनसान है. सीमा सील रहने के कारण , बेटी- रोटी के सम्बंध पर भी प्रभाव साफ साफ दिख रहा है .