कोलकाता :एबीवीपी प्रांत कार्यालय पर टीएमसी कार्यकर्ताओ एवं गुंडों ने किया हमला ,राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री सहित अन्य नेताओं के साथ की मारपीट

बंगाल /कोलकाता

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

एबीवीपी कार्यालय में रखे भगवान एवं महापुरुषों की मूर्तियों को भी पहुंचाया गया नुकसान

चुनाव परिणामों के बाद से ही बंगाल में टीएमसी कार्यकर्ताओ एवं गुंडों द्वारा बीजेपी एवं संघ समर्थकों के ऊपर किया जा रहा है हमला

बंगाल में कई स्थानों पर बीजेपी कार्यालय को भी किया गया आग के हवाले ,हिंसा में अभी तक 9 बीजेपी कार्यकर्ताओ की मौत

विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के तुरंत बाद से पूरे बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हिंसक प्रवृत्ति और गुंडागर्दी खुलेआम देखने को मिल रही है. मतगणना के बाद से ही ममता बनर्जी के गुंडे विरोधियों को चिन्हित कर उन पर बम फेंकने से लेकर तमाम तरीकों से पूरे प्रदेश में अराजकता का माहौल बना रहे हैं. इसी क्रम में तृणमूल के 15-20 गुंडों ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, कोलकाता स्थित प्रांत कार्यालय पर हमला करते हुए वहां मौजूद कार्यकर्ताओं से गाली-गलौज, मारपीट एवं तोड़फोड़ की.

एबीवीपी द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया गया कि कार्यालय में उपस्थित अभाविप कार्यकर्ताओं में राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री श्रीनिवास, क्षेत्रीय संगठन मंत्री गोविंद नायक, सह-क्षेत्रीय संगठन मंत्री अपांशु शेखर शील, केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य सुमनचंद्र दास तथा 5-6 अन्य कार्यकर्ताओं से मारपीट करते हुए तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने कार्यालय में रखी मां काली तथा हनुमान जी की प्रतिमा को फेंक कर उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया. 

इसके साथ ही रविन्द्र नाथ ठाकुर, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, सुभाष चंद्र बोस एवं अन्य महापुरुषों की तस्वीरों को भी इन गुंडों ने लात से मार-मार कर क्षतिग्रस्त कर दिया. जोर-जोर से धमकी देते हुए गुंडों ने मुख्यमंत्री का नाम लेते हुए कहा कि ममता बनर्जी की हार से उनके मुंह पर कालिख पुती है तथा इसके लिए जिम्मेदार और ममता के विरोध में खड़े होने वाले गद्दार हैं, ऐसे किसी भी गद्दार को अब बंगाल में नहीं रहने दिया जाएगा.


अभाविप की राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी ने कहा, “तृणमूल के गुंडों द्वारा अभाविप कार्यालय पर हुए हिंसक हमले में हमारे प्रमुख कार्यकर्ता सुरक्षित हैं, लेकिन जिस प्रकार का हिंसक व्यवहार मुख्यमंत्री तथा उनके गुंडों द्वारा विधानसभा चुनावों के परिणाम के बाद से दिखाया जा रहा है, वह अत्यंत निंदनीय है. 
आने वाले समय में अपनी सुरक्षा का ध्यान रखते हुए एकजुट रहकर तथा हर परिस्थिति में हमें राष्ट्रवाद की मशाल को जलाए रखना है. आने वाले समय में बंगाल में परिस्थितियाँ कैसी होने वाली हैं, इसका उदाहरण ममता और उनके गुंडों ने पेश कर दिया है, हमें लंबे संघर्ष के लिए तैयार रहना होगा.”