बिहार में भगवान शिव के महाकाल रूप की पूजा का एक मात्र मन्दिर ।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!देश ही नहीं विदेशों से भी आते है श्रद्धालु ।
राजेश दुबे
किशनगंज जिले में स्थित बाबा महाकाल के मंदिर में होती है भक्तों की मुरादे पूरी । मालूम हो के जिले के सदर थाना क्षेत्र स्थित रूईधासा में बाबा महाकाल का मंदिर है । बिहार में भगवान महाकाल का एक मात्र मंदिर है जहां भगवान शिव के महाकाल रूप की पूजा होती है । मान्यता के अनुसार महाकाल कालों के काल हैं और सभी का कष्ट हरने वाले हैं । मंदिर के पुजारी साकेत बाबा ने बताया कि पिछले चार दशक से वो बाबा महाकाल की पूजा करते हैं और हर आने वाले भक्तों की मनोकामना यहां जरूर पूर्ण होती है ।मंदिर में साल भर श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहता है ,और साल में सावन महीने में विशेष पूजा अर्चना यहां की जाती है । साकेत बाबा ने बताया के श्रद्धा भाव और मनमें विश्वास लेकर बाबा महाकाल के चरण में जो भी भक्त आते हैं बाबा उनकी पुकार जरूर सुनते हैं और उनकी मुरादें पूर्ण होती हैं । मालूम हो कि हिंदुस्तान में उज्जैन में महाकाल भगवान का मंदिर है । इस मंदिर में बिहार ही नहीं बल्कि देश के कोने कोने से भक्त समय-समय पर पहुंचते हैं और उनकी मनोकामना पूर्ण हो बाबा से भक्त प्रार्थना करते हैं यही नहीं नेपाल से भी बड़े पैमाने पर श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और पूजा अर्चना करते हैं ।सालाना आयोजित होने वाले वार्षिक पूजा में गौहाटी आसाम स्थित मां कामाख्या शक्तिपीठ पीठ से पुरोहितों का आगमन होता है और विशेष पूजा अर्चना की जाती है ।भगवान महाकाल की मूर्ति आकर्षण का केंद्र है और देखने पर ऐसा महसूस होता है कि भगवान साक्षात यहां विराज मान है ।