नो मेंस लेंड होकर गुजरने पर मजबुर है ग्रामीण ।

किशनगंज /दिघलबैंक

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जिले के दिघलबैंक प्रखंड क्षेत्र के सिंघीमारी पंचायत अंर्तगत बलवाडांगी जाने वाली कच्ची सड़क पर एक दशक से मरम्मती नहीं होने से सीमावर्ती गावों के लोगों को नो मेंस लेंड से होकर गुजरना पड़ता रहा है।

दिघलबैंक प्रखंड मुख्यालय से करीब 20 किमी दूर कनकई नदी पार सीमावर्ती बलवाडांगी गांव के लोगों को सड़क के अभाव में पगडंडी रास्तों से सहारे चलने को मजबूर होना पर रहा है। बलवाडांगी गांव निवासी मदन मोहन सिंह,भद्र लाल सिंह,डोरा लाल सिंह,पांडव लाल आदि बतातें है पिछले एक दशक पहले पलसा गांव से करीब 2 किमी सड़क पर मिट्टीकरण का काम हुआ था।

आज सड़क के नाम एक सिर्फ पुलिया देखने को मिलेगा जो कभी सड़क हुआ करती थी इस बात की गवाह है। ग्रामीण बताया कि 2017 में आयी बाढ़ से एक पुलिया के साथ पूरी सड़क को पानी अपने साथ वहा ले गया। तभी से सड़क के अभाव में पगडंडियों के रास्ते चलने या गांव से सटे नों मेंस लेंड से होकर मजबूर होना पड़ता है।

ग्रामीणों की मानें तो जिससे चलते कभी कभी सुरक्षा एजेंसियों से फटकार भी सुननी पड़ती हैं। ग्रामीण बतातें है कि गांव की इसी टूटी फूटी सड़क से पड़ोस के मंदिर टोला को मिलाकर करीब एक हजार की आबादी के बीच से छोटे छोटे बच्चे प्राथमिक विद्यालय बैजनाथ पलसा एवं गांव की आंगनबाड़ी सेंटर तक पहुँचते हैं के बाबजूद भी सड़क का मरम्मती नहीं होना शायद यही विकास की पोल खोलने के लिए काफी है।