मोदी सरकार के एक साल कितने पास कितने फेल

राजेश दुबे केंद्र में मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक साल पूरा हो गया है । इस एक साल में केंद्र सरकार कई मोर्चे पर पास रही हैं जबकि कई पर फेल ।  एक वर्षों में प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी विश्व नेता बन कर उभरे है ।मालूम हो कि एनडीए को 2019 में 350 … Read more

बिहार और नेपाल सीमा में बिखरे है महाभारत कालीन अवशेष ।

बिहार के सीमावर्ती किशनगंज जिले से जुड़ी है पांडवो के अज्ञातवास की कहानी इसी क्षेत्र में पांडवो ने गुजरा था अज्ञातवास का 1वर्ष राजेश दुबे भारत नेपाल और बांग्लादेश की सीमा से सटा ७०% मुस्लिम आबादी वाला किशनगंज जिला अपने  मे एक संवृद्ध इतिहास को समेटे हुए है ।जिसकी जानकारी कुछ लोगो तक ही सीमित … Read more

नशे के माध्यम से युवाओ को बर्बाद करने की चल रही है साजिश ।

किशनगंज /राजेश दुबे  * ऩशे के सौदागर छोटे -छोटे बच्चो को बना रहे है शिकार * बंगाल और नेपाल के रास्ते जिले मे पहुँच रहा है मादक पदार्थ  बिहार में पूरी तरह से शराबबंदी एवं नित्य नये कड़े कानून बनाने के बाद भी नशे के सौदागर युवा पीढ़ी को नशे की जाल में फसाने से बाज … Read more

किसने निशाने पर लिया बिहार के सीएम को ?

राजेश दुबे बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर    बिहार में रोजगार मुहैया करवाने को लेकर बिहार के सीएम नीतीश कुमार लोगो के निशाने पर रहे । मालूम हो कि covid 19 महामारी फैलने के बाद बड़े पैमाने पर श्रमिक और छात्र बिहार लौट रहे है ।ट्विटर और फेसबुक पर सक्रिय युवाओं ने बिहार … Read more

कांग्रेस का एक और झूठ हुआ उजागर

राजेश दुबे कांग्रेस पार्टी देश में लॉक डाउन लागू होने के बाद से ही लगातार राजनीति कर रही है ।श्रमिको के नाम पर घड़ियाली आंसू कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं के द्वारा बहाए जा रहे है ।लेकिन इनका झूठ परत दर परत खुल जाता है ।कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने 19 मई को ट्विटर … Read more

कोरोना संकट : संवेदनाएं बिक रही है !!

देश /सुशील प्राचीन काल मे युद्ध कई दिव्यास्त्रों से लड़े जाते थे।उन अस्त्रों में निहित ऊर्जाओं से शत्रु खेमे में उथल पुथल मच जाती थी। ऐसा ही एक अस्त्र था माया-अस्रइन अस्त्रों के प्रभाव से शत्रु सैनिक ऊनी सुध बुध खो देते थे, वे भ्रम में खो जाते थे, उनकी सोचने समझने की शक्ति क्षीण … Read more

आप भी देखिए ! मजदूरों के दर्द और आंसुओ की नीलामी कैसे कुछ लोग कर रहे है ।

हृदय विदारक तस्वीरों की हो रही नीलामी 8 से 20 हजार है मजदूरों के आंसुओ वाली तस्वीर की कीमत राजेश दुबे देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है बड़े पैमाने पर श्रमिक वर्ग पैदल ही अपने गांव की और निकल पड़े है ।श्रमिकों का दर्द समझा जा सकता है की जिन्होंने अपने मजबूत कंधो से … Read more

दुकानदारी चमकाने के लिए जब नामचीन पत्रकार पाकिस्तान कि तस्वीर साझा करने लगे ।

राजेश दुबे महामारी के इस दौर में जब लाखो प्रवासी मजदूर दो जून की रोटी के लिए तरस रहे हो, तब आप अपनी पत्रकारिता को चमकाने के लिए देश में भ्रम की स्थिति पैदा करे यह ना सिर्फ पत्रकारिता के नियमो के विरूद्ध है ।बल्कि सामाजिक ताने बाने के भी विरूद्ध है ।देश के कुछ … Read more

कोरोना : रोटी जानती है भूख की परिभाषा…!

अतिथि संपादक/प्रवीण गोविन्द सुपौल : लोकतंत्र में कोई जाने या न जाने भूख की परिभाषा रोटी जानती है। एक तरफ कोरोना है दूसरी तरफ भूख। भगवान न करे कि कोई कोरोना या भूख से मरे। लेकिन विधि का विधान आप-हम टाल भी तो नहीं सकते। लॉकडाउन में गरीब कैसे रह रहे हैं, जो रोज कमाते … Read more

कोरोना : माटी का संसार है खेल सके तो खेल, बाजी रब के हाथ है पूरा विज्ञान फेल,

अतिथि संपादक /श्री प्रवीण गोविंद माना कि यदि पेट पहले ही चिंता से भरा हो, तो भूख के लिए उसमें जगह नहीं बचती। लेकिन भूख तो आखिर भूख है। वह लगती ही है, आखिर चिंता के कारण उसे आप कब तक मार सकते, कब तक पानी के सहारे जी सकते। भूख के लिए रोटी-भात चाहिए, … Read more