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  • किशनगंज :ग्राम रक्षा दल सदस्यों ने जिला पदाधिकारी से चुनाव ड्यूटी के लिए प्रदेश कार्यालय को पत्र लिखने हेतु  किया मांग 

    किशनगंज /विजय कुमार साह

     बिहार ग्राम रक्षा दल के जिला अध्यक्ष श्री लक्ष्मी नारायण सिंह जिला महामंत्री उदय कुमार सिंह जिला सचिव पांडव लाल मंडल ने बताया कि बिहार ग्राम रक्षा दल के जवानों को मतदान में बूथ , सामान्य   ड्यूटी कार्य में लेने के लिए जिला पदाधिकारी से अनुमति चाहते है ।

    जिला अध्यक्ष ने कहा कि हम सभी जवानों को पंचायत एवं प्रखंड जिला स्तर पर  अपनी विभाग के द्वारा जिला अधिकारी के नाम से पत्र भेजा जाए या अवगत कराया जाए ।नेताओ ने कहा की  11 सूत्री मांग को लेकर कई बार सरकार के संज्ञान में पत्र सौंपा गया है ।

    लेकिन इस बीच  लोक डाउन हो गया था कोविड-19 कोरोना वायरस जैसी महामारी में भी 90 दिनों तक हम लोगों ने अपनी जान को जोखिम में डालकर के भी ड्यूटी में तैनात रहे हार नहीं माने और बिहार सरकार एवं भारत सरकार के अधिनियम का पालन करते हुए अब तक भी नहीं थके हैं ।

    ग्राम रक्षा दल संघ किशनगंज के जिला अध्यक्ष श्री लक्ष्मी नारायण सिंह कहा गया कि वर्ष   1992 से अब तक कार्य में है जिला से प्रखंड एवं ग्राम पंचायत ग्राम कचहरी तक लगे रहे  रजिस्ट्रेशन संख्या 7183 दिनांक 2107 1972 के कार्य में हूं  ।

    बिहार ग्राम रक्षा दल पत्रांक 3753 27 02 1981 धारा 2467 के तहत पंचायती राज विभाग अधिनियम 4 दस्तों में कार्य का विभाजन किया गया है ग्राम रक्षा दल को ग्राम पंचायत के सामान्य विषय आदेश के अधिनियम में रहे हुए प्रत्येक सदस्यों को निम्नलिखित समस्त कर्तव्य का पालन करते आ रहे हैं और अचार संहिता  लागू होने से पूर्व आश्वासन मिला था ।

    उन्होंने कहा कि सरकार नियुक्ति एवं प्रमाण पत्र आवश्य  दे देगी उन्हें विश्वास है । लेकिन अभी भी लोकतंत्र में आस्थावान  व्यक्ति भी डगमगाने लगे हैं इसलिए पत्र निर्गत होने के बाद ही वो ड्यूटी करेंगे ।

  • किशनगंज :वेतन भुगतान की मांग को लेकर शिक्षकों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

    किशनगंज/इरफान

    पोठिया प्रखंड अन्तर्गत में किशनगंज- प्लस टू अतिथि शिक्षकों का एक शिष्टमंडल जिला अध्यक्ष हरे कृष्ण सिंह के नेतृत्व में बुधवार को जिला शिक्षा पदाधिकारी सुभाष कुमार गुप्ता से मिलकर एक ज्ञापन सौंपा। बिहार राज्य उच्चतर अतिथि शिक्षक संघ किशनगंज के द्वारा दिए गए ज्ञापन में पल्स टू अतिथि शिक्षकों के द्वारा कोविड-19 अवधि का पारिश्रमिक भुगतान जल्द करने की मांग की गयी है।

    जिला अध्यक्ष हरे कृष्ण सिंह ने बताया कि विभागीय आदेश के उपरांत मार्च से अगस्त तक सभी अतिथि शिक्षकों की उपस्थिति विद्यालयों में रही है तथा विभाग द्वारा दिये गये विभिन्न कोरोना ड्यूटी को बखूबी निभाया है। बिहार के उच्चतर विद्यालयों में कोरोना संक्रमण को लेकर ग्रीष्म अवकाश स्थगीत कर दिया गया था। जिसमें सभी शिक्षकों की विद्यालय में उपस्थिती रही है।

    वही अतिथि शिक्षको ने जिला शिक्षा पदाधिकारी से अपने लंबित 5 माह के वेतन भुगतान एवं ग्रीष्मकालीन अवधि का पारिश्रमिक भुगतान की मांग की है। जिला शिक्षा पदाधिकारी सुभाष कुमार गुप्ता ने बताया कि जल्द ही अतिथि शिक्षकों के ग्रीष्मावकाश अवधि का पारिश्रमिक भुगतान का निराकरण कर दिया जाएगा।

