क्वारन्टीन सेंटर में समुचित व्यवस्था का अभाव अप्रवासी परेशान ।

किशनगंज /बहादुरगंज /देवाशीष चटर्जी

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जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड के उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय झुनकी में रह रहे प्रवासी के लिए बनाए क्वारन्टीन में व्यवस्था की कमी को लेकर प्रवासी परेशान हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार क्वारन्टीन सेंटर में 179 प्रवासियों को रखा गया है।जहाँ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा है।गौरतलब है कि क्वारन्टीन सेंटर में प्रवासियों को सुरक्षित रखने का सरकार का सख्त निर्देश है।उनके लिए डिग्निट्री पैक के अलावे अलग अलग गद्दे या बिछावन,बाल्टी,मग आदि का व्यवस्था प्रशासन को करनी है।लेकिन यहाँ एक ही बाल्टी से 30 से 40 लोगों को स्नान करना पड़ रहा है।यहां मात्र दो शौचालय है वह भी जर्जर एवं एक चापाकल होने से प्रवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।एक कमरे में 30 से 40 लोगों को एक ही दरी पर गुजर करने की मजबूरी है।प्रवसियों ने बताया उन्हें बाहर जाकर खेतों में शौच करना पड़ रहा है।इधर खेतों में जाने से आसपास के लोगों की गलियां भी सुननी पड़ रही है।उन्होंने बताया खाना और नास्ता भी ठीक से नहीं दिया जा रहा है।प्रवासी मजदूरों ने चिंता जताते हुए बताया कि हमारी जिंदगी से खिलवाड़ हो रही है।साफ सफाई के अभाव में मच्छरों का प्रकोप काफी बढ़ गया है।इन स्थानों को प्रतिदिन सैनिटाइजरिंग नहीं किया जा रहा है।बहुतों ने तो अपने घर से मच्छरदानी व बिछावन मंगवाया है।अगर सीसीटीवी कैमरा लगाया हुआ रहता हो शायद हमारी ये दुर्दशा न होती।हालांकि उन्होंने इस संकट की घड़ी में प्रशासन के निर्देशों का पालन करने में कोई लापरवाही नहीं करना चाहते हैं।परंतु व्यवस्था के प्रति प्रशासन की ढीला ढाला रवैया उन्हें संकट में पड़ा सकती है।खाना क्वारन्टीन सेंटर में ही पका कर खिलाया जाता है,लेकिन नास्ता में मुढ़ी और चना व एक बार चाय मिलता है।इन सेन्टरों में दूध की व्यवस्था नहीं है।