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  • बिहार :निगरानी के हत्थे चढ़ा एक और घूसखोर अभियंता,1 लाख 30 हजार रूपए घुस लेते किया गया गिरफ्तार

    पटना /संजीव तिवारी

    निगरानी विभाग के हत्थे एक और घूसखोर अभियंता चढ़ा है ।मालूम हो कि विभाग ने एल भवन निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता को 1 लाख 30 हजार रू रिश्वत घुस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है.बता दे कि निगरानी विभाग की टीम ने सारण के अधीक्षण अभियंता रंजन प्रसाद कुमार को  घूस लेते गिरफ्तार किया है.प्राप्त जानकारी के मुताबिक छपरा के इंद्रजीत कुमार सिंह ने निगरानी में  शिकायत दर्ज कराई थी.






    शिकायत में 2019-20 में छपरा स्थित सेल्स टैक्स विभाग के सरकारी भवन के नवीनीकरण हेतु पुनरीक्षित प्राक्कलन की तकनीकी स्वीकृति प्रदान करने की एवज में 3 लाख घुस की मांग की गई थी. शिकायत के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच करवाया तो मामला सही पाया गया उसके बाद विभाग द्वारा यह करवाई की गई ।

    निगरानी के पुलिस उपाधीक्षक सुरेंद्र कुमार मौआर के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया .जिसमें 1 लाख 30 हजार  घूस लेते अधीक्षण अभियंता को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद इनके पटना स्थित आवास पर तलाशी में अब तक 10 लाख रुपए एवं सोना चांदी के आभूषण बरामद हुए हैं ।निगरानी अधिकारियों द्वारा अभी भी जांच जारी है और बड़ा खुलासा इस मामले में हो सकता है ।






  • बिहार :निगरानी विभाग ने 55 हजार रुपए घूस लेते हुए मनरेगा के जेई को किया गिरफ्तार

    बिहार /मधुबनी

    निगरानी विभाग के हत्थे एक बार फिर घूसखोर अधिकारी चढ़ा है ।मालूम हो कि सूबे में नई सरकार के गठन के बाद से ही निगरानी विभाग द्वारा लगातार करवाई कि जा रही है ।ताज़ा मामला मधुबनी जिले के पंडौल प्रखंड के सरिसबपाही पश्चिमी का है । जहा मनरेगा विभाग के जेई दिनेश ठाकुर को मंगलवार की शाम निगरानी अन्वेषण ब्यूरों की टीम ने 55 हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तार कर लिया।






    जेई की गिरफ्तारी मधुबनी शहर के कोतवाली चौक स्थित आवास से हुई। गिरफ्तार जेई दरभंगा जिले के केवटी के रहने वाले हैं। वे पिछले करीब दो वर्षों से पंडौल में पदस्थापित हैं। गिरफ्तारी के बाद टीम उन्हें पूछताछ के लिए पटना स्थित निगरानी थाना ले गयी है।जानकारी के मुताबिक बुधवार को मुजफ्फरपुर स्थित विशेष निगरानी कोर्ट में पेश करेगी। जेई के खिलाफ प्रखंड के सरिसबपाही पश्चिमी मुखिया रामबहादुर चौधरी ने निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी।

    जानकारी के मुताबिक सरिसबपाही पश्चिमी के मुखिया रामबहादुर चौधरी ने जे ई के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाया था । श्री चौधरी ने बताया कि जून 20 में पंचायत के ईदगाह तालाब पर पहुंच के लिए वे सड़क निर्माण किए थे। लेकिन उसका भुगतान नहीं किया गया था। कार्य किए 216 मजदूरों का भुगतान करने के लिए जेई दिनेश ठाकुर घूस मांग रहा था। लगातार प्रयास करने के बावजूद वह बकाया भुगतान के एवज में 55 हजार रुपये मांग रहे थे। अंतत: थक हारकर उन्होंने पिछले 26 फरवरी को निगरानी विभाग पटना में शिकायत दर्ज कराई।
    शिकायत के सत्यापन के लिए निगरानी विभाग की एक टीम कुछ दिन पहले मधुबनी आई थी। मामला सही पाए जाने पर बाद गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई।जिसके बाद आज निगरानी विभाग ने जेई के मधुबनी कोतवाली चौक स्थित आवास से गिरफ्तार किया। जे ई की गिरफ्तारी के बाद जिले में हड़कंप मच गया है और हर तरफ गिरफ्तारी की चर्चा हो रही है ।