    इस मौके पर अतिथि शिक्षक संघ के जिला सचिव मो अकरम, जिला उपाध्यक्ष वीणा कुमारी, संघ के प्रवकत्ता अभिषेक कुमार,कोषाध्यक्ष अंजार आलम, हरे राम सिंह,नीतु कुमारी, प्रेमलता कुमारी, रूपम रानी,आदि अन्य अतिथि शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद थे।

  • बिहार के टीईटी शिक्षकों को भी अन्य राज्य के टीईटी शिक्षकों के तरह मिले सभी सुविधाएं – आई० एच० रब्बानी

    किशनगंज/विजय कुमार साहा

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वतंत्रता दिवस के मौके पर टीईटी शिक्षकों के प्रति एक शब्द ना बोलना उसकी दोहरी मानसकिता को दर्शता है। कई राज्यों में टीईटी शिक्षकों को पूर्ण वेतनमान सहित राज्यकर्मी का दर्जा प्राप्त है। बिहार स्टेट उर्दू टीचर्स एसोसिएशन के जिला सचिव आई एच रब्बानी ने कहा कि बिहार सरकार टीईटी जैसे कठिन परीक्षा पास योग्य शिक्षकों को नियोजित के संवर्ग में रख कर इन शिक्षकों का मनोबल को तोड़ने का काम कर रही है।


    सरकार नियमित शिक्षकों के संवर्ग को खत्म कर योग्य शिक्षकों को भी नियोजित बना कर शिक्षा और शिक्षकों के साथ भद्दा मजाक कर रही है। नियोजित शिक्षकों की मांगों को जिस तरह बिहार सरकार अनदेखी कर रही है,इसका जवाब शिक्षक समय आने पर देंगे।


    आगे उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पारा-78 में स्पष्ट कर दिए हैं कि टीईटी पास शिक्षकों को बेहतर स्केल दिया जाए ताकि विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। लेकिन सरकार द्वारा बार-बार टीईटी शिक्षकों के मांगों को दरकिनार किया जा रहा है,ऐसे में सरकार की नीति और नियत दोनों में खोंट नजर आता है।

    सरकार अभिलंब अन्य राज्यों के टीईटी शिक्षकों के भांति बिहार के टीईटी शिक्षकों को भी राज्यकर्मी का दर्जा एवं पूर्ण वेतनमान देकर इंसाफ करे। अन्यथा सभी टीईटी शिक्षक अपनी मांगों को लेकर सरकार के ख़िलाफ़ आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएगी।

  • बिहार :कोरोना काल में बिजली बिल और किसानों का कर्ज माफ करे सरकार -निज़ामुद्दीन

    राजद पार्टी के युवा प्रखंड अध्यक्ष ने सरकार से की मांग

    किशनगंज /विजय कुमार साहा

    टेढ़ागांछ राजद पार्टी के युवा प्रखंड अध्यक्ष एवं धवेली पंचायत के मुखिया निजामुद्दीन ने प्रदेश सरकार से किसानों के बिजली बिल और किसानों को संपूर्ण कर्ज माफी करने की मांग की है, ताकि किसान और मजदूर इस मुश्किल भरे दौर से निकल सके राजद के प्रखंड अध्यक्ष ने गुरुवार को बयान जारी कर क्षेत्र के किसानों को ऋण और बिजली बिल की वसूली पर तीखा आक्रोश जताया है।

    उन्होंने कहा कि इस वक्त किसान कोरोना और बाढ़ के कहर की दंश झेल रही है, एक तरफ जहां लॉकडाउन और बाढ़ की वजह से किसानों को फसल का उचित कीमत नहीं मिल पा रहा है।वही दूसरी ओर मजदूरों को काम नहीं मिल पा रहा है। गांव के मजदूर की मजदूरी बंद हो गई है, उसके सामने रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है। इस वजह से मजदूर फिर से पलायन करना शुरू कर दिए हैं।

    ताकि परिवार चलाने की विवशता में जान को जोखिम में डाल रहे हैं, बावजूद सरकार मजदूरों को रोजगार नहीं दे पा रही है। वहीं दूसरी और बैंकों द्वारा किसानों से ऋण और बिजली बिल की वसूली जा रही है।

    अन्नदाता किसान और मजदूर को मानसिक रूप से बेहद परेशान कर रहा है। जब लोगों को खाने के लाले पड़े हैं तो लोग ऋण कैसे देंगे किसानों से वसूली के बजाय मुख्यमंत्री को चाहिए की मनरेगा जॉब कार्ड धारकों के खाते तक समय पर सहायता राशि पहुंचाए और बाढ़ से पीड़ितों के लिए मुफ्त में भोजन व सहायता राशि का इंतजाम हो सके।

  • अररिया :कार्य समाप्ति तिथि के वर्षों बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य अधूरा

    अररिया /सुमन ठाकुर

    बिहार विकास युवा मोर्चा के अध्यक्ष सह आरटीआई एक्टिविस्ट प्रसेनजीत कृष्ण ने जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को आवेदन देकर ग्रामीण कार्य विभाग प्रमंडल फारबिसगंज क्षेत्र अंतर्गत तीन अलग अलग संवेदक पर निर्माण कार्य पूर्ण नही किये जाने को लेकर शिकायत दर्ज कराया है.

    शिकायत पत्र में बताया गया है की ग्रामीण टोला सम्पर्क निश्च्य योजना के तहत 1.9 लम्बी सड़क का निर्माण कार्य 06.03.2019 से सुरु कर 06.03.2020 तक कार्य पूर्ण करने का निर्देश संवेदक को निविदा प्राप्त करते वक्त दिया गया था. सड़क निर्माण तिनटोलिया कमलेश्वर यादव के घर से बलुआ रमेश यादव के घर तक पथ निर्माण ( संवेदक मुस्तफा आलम) किया जाना था .

    कार्य समाप्ति की तिथि को गुजरे 6 माह से अधिक हो गए है लेकिन अभी तक निर्माण कार्य 10% भी नही किया गया है . इसी तरह मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना के तहत फत्तेपुर बलुआ हाट नवल झा के घर से आदिवासी टोला वार्ड नम्बर 11 पिठौरा सिमा तक 4.7किमी सड़क निर्माण कार्य (प्रारंभ 9.04.2018 से कार्य समाप्ति तिथि – 09.04.2019 जय बजरंगबली कंस्ट्रक्शन) किया जाना था .

    इस कार्य को पूर्ण करने की तिथि को गुजरे एक वर्ष से अधिक हो चुके हैं. लेकिन कार्य मे मिट्टी भराई के अलावा कुछ भी नही किया गया है. यह कार्य भी लगभग 10% नही बन पाया है. वही नरपतगंज प्रखंड के 17 नम्बर रोड पर स्थित प्रधानमंत्री पुल निर्माण योजना के द्वारा एक पुल का निर्माण कार्य पूर्ण (संवेदक- विद्यानंद गुप्ता) करने की तिथि के एक वर्ष बीत जाने के बाद भी पुल की वर्तमान स्थिति की कोई जानकारी या जमीन पर इस योजना का कोई भी कार्य नही दिख रहा है.

    प्रसेनजीत कृष्ण ने बताया की ये तीनो योजना का कार्यकारी एजेंसी “ग्रामीण कार्य विभाग,कार्य प्रमंडल फारबिसगंज” है. ये सभी बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र है. आज बाढ़ की स्थिति किस तरह विकराल रूप धारण कर चुकी है यह सबके सामने है. यदि ये सड़क/पुल ससमय बन गए होते तो सायद बाढ़ से बचने का कोई विकल्प भी मिलता और आमजनता को जरूर कुछ न कुछ राहत मिलता.

    लेकिन संवेदक को किसी तरह जोड़ तोड़ कर योजना प्राप्त कर लेने भर से सिर्फ मतलब है बांकी कार्य पूर्ण हो अथवा नही हो इससे संवेदक को कोई लेना देना नही है. विभाग के द्वारा समय समय पर जांच प्रतिवेदन समर्पित नही करने के वजह से इस तरह की अनियमितता होने की मूल वजह आवेदन में बताया गया है . कृष्ण ने कहा है की समय पूर्ण होने के एक साल बाद भी सिर्फ 10% कार्य करने वाले इन तीनो संवेदक को काली सूची में डाल दिया जाय और योजना के लिए संवेदक को भुगतान की गई राशि का ब्याज सहित रिकवरी किया जाय.

    इस तरह के संवेदक कार्य करने में सक्षम नही होने के बावजूद भी रिश्वत परोसकर योजना ले लेता है और फिर योजना की यही गत होती. यह सरकारी राजस्व की क्षति का भी मामला है. प्रसेनजीत कृष्ण ने मांग किया है की इन तीनो योजना की जांच कर संवेदक को काली सूचि में डालकर आवश्कयता अनुसार कार्यवाही किया जाय.