बिहार /डेस्क
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!दिल्ली में करीब तीन महीनों से जारी किसान आंदोलन के समर्थन में आज बिहार के अलग अलग जिलों में महागठबंधन नेताओ ने संयुक्त किसान मोर्चा के आव्हान पर रेल चक्का जाम किया है और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की है।
देशव्यापी रेल रोको अभियान के तहत शेखपुरा में भी महागठबंधन के कार्यकर्ताओं ने ट्रेन रोक कर कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की है।
शेखपुरा में महागठबंधन के कार्यकर्ताओं ने गया से क्यूल जाने वाली मेमू ट्रेन को रोक कर विरोध जताया इस मौके पर सीपीआई के जिला सचिव प्रभात कुमार पांडे राजद जिलाध्यक्ष संजय कुमार वाम दल अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले किसान नेता कमलेश कुमार मानव के नेतृत्व में शेखपुरा में किसानों के समर्थन में रेल को रोका गया उन्होंने मांग किया कि किसान विरोधी कृषि कानून वापस लेना होगा बिहार में मंडी व्यवस्था लागू करनी होगी और एमएसपी पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान सहित कई अन्य प्रकार के अनाजों की खरीदारी के क्रांति से संबंधित कानून बनाना होगा ।
सूबे की राजधानी पटना में जाप प्रमुख पप्पू यादव के नेतृत्व में कुछ देर के लिए ट्रेन परिचालन को बाधित किया । जाप कार्यकर्ता रेलवे ट्रैक पर लेट गए और कानून के विरोध में नारेबाजी की । जिसे रेल पुलिस के जवानों ने खाली करवा लिया ।
वहीं कैमूर में भी जन अधिकार पार्टी के दर्जनों कार्यकर्ता ने भभुआ रोड रेलवे स्टेशन पर ट्रेन को रोक कर विरोध प्रदर्शन किया है और कृषि कानून को वापस लेने का कर रहे हैं मांग। भभुआ के पूर्व विधायक रामचंद्र यादव के नेतृत्व में जुटे हैं दर्जनों कार्यकर्ता ने सरकार विरोधी नारे लगा कर कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की और इसे किसान विरोधी बताया है ।
बता दे की किसान संगठन द्वारा 12 बजे से 4 बजे तक रेल चक्का जाम की घोषणा की गई थी ।उसके बावजूद सुबह से ही अलग अलग स्थानों पर महागठबंधन कार्यकर्ताओ द्वारा रेल चक्का जाम कर दिया गया ।जाम कर रहे कार्यकर्ताओ ने यह भी नहीं सोचा कि लोगो को इस जाम से कितनी परेशानी होगी ।