  • हाजीपुर :निगरानी विभाग ने 50 हजार रुपए घूस लेते हुए सीआई को किया रंगे हाथो गिरफ्तार ,ले गई पटना

    बिहार /हाजीपुर

    निगरानी विभाग के हत्थे एक और घूसखोर अधिकारी चढ़ा है ।मालूम हो कि निगरानी विभाग ने घुस लेते हुए रंगे हाथो सीआई को गिरफ्तार किया है ।मामला हाजीपुर के दिग्घी का है । जहां सीआई कुमार मनीष को विजिलेंस ने गिरफ्तार किया है .जानकारी के मुताबिक निगरानी ब्यूरो की टीम कुमार मनीष के ऑफिस और घर पर भी रेड कर रही है ।  निगरानी के वरीय अधिकारी कुमार मनीष को अपने साथ लेकर पटना के लिये रवाना हो गए है.

    जानकरी के मुताबिक  निगरानी ब्यूरो की टीम ने घूसखोर सीआई को 50 हजार रुपये के साथ दबोचा है. मालूम हो कि घूसखोर अंचल निरीक्षक को हाजीपुर के नवीन सिनेमा के पास से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद सरकारी कर्मी के दिघी स्थित आवास पर भी छापेमारी चल रही है। वहीं सराय के पटेरा में भी आरोपी के पैतृक घर में छापेमारी हो रही है। सी आई की गिरफ्तारी की सूचना के बाद अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया है ।

  • बिहार : अनुबंध पर कार्यरत अभियंता के घर पर निगरानी की छापेमारी ,करोड़ों की काली संपत्ति का हुआ खुलासा

    बिहार /सिवान

    जिला परिषद का अभियंता के यहां निगरानी की छापेमारी में करोड़ों की अवैध संपत्ति का पता चला है । मालूम हो कि  निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने रविवार को जब जिला अभियंता धनंजय मणी तिवारी के घर छापेमारी की तो भौंचक रह गई। सिवान स्थित आवास पर जब निगरानी ने रेड किया तो चार लाख 92 हजार नकद मिले हैं. जबकि जमीन के 78 दस्तावेज भी मिले हैं।अभी भी निगरानी की जांच जारी है। अब तक चार करोड़ से अधिक की संपत्ति का पता चला है।







    निगरानी ब्यूरो की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक अभियंता के छापेमारी में  22 बैंक खातों का पता चला है। इसके साथ ही जीवन बीमा की 20 पॉलिसी के कागजात,10 लाख रू से अधिक के सोना चांदी के आभूषण मिले हैं। इसके अलावे कई वाहन भी मिले हैं .अब तक की तलाशी के में करीब 4 करोड़ से अधिक की संपत्ति मिली है.


    निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बताया है कि सिवान के जिला परिषद अभियंता धनंजय मणी तिवारी वर्तमान में अनुबंध पर कार्यरत हैं. तिवारी के खिलाफ वैध आय से एक करोड़ 55 लाख 55 हजार रू से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला पटना के निगरानी थाने में 19 फऱवरी को दर्ज की गई थी। केस दर्ज करने के बाद उनके सिवान स्थित घर- प्रतिष्ठान की तलाशी ली गई तो चार करोड़ से अधिक की संपत्ति का पता चला है। निगरानी ब्यूरो ने बताया है कि जांच में संपत्ति और भी बढ़ सकती है।






  • बिहार :निगरानी की टीम ने डीईओ कार्यालय में छापेमारी कर घुस लेते एक कर्मी को किया गिरफ्तार

