देश :आजादी के बाद पहली बार किसी महिला को दी जाएगी फांसी,राष्ट्रपति ने दया याचिका की खारिज ,जानिए क्यों दिया जा रहा है शबनम को फांसी

Written by

in

देश /एजेंसी

अमरोहा के शबनम की दया याचिका को राष्ट्रपति द्वारा खारिज कर दिया गया है और अब शबनम को फांसी कि सजा दी जाएगी ।जानकारी के मुताबिक  निर्भया कांड के चार दोषियों को फांसी पर लटकाने वाला जल्लाद पवन अब अमरोहा की शबनम को फांसी देंगे। मालूम हो कि शबनम ने 2008 में अपने प्रेमी सलीम के साथ मिलकर अपने ही घर के सात लोगों को कुल्हाड़ी से काट कर मौत के घाट उतार दिया था ।ये मामला उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले का है जहां शबनम और सलीम को निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक ने फांसी की सजा सुना दी है।

न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक जल्लाद पवन मथुरा जेल के अधिकारी से लगातार संपर्क में रहे हैं ।






मेरठ जेल के अधीक्षक डॉ. बीबी पांडेय ने बताया कि मथुरा जेल से जैसे ही पवन जल्लाद के लिए बुलावा आएगा वैसे ही उसे भेज दिया जाएगा.मथुरा में स्थित इस महिला फांसीघर को करीब 150 साल पहले स्थापित किया गया था. बता दें कि आजादी के 73 साल में किसी भी महिला को यहां फांसी नहीं दी गई. यूपी के इकलौते इस फांसीघर में अमरोहा की शबनम को फांसी दी जाएगी. शबनम को सुप्रीमकोर्ट ने फांसी की सजा को बरकरार रखा था और राष्ट्रपति ने भी दया याचिका को ठुकरा दिया है ।






शबनम को मथुरा जेल में फांसी दी जाएगी और आजादी के बाद वो पहली महिला होंगी जिसे फांसी पर लटकाया जाएगा। हालांकि इससे पहले सीरियल किलर रेणुका शिंदे और सीमा गावित को 31 अगस्त 2006 को फांसी की सजा सुनाई गई थी लेकिन अभी तक फांसी हुई नहीं है।  शबनम की दायिका याचिका खारिज होने के बाद अब उनकी फांसी लगभग तय है। 

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *