Tag: हाथरस

  • देश :हाथरस केस !कौन है नकली भाभी ,कहा हुई भाभी लापता

    देश /डेस्क

    हाथरस केस में हर दिन नया खुलासा हो रहा है ।मालूम हो कि पुलिस और SIT जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है ।पुलिस सूत्रों के मुताबिक पीड़िता के घर उसकी भाभी बन कर रह रही महिला फर्जी थी और उसका नक्सल कनेक्शन सामने आया है । दरअसल, पिछले दिनों पीड़िता के परिवार में कथित महिला रिश्तेदार देखी गई। आरोप है कि खुद को युवती को भाभी बताने वाली यह महिला फर्जी रिश्तेदार बनकर घर पर रह रही थी और पीड़ित परिवार को बरगला रही थी।


    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिला मध्य प्रदेश जबलपुर की रहने वाली है और अपना नाम कथित तौर पर डॉ. राजकुमारी बताया। केवल दलित होने के नाते परिवार के लोगों को भरोसे में लेकर वह कई दिनों से यहां रह रही थी। महिला जबलपुर मेडिकल कॉलेज में खुद को प्रफेसर बता रही थी।

    जब पुलिस को शक हुआ तो महिला चुपचाप वहां से गायब हो गई।सूत्रों के मुताबिक नकली भाभी ने पीड़िता के परिवार को पूरी तरह अपने कब्जे में रखा था और अब जब उसकी पोल खुलने वाली थी उससे पहले ही वो फरार हो गई ।मामले के खुलासे के बाद पुलिस ने मध्यप्रदेश पुलिस से संपर्क साधा है और उसे गिरफ्तार करने कि कोशिश में जुटी हुई है ।

    मालूम हो कि इससे पूर्व पुलिस ने विदेशी फंडिंग और पीएफआई के कनेक्शन का भी खुलासा किया है वहीं पुलिस ने अब पीड़ित परिवार के घर पर सीसीटीवी कैमरा लगा दिया है और हर आने जाने वाले की जांच की जा रही है ।

    फर्जी भाभी मामले का खुलासा होने के बाद सोशल मीडिया पर फर्जी भाभी को लेकर तरह तरह के सवाल भी पूछे जा रहे है और राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा सहित पत्रकारों को ट्रोल किया जा रहा है ।

    मालूम हो कि FakeNaxalBhabhi हैशटैग के जरिए कहा जा रहा है कि हाथरस कांड ‘एक सोची-समझी साजिश’ है। बीजेपी के कई पदाधिकारियों ने सीधे-सीधे प्रियंका गांधी को टारगेट किया। पूर्व सांसद गीता कोटपल्‍ली ने प्रियंका की वायरल तस्‍वीर शेयर कर पूछा, “ये महिला कौन है? यह पीड़िता की मां नहीं है तो घर में कैसे घुसी? उसे प्रियंका को गले लगाने कैसे दिया गया? इसी महिला का बरखा दत्‍त ने भी इंटरव्‍यू किया था। यह एक सोची-समझी साजिश लगती है।” बीजेपी के सौरभ ने भी वही फोटो ट्वीट कर पूछा, ‘क्‍या फेक गांधी फेक नक्‍सल भाभी को गले लगा रही हैं?’

  • देश :कांग्रेस अपने विभाजन कारी मानसिकता से नहीं आ रही है बाज -योगी आदित्यनाथ

    देश/डेस्क

    हाथरस मामले पर कांग्रेस की साजिश का खुलासा होने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी को विकास अच्छा नहीं लगता इसलिए वो षड्यंत्र करते है । श्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश के अंदर 1947 से वादें चलते थे, हर वर्ष वादें, नारे लगते थे । लेकिन गरीबों के लिए वास्तविक कार्य 2014 के बाद से प्रारंभ होते गए। हमने वादा नहीं किया, कायदे से जो हक बनता था वो उस(गरीब) तक पहुंचाने का कार्य किया है ।

    उन्होंने कहा कि  इसलिए विकास उनको अच्छा नहीं लग रहा है। और इसलिए वो षड्यंत्र पर षड्यंत्र रचते जा रहे हैं। एक गरीब की लाश पर राजनीति करने वाले इन चेहरों को पहचानिए, देश और समाज के लिए कितनी विकृत सोच के साथ ये काम कर रहे हैं । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वादों, झूठे नारों, जाति, क्षेत्र, मत और मज़हब के आधार पर समाज को बांटने वाले लोग आज भी अपनी उस विभाजनकारी मानसिकता से बाज नहीं आ रहे हैं।

