बिहार :रालोसपा संस्थापक उपेन्द्र कुशवाहा को बड़ा झटका,जदयू में विलय से पहले पूरी पार्टी हुई आरजेडी में शामिल ,तेजस्वी ने कहा प्रदेश की राजनीति में यह बड़ा बदलाव है

बिहार /पटना

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14 मार्च को रालोसपा का होना था जदयू में विलय

राष्ट्रीय लोक समता दल (रालोसपा) का विलय जदयू में करने से पहले पार्टी अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को बड़ा झटका लगा है। रालोसपा के प्रभारी प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र कुशवाहा सहित बिहार झारखंड के तमाम पदाधिकारी तेजस्वी यादव की मौजूदगी में आज राजद में शामिल हो गए हैं। 

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी की मौजूदगी में राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने रालोसपा के लगभग तीन दर्जन नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर तेजस्वी ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा जी को छोड़कर पूरी पार्टी का राजद में विलय हो गया। बता दे की 14 मार्च को रालोसपा का जदयू में विलय होना था ।

लेकिन उससे पहले ही प्रधान महासचिव निर्मल कुशवाहा, प्रदेश महिला अध्यक्ष मधु मंजरी, झारखंड के पूर्व RLSP अध्यक्ष विजय महतो के अलावा कई जिला के जिला अध्यक्ष समेत दर्जनों नेता राजद में  शामिल हो गए ।प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र कुशवाहा ने आरजेडी में शामिल होने के बाद कहा कि पार्टी का निर्माण 2009 में गांधी मैदान में हुआ और  नीतीश कुमार  को गद्दी से हटाने का  निर्णय लिया गया था ।लेकिन दुबारा उपेन्द्र कुशवाहा ने नीतीश के साथ जाने का  फैसला लिया जो की हमे स्वीकार नहीं है ।






इसलिए पार्टी के आरजेडी में विलय का  निर्णय लिया है । वीरेंद्र कुशवाहा ने कहा  हम लोग उपेंद्र कुशवाहा को पार्टी से निष्कासित करते हैं ।मालूम हो कि विधान सभा चुनाव में उपेन्द्र कुशवाहा ने एआईएमआईएम और बीएसपी से गठबंधन किया था और रालोसपा को एक भी सीट पर सफलता नहीं मिली थी ।उसके बाद से ही वो दुबारा जदयू में शामिल होने के प्रयास में जुटे थे लेकिन उससे पहले ही आज उन्हें उनके ही नेताओ ने झटका दे दिया ।वहीं तेजस्वी यादव ने कहा कि उपेन्द्र कुशवाहा अब अकेले रह गए हैं उनकी पार्टी अब राजद का हिस्सा बन गई है ।तेजस्वी यादव ने कहा प्रदेश कि राजनीति में यह बड़ा बदलाव है ।