बिहार /मधुबनी
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!निगरानी विभाग के हत्थे एक बार फिर घूसखोर अधिकारी चढ़ा है ।मालूम हो कि सूबे में नई सरकार के गठन के बाद से ही निगरानी विभाग द्वारा लगातार करवाई कि जा रही है ।ताज़ा मामला मधुबनी जिले के पंडौल प्रखंड के सरिसबपाही पश्चिमी का है । जहा मनरेगा विभाग के जेई दिनेश ठाकुर को मंगलवार की शाम निगरानी अन्वेषण ब्यूरों की टीम ने 55 हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तार कर लिया।
जेई की गिरफ्तारी मधुबनी शहर के कोतवाली चौक स्थित आवास से हुई। गिरफ्तार जेई दरभंगा जिले के केवटी के रहने वाले हैं। वे पिछले करीब दो वर्षों से पंडौल में पदस्थापित हैं। गिरफ्तारी के बाद टीम उन्हें पूछताछ के लिए पटना स्थित निगरानी थाना ले गयी है।जानकारी के मुताबिक बुधवार को मुजफ्फरपुर स्थित विशेष निगरानी कोर्ट में पेश करेगी। जेई के खिलाफ प्रखंड के सरिसबपाही पश्चिमी मुखिया रामबहादुर चौधरी ने निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी।
जानकारी के मुताबिक सरिसबपाही पश्चिमी के मुखिया रामबहादुर चौधरी ने जे ई के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाया था । श्री चौधरी ने बताया कि जून 20 में पंचायत के ईदगाह तालाब पर पहुंच के लिए वे सड़क निर्माण किए थे। लेकिन उसका भुगतान नहीं किया गया था। कार्य किए 216 मजदूरों का भुगतान करने के लिए जेई दिनेश ठाकुर घूस मांग रहा था। लगातार प्रयास करने के बावजूद वह बकाया भुगतान के एवज में 55 हजार रुपये मांग रहे थे। अंतत: थक हारकर उन्होंने पिछले 26 फरवरी को निगरानी विभाग पटना में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के सत्यापन के लिए निगरानी विभाग की एक टीम कुछ दिन पहले मधुबनी आई थी। मामला सही पाए जाने पर बाद गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई।जिसके बाद आज निगरानी विभाग ने जेई के मधुबनी कोतवाली चौक स्थित आवास से गिरफ्तार किया। जे ई की गिरफ्तारी के बाद जिले में हड़कंप मच गया है और हर तरफ गिरफ्तारी की चर्चा हो रही है ।