    आज भी विभाजन की वो मानसिकता उनके मनोमस्तिष्क पर पीढ़ी-दर-पीढ़ी उसी रूप में हावी हो रही है ।मालूम हो कि कांग्रेस नेता के स्टिंग ऑपरेशन में हुए बड़े खुलासे के बाद यूपी सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में है और स्योराज जीवन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की तैयारी चल रही है ।

  • देश :कांग्रेस के दंगा प्लान की स्क्रिप्ट हुई लीक

    देश/डेस्क

    हाथरस मामले में कांग्रेस पार्टी बुरी तरह घिर चुकी है ।मालूम हो कि टीवी चैनल रिपब्लिक भारत द्वारा किए गए कांग्रेस नेता स्योराज जीवन के स्टिंग ऑपरेशन में बड़ा खुलासा हुआ है । जिसमें कांग्रेस नेता दंगा भड़काने की बात करते हुए साफ दिख रहे है ।

    कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय सचिव स्योराज़ जीवन कैमरे पर कहते हुए दिख रहे है कि किस तरह दंगा फैलाने की कोशिश उनके द्वारा कि गई और दंगा फैलाने की पूरी तैयारी हो चुकी थी जिसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी हाथरस पहुंचते और दंगो पर राजनीति होती ।

    कांग्रेस नेता स्योराज राहुल गांधी के साथ

    वहीं SIT की टीम भी आज जांच के लिए दुबारा बुलगढ़ी गांव पहुंची जहां टीम के द्वारा विभिन्न पहलुओं पर जांच किया जा रहा है।

    गौरतलब हो कि मंगलवार को पीएफआई के चार सदस्यों को मथुरा से पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किया गया था । जिनसे भी पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है ।सूत्रों के मुताबिक विदेशी फंडिंग की बात भी सामने आई है और कहा जा रहा है कि मॉरिसस से 100 करोड़ रुपए की फंडिंग दंगा करवाने के लिए किया गया ।

    बता दे की हाथरस मामले में गिरफ्तार पीएफआई के चार लोगों के ख़िलाफ मथुरा के मांट थाने में आज FIR दर्ज़ की गई है । FIR में अतीकुर्र रहमान, आलम, सिदीक और मसूद के पास से 6 स्मार्टफोन, एक लैपटॉप व जस्टिस फॉर हाथरस नाम के पर्चे पाए गए।पुलिस का कहना है कि पूछताछ में और भी खुलासे होने वाले है ।

    स्टिंग ऑपरेशन में हुए खुलासे के बाद बूलगढ़ी गांव में कांग्रेस नेता के खिलाफ लोगो का गुस्सा भड़क चुका है और ग्रामीणों ने कांग्रेस नेता जीवन का पुतला दहन कर करवाई की मांग की है ।यही नहीं गांव वालो का कहना है कि राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा के खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाना चाहिए ।

    कांग्रेस नेता के स्टिंग के बाद बीजेपी नेता कांग्रेस के खिलाफ सख्त हो गए है और कांग्रेस नेता जीवन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की तैयारी चल रही है ।

    हाथरस में हुई घटना के बाद पूरे देश की नजर अब इस मामले पर है कि मृतक मनीषा की हत्या आखिर किसने की ।सरकार ने सीबीआई को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है अब देखना है कि सीबीआई टीम कब इस मामले के जांच हेतु पहुंचती है साथ ही sit द्वारा जो जांच किया जा रहा है उसमे निकल कर क्या आता है ।

    लेकिन फिलहाल जिस तरह के खुलासे हो रहे है उससे यही प्रतीत होता है कि कुछ राजनैतिक दल अपने लाभ के लिए एक बेटी कि लाश पर राजनीति कर रहे थे जिन्हें बेटी को न्याय मिले उससे कोई मतलब नहीं था ।

