कोटा /एजेंसी
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!राजस्थान के कोटा से एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहा दादा दादी ने पोता संक्रमित ना हो जाए इसके लिए ट्रेन के सामने कूद कर आत्म हत्या कर ली । पुलिस ने बताया कि हीरालाल बैरवा (75 वर्ष) और उनकी पत्नी शांतिबाई (70 वर्ष) अपने 18 साल के पोते और बहू के साथ शहर के पुरोहित जी की टपरी इलाके में रहते थे. उनके बेटे की आठ साल पहले ही मौत हो चुकी है.
रेलवे कालोनी थाने के उपनिरीक्षक (एसआई) रमेश चंद शर्मा ने बताया कि बुजुर्ग दंपति के 29 अप्रैल को संक्रमित होने की पुष्टि हुई और उसके बाद से दोनों घर में ही क्वारंटीन थे.दोनों ने रविवार की सुबह चंबल ओवरब्रिज के पास रेलवे लाइन पर दिल्ली-मुंबई अप ट्रैक पर ट्रेन के सामने छलांग लगा दी.
एसआई श्री शर्मा ने बताया कि सीआरपीसी की धारा 174 (अप्राकृतिक मौत) के तहत केस दर्ज कर लिया गया है और शवों को कोविड 19 प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार के लिए दिया गया था.उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच में पता चला है कि बुजुर्ग दंपति को डर था उनका इकलौता पोता और परिवार के अन्य सदस्य उनकी वजह से वायरस की चपेट में आ जाएंगे. दोनों रविवार सुबह घर से निकले थे और यह भयावह कदम उठा लिया.