देश/डेस्क
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!यूपी के हाथरस में 19 वर्षीय युवती की कथित रेप के बाद हुई मौत के बाद उत्तर प्रदेश ही नहीं अपितु देश की राजनीति में उबाल आ चुका है ।विपक्षी पार्टियां इस मौके को बीजेपी सरकार के खिलाफ हथियार के रूप में इस्तेमाल करने में जुट चुकी है और लखनऊ से लेकर दिल्ली तक योगी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है ।
मालूम हो कि समाज वादी पार्टी के नेताओं ने आज लखनऊ में योगी सरकार के खिलाफ जम कर विरोध प्रदर्शन किया ।जिसके बाद पुलिस ने लाठी चार्ज कर भीड़ को तितर बितर किया है साथ ही प्रदर्शन कर रहे नेताओ और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की गई है ।
वहीं इस लड़ाई में अब ममता बनर्जी की टीएमसी पार्टी भी कूद चुकी है और टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन सहित चार सांसद हाथरस पहुंचे है जहा पुलिस ने उन्हें पीड़ित परिवार से मिलने से रोक दिया है ।जानकारी के मुताबिक हाथरस को पूरे पुलिस छावनी में बदल दिया गया है और किसी को भी पीड़ित परिवार से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है ।मालूम हो कि मीडिया को भी पीड़ित परिवार से मिलने नहीं दिया जा रहा है ।इंसाफ के नाम पर हाईवोल्टेज ड्रामा हाथरस में किया जा रहा है ।
वहीं दिल्ली में भी कांग्रेस नेताओं ने आज बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा के आवास के सामने प्रदर्शन किया जहा से पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है ।
उत्तरप्रदेश में पुलिस की कार्रवाई से पूरे देश में गुस्सा भड़क रहा है ।आखिर सवाल उठता है कि पुलिस और प्रशासन इस तरह किसी को बंधक बना कर कैसे रख सकती है साथ ही नेताओ को पीड़ित परिवार से मिलने नहीं देना भी कहीं से उचित प्रतीत नहीं होता ।
पूरे मामले पर यूपी के मुख्य मंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने भले ही SIT का गठन किया हो । लेकिन जिस तरह का खेल प्रशासन के द्वारा किया जा रहा है वो लोकतांत्रिक देश में कहीं से जायज नहीं ठहराया जा सकता ।पूरे मामले पर सीएम के अविलंब हस्तक्षेप की आवश्यकता जान पड़ती है ।