  • यूपी :मोबाइल की कॉल डिटेल से खुलेगा हाथरस मामले का राज ,जांच में जुटी पुलिस

    देश/डेस्क

    हाथरस मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। पीड़ित के परिजनों से लेकर विपक्ष तक न्याय की मांग कर रहा है। इन हालात में आरोपियों और पीड़ित पक्ष के मोबाइल नंबरों की कॉल डीटेल अहम भूमिका अदा कर सकती है। एक निजी समाचार चैनल के मुताबिक मृतिका और आरोपी संदीप दोनों के बीच सैकड़ों बार मोबाइल फोन पर बात हुई है ।

    बता दे की पूरे देश की नजर इस मामले पर बनी हुई है ।वहीं आज यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जो हलफनामा दायर किया है उसमे साफ तौर पर कहा गया है कि मृतिका के साथ गैंग रेप जैसी कोई घटना नहीं हुई है साथ ही शव को रात में जलाने के मामले पर कहा गया कि खुफिया एजेंसियों द्वारा जातीय हिंसा करवाने की सूचना थी जिसके बाद परिवार कि अनुमति से यह फैसला लिया गया ।मालूम हो कि आज चार पीएफआई के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया है जिनके पास से पुलिस को कई दस्तावेज मिले है जो यह साबित करते है कि उत्तर प्रदेश को दंगो की आग में झोंकने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा था ।बता दे कि पुलिस ने पूरे मामले में अभी तक एक दर्जन से अधिक एफआईआर दर्ज किया है ।

    हाथरस की घटना को लेकर पूरे देश में यह सवाल खड़े हो रहे है कि आखिर उसकी हत्या किसने की वहीं गांव वालो का कहना है कि निर्दोष युवकों को फंसाया जा रहा है। गांव वालो का यह भी कहना है कि मामला हॉनर किलिंग से जुड़ा हुआ है।

    सूत्रों के अनुसार जांच एजेसियों ने चारों आरोपियों के मोबाइल फोन की काल डीटेल निकलवाई है। साथ ही पीड़ित के परिजनों के नंबरों की भी सीडीआर निकलवाई है।

    पुलिस मिलान कर रही है कि वारदात वाले दिन आरोपियों और पीडि़तों के परिजनों की लोकेशन कहां-कहां थी। आरोपी के परिजन लगातार कह रहे हैं कि घटना के वक्त वे वहां मौजूद नहीं थे। बताया जा रहा है कि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी और पीड़ित पक्ष के बीच फोन पर बात होती थी या नहीं। दोनों पक्षों के घर आसपास होने के चलते संबंध कैसे थे।

  • यूपी :बेटी को न्याय दिलवाने के नाम पर रची जा रही थी दंगो कि साजिश,पीड़ित परिवार की बढ़ाई गई सुरक्षा

    माहौल बिगाड़ने की किसी को नहीं मिलेगी छूट – सीएम

    सोमवार को भी हाथरस स्थित पीड़िता के गांव में लगा रहा नेताओ का तांता

    उत्तर प्रदेश सरकार कर चुकी है सीबीआई जांच की सिफारिश

    बड़े मीडिया संस्थान भी जांच के घेरे में

    विदेशी फंडिंग के जरिए दंगा फैलाने की थी कोशिश

    देश/डेस्क

    उत्तर प्रदेश के हाथरस में 19 वर्षीय युवती की मौत के बाद हुए हंगामे और राजनीति में सोमवार को नया खुलासा हुआ है ।पुलिस और सरकारी एजेंसियों के मुताबिक कुछ विदेशी और देशी संगठन सहित राजनैतिक दल उत्तर प्रदेश में जातीय हिंसा करवाना चाहते थे ।

    पुलिस जांच में यह भी खुलासा किया गया है कि इसमें कुछ मीडिया संस्थान भी सामिल है जिन्होंने यूपी को अशांत करने की साज़िश रची और भ्रामक तरीके से खबरों का प्रसारण इन चैनलों के द्वारा किया गया जिससे की सरकार बदनाम हो सके ।

    एडीजी लॉ एंड ऑर्डर श्री प्रशांत कुमार ने आज मीडिया को बताया कि रविवार को भीड़ कोविड गाइडलाइन्स का उल्लंघन करते हुए हिंसा पर उतारू हो गई थी , हल्का बल उपयोग करके स्थिति को नियंत्रित किया गया।श्री कुमार ने कहा कि सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट डालकर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के विरूद्ध अभियोग पंजिकृत किए गए हैं ।

    मालूम हो कि पुलिस के द्वारा पूरे मामले पर सैकड़ों लोगो के ऊपर एफआईआर दर्ज करवाया गया है ।सूत्रों के मुताबिक नामी गिरामी न्यूज चैनल के कई पत्रकारों पर भी मामला दर्ज करवाया गया है ।

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में फरवरी में हुए दंगो के तर्ज पर ही यहां भी दंगा फैलाने की साज़िश रची गई थी । जिसमे एमनेस्टी इंटरनेशनल संस्था ,पीएफआई सहित अन्य संगठन सामिल थे यही नहीं एक वेबसाइट भी बनाई गई थी हाथरस पीड़िता को न्याय दिलवाने के नाम पर जिसमें दंगे को कैसे अंजाम देना है उसकी पूरी जानकारी दी गई थी और लोगो को जोड़ा गया था ।लेकिन पुलिस ने समय रहते पूरे मामले का खुलासा कर दिया जिसकी वजह से बड़ी घटना होते होते रह गई ।

    उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने आज पूरे मामले पर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि ये भाजपा की सरकार है सबको सुरक्षा, सबको सम्मान हमारा संकल्प है, लेकिन अगर कोई माहौल बिगाड़ने का कार्य करेगा तो सख्ती के साथ उससे निपटने की भी दृढ़ इच्छा शक्ति से हम काम कर रहे हैं।

    सीएम ने कहा कि विकास हर द्वार तक पहुचाएंगे लेकिन भ्रष्टाचार और अराजकता फैलाने की छूट किसी को भी नहीं देंगे ।उन्होने कहा कि सांप्रदायिक और जातीय दंगो की नीव रखी गई थी जिसे नाकाम कर दिया गया है ।

    मालूम हो कि यूपी के अलग अलग थानों में 13 एफआईआर दर्ज करवाए गए है साथ ही पीड़ित परिवार की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है ।

    पुलिस उपनिरीक्षक की तहरीर पर हाथरस के चंदपा थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 109 (अपराध के लिए उकसाने), 124ए (देश की एकता और अखंडता को खतरा पहुंचाने की कोशिश-राजद्रोह), 120 बी (षडयंत्र), 153-ए (धर्म भाषा और जाति के आधार पर विद्वेष फैलाना), वहीं 153-बी (राष्‍ट्रीय अखंडता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले बयान), 195(झूइे साक्षय गढ़ना), 465 (कूटरचना), 468 (कूटरचित दस्‍तावेजों का प्रयोग), धारा 505 (भय का माहौल बनाने वाला बयान) और सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन अधिनियम 2008 की धारा 67 समेत कुल 20 धाराओं में रविवार को मुकदमा दर्ज किया गया है.

    उपनिरीक्षक ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि हाथरस की दुर्भाग्‍यपूर्ण घटना को लेकर कुछ अराजक तत्‍व बेजा लाभ लेने के लिए एक आपराधिक षडयंत्र के तहत पूरे प्रदेश का अमन चैन बिगाड़ने और जाति विद्वेष भड़काकर प्रदेश में विधि द्वारा स्‍थापित सरकार के प्रति घृणा और अवमानना के लिए पीड़ित परिवार को भड़का रहे हैं, रिपोर्ट में ये भी लिखा है कि मेडिकल रिपोर्ट से पता चलता है कि पीड़िता के साथ बलात्कार या गैंग रेप की वारदात नहीं हुई थी ।

    वहीं सोमवार को भी दिन भर राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचते रहे और पूरे दिन गांव में नेताओ का जमावड़ा लगा रहा है

    पुलिस के द्वारा जिस तरह के खुलासे पूरे मामले पर किए गए है उसके बाद पूरे देश में चर्चाओं का बाज़ार गर्म हो चुका है और देश वासी दंगो की साज़िश रचने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे है और लोगो का कहना है कि सीएम योगी आदित्यनाथ से उन्हें पूरी उम्मीद है कि वो इस घटना में शामिल दोषियों और साजिश रचने वालों पर सख्त कार्रवाई करेंगे । 

  • यूपी : हाथरस मामले में योगी सरकार की बड़ी करवाई, एसपी समेत आधा दर्जन से अधिक पुलिस कर्मी निलंबित ,होगा नार्को टेस्ट

    दाहसंस्कार के मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ,युवती के परिवार सहित कई लोगो का होगा नार्को टेस्ट । मंगलवार को हुआ था दाह संस्कार

    मामले की SIT कर रही है जांच ,पीड़ित परिवार का आज लिया गया बयान

    कांग्रेस नेता का ऑडियो टेप हुआ वायरल, मृतिका के भाई को कर रहा है गुमराह

    देश/डेस्क

    हाथरस में चल रहे पॉलिटीकल ड्रामे के बाद अंततः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा निर्णय लेते हुए हाथरस के एसपी विक्रांत वीर, इंस्पेक्टर सहित अन्य आधा दर्जन पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है ।मालूम हो कि आज सुबह से ही हाथरस स्थित पीड़िता का गांव रण क्षेत्र में बदला हुआ था और मीडिया कर्मियो और नेताओ को गांव में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा था । जिसे लेकर सरकार की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह खड़े हो रहे थे ।

    गौरतलब हो कि दोपहर बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर कहा कि हाथरस के दोषियों का समूल नाश कर दिया जाएगा ,जिससे एक उम्मीद जगी थी कि शाम तक बड़ी करवाई की जाएगी और यह सच साबित हुई है ।

    बता दे की मुख्यमंत्री द्वारा पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर, तत्कालीन क्षेत्राधिकारी राम शब्द, तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार वर्मा, वरिष्ठ उप निरीक्षक जगवीर सिंह व हेड मोहर्रिर महेश पाल को निलंबित करने के निर्देश दिया गया हैं।

    मालूम हो कि SIT पूरे मामले की जांच कर रही है और पीड़ित परिवार के सदस्यों का बयान अधिकारियों के द्वारा आज लिया गया है ।कहा जा रहा है बयान के बाद ही उक्त करवाई की गई है ।वहीं जानकारी के मुताबिक बीते मंगलवार को मृतिका के दाह संस्कार में मौजूद पुलिस कर्मियों का नार्को टेस्ट भी करवाया जाएगा साथ ही परिजनों का भी नार्को टेस्ट करवाया जाएगा ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके ।

    मालूम हो कि मंगलवार को मृतिका का दाह संस्कार जबरन करवाए जाने का आरोप परिजनों द्वारा लगाया गया था जिससे यूपी पुलिस के खिलाफ पूरे देश में गुस्सा भड़क गया था । जबकि पुलिस का कहना था कि परिजन मौजूद थे।

    वहीं आज एक ऑडियो टेप भी वायरल हुआ है ।जिसमें एक कांग्रेस नेता मृतिका के भाई को 50 लाख रुपए लालच देने और मीडिया को मैनेज करने की बात कहते हुए युवती के भाई संदीप को कह रहा है कि प्रियंका गांधी पहुंच रही है साथ ही उक्त ऑडियो में कांग्रेस नेता द्वारा संदीप को गुमराह करता नजर आ रहा है ।

    कांग्रेस नेता का टेप सामने आने के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि नार्को टेस्ट के बाद चौंकाने वाले खुलासे हो सकते है ।

  • यूपी :इंसाफ के लिए हाई वोल्टेज ड्रामा , दिल्ली से लेकर लखनऊ तक राजनीति गर्म

    देश/डेस्क

    यूपी के हाथरस में 19 वर्षीय युवती की कथित रेप के बाद हुई मौत के बाद उत्तर प्रदेश ही नहीं अपितु देश की राजनीति में उबाल आ चुका है ।विपक्षी पार्टियां इस मौके को बीजेपी सरकार के खिलाफ हथियार के रूप में इस्तेमाल करने में जुट चुकी है और लखनऊ से लेकर दिल्ली तक योगी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है ।

    मालूम हो कि समाज वादी पार्टी के नेताओं ने आज लखनऊ में योगी सरकार के खिलाफ जम कर विरोध प्रदर्शन किया ।जिसके बाद पुलिस ने लाठी चार्ज कर भीड़ को तितर बितर किया है साथ ही प्रदर्शन कर रहे नेताओ और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की गई है ।

    वहीं इस लड़ाई में अब ममता बनर्जी की टीएमसी पार्टी भी कूद चुकी है और टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन सहित चार सांसद हाथरस पहुंचे है जहा पुलिस ने उन्हें पीड़ित परिवार से मिलने से रोक दिया है ।जानकारी के मुताबिक हाथरस को पूरे पुलिस छावनी में बदल दिया गया है और किसी को भी पीड़ित परिवार से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है ।मालूम हो कि मीडिया को भी पीड़ित परिवार से मिलने नहीं दिया जा रहा है ।इंसाफ के नाम पर हाईवोल्टेज ड्रामा हाथरस में किया जा रहा है ।

    वहीं दिल्ली में भी कांग्रेस नेताओं ने आज बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा के आवास के सामने प्रदर्शन किया जहा से पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है ।

    उत्तरप्रदेश में पुलिस की कार्रवाई से पूरे देश में गुस्सा भड़क रहा है ।आखिर सवाल उठता है कि पुलिस और प्रशासन इस तरह किसी को बंधक बना कर कैसे रख सकती है साथ ही नेताओ को पीड़ित परिवार से मिलने नहीं देना भी कहीं से उचित प्रतीत नहीं होता ।

    पूरे मामले पर यूपी के मुख्य मंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने भले ही SIT का गठन किया हो । लेकिन जिस तरह का खेल प्रशासन के द्वारा किया जा रहा है वो लोकतांत्रिक देश में कहीं से जायज नहीं ठहराया जा सकता ।पूरे मामले पर सीएम के अविलंब हस्तक्षेप की आवश्यकता जान पड़ती है ।

  • देश : हाथरस मामले पर राजनीति तेज ,राहुल प्रियंका को पुलिस ने भेजा वापस

    मामले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने सामने

    बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने यूपी में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की

    राहुल गांधी का एक ट्रैक रिकॉर्ड है कि जब भी वो विदेश से वापिस लौटते हैं वो फोटो ऑप करवाने में लग जाते हैं। जो आज एक्सप्रेस-वे पर चल रहा है वो भी फोटो ऑप ही है। उनकी और प्रियंका गांधी जी की तरफ से न ही कोई सहानुभूति न ही कोई संवेदनशीलता दिख रही है: यूपी मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह

    देश/डेस्क

    उत्तर प्रदेश के हाथरस में 19 वर्षीय युवती की कथित तौर पर हुई बलात्कार के बाद हुए मौत के बाद देश में राजनीति गरमा गई है और सत्ता पक्ष एवं विपक्ष मामले को लेकर आमने सामने है ।मालूम हो कि मंगलवार को युवती कि मौत इलाज के दौरान हो गई थी ।

    जिसके बाद आज कांग्रेस नेता राहुल गांधी  पीड़िता के परिजन से मुलाकात करने जा रहे थे । कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के काफिले को ग्रेटर नोएडा पुलिस ने रोक लिया, जिसके बाद वे पैदल ही हाथरस के लिए निकल गए।

    इसके बाद, पुलिस ने यमुना एक्सप्रेस-वे पर दोनों कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। राहुल गांधी ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने उनके लाठी मारकर गिरा दिया। जहां राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को रोका गया था, वहां से हाथरस की दूरी 142 किलोमीटर है। उधर, हाथरस जिलाधिकारी पी.के. लक्षकार ने बताया कि जिले में सीआरपीसी की धारा-144  लागू कर दी गई है, जो आगामी 31 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगी। जिले की सभी सीमाएं सील कर दी गई हैं।

    वहीं बाद में पुलिस ने दोनों भाई बहन को हिरासत में ले लिया और गौतबुद्धनगर के गेस्ट हाउस ले गए ।जहा से देर शाम पुलिस द्वारा  उन्हें दिल्ली सीमा तक पहुंचने की बात कही जा रही है ।पुलिस ने राहुल गांधी को धारा 188 के तहत गिरफ्तार किया है ।दूसरी तरफ घटना के बाद बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने भी योगी सरकार पर हमला बोलते हुए यूपी में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है ।

    मालूम हो कि पूरे मामले पर यूपी के एडीजी ने लड़की के साथ बलात्कार कि पुष्टि नहीं होने कि बात कही है वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी मामले कि जांच के लिए SIT टीम का गठन कर एक सप्ताह के अंदर जांच रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है ।