दिल्ली :प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों को दिया बड़ा तौहफा,एमएसपी में की गई बढ़ोतरी ,पीएम ने कहा किसानों के जीवन स्तर में होगा सुधार

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दिल्ली :प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने कृषि उपज की सरकारी खरीद, सीजन 2021-22 के लिए सभी खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी को स्वीकृति दे दी है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ट्वीट में कहा कि अन्नदाताओं के हित में आज केंद्रीय मंत्रिमंडल ने खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है।उन्होने कहा कई फसलों के एमएसपी में वृद्धि से किसान भाई-बहनों की आय बढ़ने के साथ उनके जीवन स्तर में भी सुधार होगा।

सीएसईसी द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया गया कि सरकार ने किसानों को उनकी उपज के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सरकारी खरीद, सीजन 2021-22 के लिए खरीफ फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी की है। बीते साल की तुलना में सबसे ज्यादा तिल यानी सेसामम (452 रुपये प्रति क्विंटल) और उसके बाद तुअर व उड़द (300 रुपये प्रति क्विंटल) के एमएसपी में बढ़ोतरी की सिफारिश की गई। मूंगफली और नाइजरसीड के मामले में, बीते साल की तुलना में क्रमशः 275 रुपये और 235 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है।






सीसीईए द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया गया कि मूल्यों में इस अंतर का उद्देश्य फसल विविधीकरण को प्रोत्साहन देना है।देश में दलहन और तिलहन की पैदावार को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने अरहर दाल के एमएसपी में 300 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है. अरहर दाल का एमएसपी अब 6300 रुपये प्रति क्विंटल है. उड़द दाल का एमएसपी भी बढ़ कर अब 6300 रुपये प्रति क्विटल हो गया है . मूंग दाल का एमएसपी बढ़ा कर 7275 रुपये प्रति क्विंट किया गया है. पिछले साल यह 7196 रुपये प्रति क्विंटल था. तिलहन में तिल के एमएसपी में सबसे ज्यादा 452 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. अब तिल का एमएसपी 7,307 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है. मूंगफली का एमएसपी 275 रुपये बढ़ा है और 5550 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गया है. सूरजमूखी का एमएसपी 130 रुपये बढ़ा कर 6015 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है.वहीं तिलहनों के लिए भारत सरकार ने खरीफ सीजन 2021 में किसानों को मिनी किट्स के रूप में बीजों की ऊंची उपज वाली किस्मों के मुफ्त वितरण की महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी है। विशेष खरीफ कार्यक्रम से तिलहन के अंतर्गत अतिरिक्त 6.37 लाख हेक्टेयर क्षेत्र आ जाएगा और इससे 120.26 लाख क्विंटल तिलहन और 24.36 लाख क्विंटल खाद्य तेल पैदा होने की संभावना है।






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