    बिहार /मोतिहारी

    निगरानी ब्यूरो की टीम ने मोतिहारी डीईओ कार्यालय में छापेमारी कर एक कर्मी को गिरफ्तार किया है।शिक्षा विभाग के डीपीओ स्थापना कार्यालय में कार्यरत क्लर्क सुजीत कुमार को 15 हजार रू रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।






    मालूम हो कि गिरफ्तारी के बाद निगरानी की टीम ने घूसखोर कर्मी से पूछताछ कर रही है। जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार कर्मी ऑफिस में मदरसा,संस्कृत व कोर्ट से संबंधित फाइल का निबटारा करता था। वह एक मामले में पीड़ित व्यक्ति से रिश्वत की मांग की थी।

     






  • बिहार :एसएसबी 41 वी बटालियन के जवानों द्वारा सीमा पर लगातार की जा रही है पेट्रोलिंग

    किशनगंज /गलगलिया /चंदन मंडल

    एसएसबी की 41वीं वाहिनी के डी कम्पनी कादोमनीजोत के जवानों के द्वारा शनिवार को पेट्रोलिंग की गई। एसएसबी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भारत-नेपाल सीमा पर अपराधिक गतिविधियों पर शिकंजा कसने और सीमा पर पूरी तरह से तस्करी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है।

    पेट्रोलिंग का मुख्य उद्देश्य अतिक्रमण हटाने व अराजक तत्वों के घुसपैठ को रोकना है। अगर अभी हम एसएसबी की 41वीं वाहिनी की बात करें तो अभी भारत – नेपाल सीमा पर यहाँ इनकी बगैर इजाजत के परिंदा भी पर नही मार सकता है। क्योंकि एसएसबी की 41 वीं वाहिनी के जवान पगडंडियों सड़कों पर भी अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं।

    एसएसबी सूत्रों ने बताया कि बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सीमाई इलाकों के बॉर्डर के चप्पे-चप्पे पर कड़ी नजर रखी जा रही है। किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं हो इसके मद्देनजर लगातार एसएसबी की 41 वीं वाहिनी के निम्बूगुड़ी, डांगुजोत , कादोमनीजोत बीओपी के जवानों द्वारा लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है। एसएसबी के अधिकारी ने कहा भारत नेपाल सीमा क्षेत्रों पर गश्त बढ़ा दी गई है और सीमा पर पूरी तरह से तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए एसएसबी अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं। साथ ही अतिक्रमण हटाने व अराजक तत्वों के घुसपैठ को रोकने के लिए पूरी तरह से सख्त पहरा रखा जा रहा है।

  • स्वतंत्रता दिवस को लेकर किशनगंज पुलिस अलर्ट, बॉर्डर इलाकों में बरती जा रही है विशेष निगरानी

    किशनगंज/संवादाता

    स्वतंत्रता दिवस को लेकर पुलिस अलर्ट मोड में है। पुलिस कप्तान कुमार आशीष के निर्देश पर नेपाल सीमा से सटे थाना क्षेत्रों में विशेष रूप से निगरानी बरती जा रही है। सुरक्षा को लेकर पुलिस कप्तान श्री कुमार ने सभी थानाध्यक्ष को सतर्कता बरतने जाने का निर्देश दिया है।

    एहतियातन नेपाल सीमा से सटे थानाध्यक्ष एसएसबी अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर सीमा क्षेत्रों में लगातार गस्त कर निगरानी बरती जा रही है।वहीं बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में पेट्रोलिग बढ़ा दी गई है। पुलिस कप्तान कुमार आशिष ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस में सुरक्षा के मद्देनजर सभी थानाध्यक्ष को विशेष निर्देश दिया गया है।सभी अपने अपने थाना क्षेत्रों में वाहन चेकिग अभियान चलाएंगे।किसी भी संदिग्ध की आशंका पर पुलिस उससे पूछताछ करेगी।सीमा क्षेत्र में हर आने जाने वालों की तलाशी ली जा रही है।

    चौक चैराहों में भी मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की जा रही है। पुलिस कप्तान कुमार आशिष ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर इस बार सादगी के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया जाएगा। इस बार थाना स्तर पर भी झंडोतोलन के दौरान भीड़ नहीं जुटाया जाना है।


    ईमेल से भेजा जा रहा आमंत्रण


    आमंत्रितों को ईमेल के जरिये निमंत्रण पत्र भेजा जा रहा है।समारोह में बुजुर्गों और बच्चों को आमंत्रित नहीं किया जाएगा।कोरोना के गाइड लाइन के हिसाब से एहतियात बरती जा रही है।सुरक्षा को लेकर होटलों की भी चेकिग की जाएगी।होटल संचालक को सपष्ट रूप से निर्देश दिया गया है कि होटल में किसी भी संदिग्ध के ठहरने की आशंका पर तुरंत ही थाने को सूचना दें।वही शहर में भी वाहन चेकिग अभियान चलाया जा रहा है। विशेष रूप से वाहनों की डिक्की की तलाशी के निर्देश दिये गए है।मद्यनिषेध चेक पोस्टों पर भी चेकिग कड़ी कर दी गई है।एसडीपीओ अनवर जावेद चेक पोस्टों की मोनेटरिग में जुट गए हैं।इस मौके पर एसपी ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि इस बार जो जहां हैं वहीं देशभक्ति की भावना के साथ साथ शारीरिक दूरी का पालन करते हुए स्वतंत्रता दिवस की खुशियां मनाएं।

    कोरोना संक्रमण को लेकर इस बार स्वतंत्रता दिवस सादगी के साथ मनाया जा रहा है। इस बार पहले की तरह ज्यादा लोगों को आमंत्रित भी नहीं किया जा रहा है। जो भी लोग समारोह में आएंगे वह शारीरिक दूरी का पूरा ख्याल रखेंगे। समारोह के दौरान स्टेडियम परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। सुरक्षा को लेकर मुख्य द्वार पर मेटल डिटेक्टर से हर आने जाने वाले लोगों की तलाशी ली जाएगी। प्रवेश के लिए एक ही द्वार बनाये जा रहे हैं। स्टेडियम के अंदर वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा।


    भारत के 74वें स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं देने के साथ ही किशनगंज जिला पुलिस अधीक्षक कुमार आशीष ने तिरंगा स्वरूपी मास्क की बिक्री पर रोक के आदेश दिये हैं। उल्लेखनीय है की स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए मास्क बनाने वाली कंपनियों ने तिरंगा सदृश्य मास्क बाजार में उतारकर इसे धड़ल्ले से बेचना शुरू कर दिया है।

    श्री कुमार ने कहा है कि देशभक्ति के ट्रेंड में आम लोग कुछ समय तक मास्क का उपयोग करते है, उसके बाद इसे फेंक देते हैं। तिरंगा रूपी मास्क का इस्तेमाल करके उसे फेंक देना राष्ट्रीय ध्वज का अपमान होगा। इसलिए प्रशासन की ओर से सभी लोगों से अपील है कि वे ऐसे मास्क की खरीदारी न करें। न ही उसका इस्तेमाल करें। अगर कहीं भी इसकी बिक्री हो रही है, तो इसकी सूचना प्रशासन को दें। आवश्यक कार्रवाई की जायेगी।


    राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने वालों के लिए है कड़ा कानून


    प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट टू नेशनल ऑनर एक्ट 1971 की धारा 2 के अनुसार, देश में राष्ट्रीय ध्वज देश के संविधान का अपमान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कड़ा कानून है. ऐसा करने पर तिरंगा का अपमान माना जायेगा और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जायेगी। दोषी को 3 साल तक जेल की सजा या फिर जुर्माना या फिर दोनों की सजा हो सकती है। इस कानून के तहत सजा पाने वाले लोग 6 साल तक कोई भी चुनाव लड़ने के योग्य नहीं रह जाते।

    अत: तिरंगा सदृश्य मास्क की बिक्री पर रोक के बावजूद किसी ने ऐसा मास्क बेचने की कोशिश की, तो इसे राष्ट्रीय ध्वज का अपमान माना जायेगा और ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।