कुपोषण के खिलाफ सकरात्मक पहल: अब आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को मिलेगा पोषणयुक्त लड्डू

• सेविका अपने हाथों से बनाएंगी लड्डू
• दैनिक पोषाहार में किया लड्डू को किया गया है शामिल
• टेक होम राशन के बदले पौष्टिक लड्डू का किया जाएगा वितरण

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छपरा /प्रतिनिधि

वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण की वजह से आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन लंबे समय से बाधित है। जिस कारण आंगनबाड़ी केंद्रों पर शिशुओं को गर्म पौष्टिक आहार उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इसके स्थान पर सूखा राशन बच्चों के घर पहुंचाया जा रहा है। बच्चों में कुपोषण से जुड़ी हुई समस्याओं को दूर करने के लिए इसे अपर्याप्त मानते हुए समाज कल्याण विभाग के द्वारा एक नई शुरुआत की गई है। जिसके तहत बच्चों को अब हाई एनर्जी फूड की रेसिपी के तहत खास किस्म के लड्डू को पोषक क्षेत्र के बच्चों के घर खाने के लिए दिया जायेगा।






सेविका खुद से बनाएंगी लड्डू, बच्चों के लिए होगा सुपाच्य और रुचिपूर्ण :

पहले बच्चों को दैनिक पोषाहार के रूप ऑगनबाड़ी केंद्रों पर पका भोजन, जैसे – खिचड़ी, दलिया, हलवा समेत अन्य भोजन मिलता था। किन्तु, अब बच्चों को सेविका-सहायिका के हाथों तैयार किया हुआ पोषण लड्डू के साथ –साथ सत्तू लड्डू मिलेगा। सप्ताह के तीन दिन सत्तू लड्डू मिलेगा जिसमें सत्तू के साथ मूँगफली, शुद्ध घी, गुड़ (शक्कर) के संयुक्त मिश्रण से तैयार किया जाएगा। सप्ताह के तीन दिन पोषण लड्डू मिलेगा जिसमें गेहूं का आटा ,मड़ुआ ,बिना छिलके वाली मूँग दाल ,उसना चावल ,घी के साथ गुड़ के संयुक्त मिश्रण से बनाया जाएगा जो बच्चों के लिए ना सिर्फ उचित पोषण होगा। बल्कि, सुपाच्य और रुचिपूर्ण भी होगा। कुपोषण की समस्या का स्थाई समाधान होगा।

टेक होम राशन के बदले पौष्टिक लड्डू का किया जाएगा वितरण:


आईसीडीएस डीपीओ वंदना पांडेय ने बताया ज़िले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले नवजात शिशुओं के लिए टेक होम राशन की व्यवस्था है। लेकिन यह पके हुए भोजन की व्यवस्था अलग से की गई है । नई व्यवस्था के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से टेक होम राशन की जगह बच्चों को पौष्टिक लड्डू व चूर्ण उपलब्ध कराया जायेगा। जिसे आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविकाओं द्वारा तैयार किया जाएगा। जिसको लेकर सेविकाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। ख़ास तरह के लड्डू को लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है। जो बच्चों के पोषण से संबंधित सभी तरह की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिहाज से काफ़ी महत्वपूर्ण होगा।







ख़ास क़िस्म में लड्डू खाने से कुपोषण से मिलेगी मुक्ति:

राष्ट्रीय पोषण अभियान की जिला समन्वयक सिद्धार्थ सिंह ने बताया आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को फिलहाल गर्म पका हुआ भोजन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। जिसके बदले में उन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों पर ही सुपाच्य आहार के रूप में पौष्टिक लडड् व सत्तू लड्डू तैयार कर पौषक क्षेत्र के सभी बच्चों के बीच वितरित किया जायेगा।


महिलाओं को भी लड्डू बनाने की जानकारी देंगी सेविका:


पोषक क्षेत्र की वैसी महिलाएं जिनके घर में छोटे-छोटे बच्चे हैं। वैसे लोगों को भी सेविकाओ के माध्यम से लडडू बनाने के लिए जानकारी दी जायेगी। ताकि वे इसे अपने घर पर भी इस तरह से लड्डू को तैयार कर अपने बच्चों को खाने के लिए देंगी। खास किस्म के लड्डू खाने से बच्चों के बीच कुपोषण की समस्या से छुटकारा मिलने में काफी सहूलियत होगी।






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