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  • स्वास्थ : मातृ मृत्युदर को कम करने में प्रसवपूर्व जांच सहायक: सिविल सर्जन

    छपरा /प्रतिनिधि

    • स्वास्थ्य संस्थानों पर विशेष कैंप लगाकर हुई गर्भवतियों की जांच
    • गर्भवती महिलाओं की गुणवत्ता युक्त प्रसवपूर्व जांच होना आवश्यक
    • उच्च जोखिमवाली गर्भवती महिलाओं को किया गया चिह्नित

    प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों पर विशेष कैंप का आयोजन किया गया। जिसमें गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व पर्व जांच की गयी। स्वास्थ्य संस्थानों में गर्भवती महिलाएं उत्साह के साथ अपना प्रसवपूर्व जांच कराने पहुंची पहुचीं थी। जहां पर चिकित्सकों के द्वारा गर्भवती को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गयी। उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) वाली महिला को चिह्नित कर उन्हें जरूरी परामर्श दिया गया। इन महिलाओं का रिकार्ड भी एकत्रित किया गया। सिविल सर्जन डॉ. माधवेश्वर झा ने कहा प्रत्येक गर्भवती महिला महत्वपूर्ण है| हर गर्भवती महिला को विशेष देखभाल मिलनी चाहिए तथा सभी की गुणवत्तायुक्त प्रसवपूर्व जांच होना आवश्यक है। जिससे समय पर समस्या खतरों की पहचान कर मातृ मृत्यु को कम किया जा सकता है। गर्भवती होते ही महिलाओं को नियमित जांच करवानी चाहिए। साथ ही खून की कमी ना हो, इसके लिए दूध, मौसमी फल, गुड़ आदि लेना चाहिए। समय पर भोजन करना व आठ घंटे की नींद जरूरी है।






    गर्भावस्था में ये पांच टेस्ट जरूरी:
    • ब्लड टेस्ट
    • यूरिन टेस्ट
    • ब्लड प्रेशर
    • हीमोग्लोबिन
    • अल्ट्रासाउंड
    महिलाओं को दी गयी आयरन की गोली:

    जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीसी रमेश चंद्र कुमार ने कहा कि शिविर में कमजोर महिलाओं की को पहचान कर कैल्सियम कैल्शियम एवं आयरन की मुफ्त दवा दी गई। सभी महिलाओं को सही प्रसव के बारे में जानकारी देते हुए नि:शुल्क दवा व फल भी दिया गया। सुरक्षित प्रसव जांच को लेकर सुबह से ही अस्पताल में महिलाओं की लाइन लगी रही। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के जरिए परिवार नियोजन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। हर माह की नौ तारीख को अभियान के तहत सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवती के लिए जांच शिविर लगाया जाता है।






    आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका अहम:

    जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीसी रमेश चंद्र कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास में काफी सफलता मिली है। स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता के साथ अभियान को सफल बनाने में आशाओं की भूमिका भी सराहनीय है। आशा सामुदायिक स्तर पर उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उसे प्रत्येक महीने की नौवीं तारीख को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ रेफरल अस्पतालों पर प्रसव पूर्व जांच के लिए ससमय संदर्भित करती हैं एवं खुद भी उपस्थित होती हैं। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास में काफी सफलता मिली है। स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता के साथ अभियान को सफल बनाने में आशाओं की भूमिका भी सराहनीय है। आशा सामुदायिक स्तर पर उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उसे प्रत्येक महीने की नौवीं तारीख को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ रेफरल अस्पतालों पर प्रसव पूर्व जांच के लिए ससमय संदर्भित करती हैं एवं खुद भी उपस्थित होती हैं।






  • वेलेंटाइन डे ! शहरी चकाचौंध से निकल कर ग्रामीण इलाकों तक के बाज़ार पर बना चुकी है पकड़

    युवाओं ने एक-दूसरे को गिफ्ट व संदेश भेजकर कही अपनी दिल की बातें

    चंदन मंडल

    ‘ वेलेंटाइन डे ‘ वीक के दूसरे दिन सोमवार को प्रपोज डे के रूप में मनाया गया. युवाओं ने एक-दूसरे को गिफ्ट व संदेश भेजकर अपने दिल की बातें कहीं. रोज डे से हुई सप्ताह की शुरुआत प्रपोज तक पहुंची, जिसके बाद अब इंतजार किया जा रहा है चॉकलेट डे का, जिससे दोस्ती और प्यार के रिश्तों में चॉकलेट जैसी मिठास घुल जाए.सबसे खास बात यह है कि सहरो की चकाचौंध से निकल कर वेलेंटाइन डे ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच चुकी है । ग्रामीण इलाकों के बाजार में इस वीक को मनाने के लिए विशेष तैयारी की गई है ।






    हम बात करें वेलेंटाइन डे वीक की तो केवल युवा ही नहीं बल्कि शादीशुदा लोग भी अपने रिश्तों में ताजगी के लिए वेलेंटाइन वीक मना रहे हैं. होटल और रेस्टोरेंट में अपने पार्टनर को लंच, डिनर करा रहे हैं. वेलेंटाइन डे में अभी छह दिन शेष हैं. इसलिए हर तरह से युवा इसके वीक के सभी दिनों को यादगार बनाना चाहते हैं. बात करें हम नई पीढ़ी के लिए तो फरवरी का महीना इनके लिए एक वरदान साबित है .


    पहले के समय में लोग खत लिखकर अपने इश्क का इजहार करते थे, लेकिन आज इंटरनेट के जमाने में लोगों को इंतजार करने की आदत नहीं. इसलिए लोग फास्ट फूड की तरह फास्ट रिजल्ट चाहते हैं. वे अपने साथी को गुलाब, एसएमएस या फिर तोहफे के जरिए अपनी भावनाओं से अवगत करा देते हैं.
     इसके पूर्व वेलेंटाइन वीक के पहले दिन यानी लव और फीलिंग्स के महकते कॉम्बिनेशन ‘रोज डे’ पर रविवार को लोगों ने एक-दूसरे को गुलाब देकर विश किया. इसके साथ ही उन्होंने सप्ताह भर के सैलिब्रेशन करने की प्लानिंग भी शुरू कर दी. ‘रोज-डे यानि फूलों के जरिए अपने दिल की बात अपने करीबी व्यक्ति से कहने, समझाने और जो रूठे हैं उन्हें मनाने का दिन था.’रोज डे’ के साथ गुरुवार से वेलेंटाइन वीक की शुरुआत हो गई. इसे लेकर बाजार भी पूरी तरह सजकर तैयार था. युवाओं में वेलेंटाइन वीक को लेकर काफी उत्साह है. रोज डे को लेकर बाजार में तरह-तरह के गुलाब मंगाए गए थे.






  • विशेष :देश विदेश में अचानक से आगजनी की घटनाएं क्यों बढ़ गई..

    लेखक /गर्ग जी

    15 जनवरी 2021 को एस्ट्रोलॉजर गर्गजी ने टिवीटर @Radhe Numerology पर एक पोस्ट के माध्यम से भविष्यवाणी की 15 जनवरी  से 20 जनवरी के बीच देश व विदेश में अग्नि से बड़ी हानि होने योग बने हुये है। उन्होंने लोगों को आगाह भी किया था कि इस दौरान सावधानी बरतें और सुरक्षित रहे। गर्ग जी की भविष्यवाणी के अनुसार 15 जनवरी से 20 जनवरी के बीच पूरी दुनिया में में आगजनी की बहुत सी घटनाएं घटित हुई है। उन्होंने लिखा था कि घर वह बिजनेश स्थल पर लाइटिंग लूज ना रखें। गैस पाइप लाइन कही से कटी फटी तो नही है, गैस पाइप का ख्याल रखे वाहन सावधानी से चलाये वह वाहन की वायरिग का भी ख्याल रखें।






    बीते एक सप्ताह में उनकी भविष्यवाणी के अनुसार पूरे विश्व में निम्न घटनाएं घटित हुई है।

    ?बीते सप्ताह विश्व में घटित आगजनी की तीन बड़ी घटनाये जो कि इतिहास के काले पन्नो में दर्ज हो गई…

    पहली घटना 18 जनवरी 2021 को दुनिया के सबसे ऊँचे मोटरसाइकिल म्यूजियम में 230 के करीब एंटीक बाइके भीषण आग के कारण जलकर खाक हो गई।

    दूसरी घटना अमेरिकी संसद वाइट हाउस जहां परिंदा भी ऊपर गुजरने से पहले 2 बार सोचता है में भीषण आग लग गई। महाशक्ति संसद में  कड़ी सुरक्षा के बीच भीषण आग लगना बड़ा ही ताज्जुब का विषय है।

    तीसरी घटना  पुणे के सिरम इंस्टीट्यूट में लगी भीषण आग से सिरम इंस्टीट्यूट के मालिक आदर जी पूणेवाले को 1000 करोड़ से ऊपर का नुकसान हो गया।

    15जनवरी को गर्ग जी द्वारा की गई भविष्यवाणी
    कुछ मुख्य रूप से घटित आगजनी की घटनाएं:

    1. ब्राजील के Riode janeiro रिहायशी इलाके में भीषण आग से कई घर जलकर खाक हो गए।
    2. जोधपुर राजस्थान में हैंडीक्राफ्ट फेक्ट्री में भीषण आग लगने से लाखों रुपया का माल जलकर खाक हो गया।
    3. चाइना में कपड़े की फैक्ट्री में भीषण आग से करोड़ो रूपये का माल जलकर खाक हो गया।
    4. घाट शिला वनविभाग डिपो में भीषण आग लाखो रुपये का नुकसान हो गया।
    5. बालोतरा में कपड़े की फैक्ट्री में भीषण आग से लाखों का माल जलकर खाक हो गया।
    6. मालाबार एक्सप्रेस के लगेज बोगी में भीषण आग से लाखों रुपये माल जलकर खाक हो गया।
    7. आई आई टी बीएचयू लेब में लगी भीषण आग से करोड़ो रुपये के उपकरण जलकर खाक हो गए।
    8. किशनगंज में लगी भीषण आग से कई घर जलकर खाक हो गये।
    9. जयपुर की कीटनाशक दवा गोदाम में भीषण आग से लाखों का माल जलकर खाक हो गया।
    10. बहादुरगढ़ में तीन फैक्ट्रियां में लगी भीषण आग से करोड़ो का माल जलकर खाक हो गया।
    11. पटना के मौर्या लोक कॉम्प्लेक्स में लगी भीषण आग से करोड़ो रूपये का माल जलकर खाक हो गया।
    12. अहदाबाद में अंबेडकर हॉल में लगी भीषण आग से करोड़ो रूपये का नुकसान हो गया।
    13. बोकारो वेदांता प्लांट में भीषण  आग  लगने से करोड़ो रूपये का नुकसान हो गया।
    14. जमशेदपुर टाटा प्लांट में भीषण आग लगने से करोड़ो रूपये का नुकसान हो गया।
    15. भिवंडी में बायोमेट्रिक मशीन जलकर खाक हो गई।
    16. अमेरिका के कैपिटल हिल एरिया में भीषण आग से करोड़ो  रुपये का नुकसान हो गया।
    17. नाशिक नगरपालिका के भवन में आग लगने से करोड़ो रूपये का नुकसान हो गया।
    18. रियाद के अल खरज इलाके में लगी भीषण आग से करोड़ो का माल जलकर खाक हो गया।
    19. गाजीपुर में 100 के करीब झुग्गी जलकर खाक हो गई।






    20.कर्नाटका में कोस्टमेटिक विनिर्माण इमारत में भीषण आग लगने से करोड़ो रुपयों का नुकसान हो गया..

    21दिल्ली के आकाशवाणी भवन में भीषण आग लगने से, करोड़ो रूपये का नुकसान हो गया..

    22.युक्रेन के नर्सिंग होम में भीषण आग लगने से 20 के करीब जन जिंदा जलकर देवलोक चले गये…वह काफी जन घायल हो गए..

    23.दिल्ली के उत्तम नगर नगर इलाके में स्थित एक आटोमोबाइल वर्कशॉप में भीषण आग लगने से करोड़ो रूपये का नुकसान हो गया*

    24.पटना के दीदारगंज इलाके में भीषण आग लगने से लाखो रुपये का नुकसान हो गया*

    25.अहमदाबाद में भीषण आग लगने से 12 दुकानें जलकर खाक हो गई*

    26.जालोर के महेशपुरा गाँव मे बस में भीषण आग लगने से 6 के करीब जन जिंदा जल गये…वह काफी जन घायल हो गए*

    27.रूस के सुपर मार्किट में भीषण आग लगने से करोड़ो रूपये का माल जलकर खाक हो गया*

    28.पालघर में भीषण आग लगने से लाखो रुपये का नुकसान हो गया..*

    29.चतरा में एनसीपीसी परियोजना इलाके में लगी भीषण आग से लाखो का स्क्रेप जलकर खाक हो गया*

    30.पश्चिम बंगाल में जुट मिल में लगी भीषण आग से लाखों मा माल जलकर खाक*

    31.लखनऊ में टैंट हाउस में गोदाम में भीषण आग लगने से 2 मासूम जिंदा जलकर देवलोक चले गए*

    32.लखनऊ आगरा एक्सप्रेस वे पर चलती बस जलकर खाक हो गई*

    33.सरकाघाट के बर्तन भण्डार में लगी भीषण आग से लाखों रुपये का माल जलकर खाक हो गया*

    1. अशोक राजपाल में रुई दुकान जलकर खाक

    35.भिवंडी डंपिंग ग्राउंड में लगी भीषण आग करोड़ो रूपये लागत बायो माईनिंग मशीन जलकर खाक*

    36.बडोदी के जड़ी बूटी गोदाम में लगी भीषण आग*

    37.डीडीघाट ओर कनाली कील के जंगल मे धधकी आग*

    38.दिल्ली में ito के पास लगी भीषण आग से करोड़ो रूपये का नुकसान*

    39.सोलन के माल रोड इलाक़े में लगी भीषण आग से लाखो का माल जलकर खाक…*

    ?सेकड़ो की सँख्या में वाहन जलकर खाक हो गए…

    बाइके खड़ी खड़ी जल रही है….

    ?कार लोडिंग वाहन आदि एकाएक जलकर खाक हो रहे है…..

    ?घरों में… बिजनेश स्थल पर …गोदामों में…शॉप पर अचानक से आग लग रही है…

    ?अग्निकांड की घटनावों में कुछ जन भी देवलोक चले गये है….

    उपरोक्त सभी घटनाओं को ध्यान में रखा जाए तो यह कहना सही रहेगा कि ज्योतिषाचार्य गर्ग जी की भविष्यवाणी एक तरह से 100 प्रतिशत सटीक थी और धरातल पर एक दम सही साबित हुई है।
    गर्ग जी से हमारे सवांदान्ता ने घटना के पीछे किया ज्योतिष कारण रहा है पूछा तो उन्होंने बताया कि 15 जनवरी 2021 शुक्रवार  शाम को पंचक काल धनिष्ठा नक्षत्र विनाशकारी योग में शुरू हुआ था। शुक्रवार को शुरू हुआ पंचक काल अत्यधिक हानिकारक होता है। उन्होंने आगे बताया कि धनिष्ठा नक्षत्र चल प्रवति का नक्षत्र है, और यह घटना पर घटना को जन्म देता है। अग्निकांड का मुख्य कारक ग्रह मंगल वर्तमान में बहुत अधिक पीड़ित है।







    उन्होंने आगे भविष्यवाणी करते हुए कहा कि वर्तमान में राहू भी मंगल के नक्षत्र मृगशिर में गोचर कर रहा है व केतू  वृश्चिक राशि मे स्थित है। वृश्चिक राशि का स्वामी भी मंगल ही है। पंचक काल मे अशुभ घटना घटने पर घटना की पुनरावृत्ति होने के प्रबल सम्भवावना बनी रहती है। वर्तमान में  सूर्य शनि की युति  मंगल बद का योग बना रही है, जो को बड़ी ही अशुभ फलदायी है।
    जब हमारे सवांदान्ता ने गर्ग जी से पूछा सर यह स्थिति कब तक बनी रहेगी। उन्होंने बताया कि 22 फरवरी 2021 तक का समय  बड़ा ही प्रतिकूल है।

    एस्ट्रोलोजी एडवाइजर गर्ग जी Whats App Number 080786-65041






    उपरोक्त विचार लेखक के निजी विचार है ।

  • मार्केट का नया बादशाह बना “बिटकॉइन”

    सुशील दुबे

    डिजिटल क्रांति के साथ बदलते काम करने के तकनीक और इससे उत्पन्न होती नई सम्भावनाओ ने कई सारे नए नए रास्ते तैयार कर दिए हैं।
    इसी बदलते तकनीक और प्रारूप ने जन्म दिया “बिटकॉइन” को।

    बिटकॉइन ब्लॉकचैन तकनीक पर आधारित एक कंप्यूटर प्रोग्राम है।बिटकॉइन बीते कई वर्षों से तब चर्चा में आया जब इसकी मार्केट वैल्यू अचानक से बढ़ने लगी।






    डार्क वेब, इंटरनेट की काली दुनिया जो पर्दे के पीछे काम करती है, और इस डार्क वेब का ज्यादातर इस्तेमाल गैर कानूनी कार्यो में सबसे ज्यादा किया जाता है|

    मालूम हो कि डार्क वेब पर स्थित वेब साइट आपके सामान्य ब्राउज़र पर खुलेंगे ही नहीं।

    इन्ही डार्क वेब की गतिविधियों ने जन्म दिया एक ब्लॉकचैन तकनीक को जो एक यूजर से दूसरे यूजर तक कोई भी जानकारी बिना किसी मध्यस्थता के पहुँच जाता है।

    डार्क वेब पर शुरू हुए ब्लॉकचैन तकनीक ने इसके सकारात्मक पक्ष पर को भी उजागर किया जिससे बैंक जैसी मध्यस्थता करने वाली संस्थाओं के बिना ही लेन देन आदि ट्रांजेक्शन चुटकियों में किया जा सकता था।

    इसी ब्लॉकचैन तकनीक पर आधारित एक जापानी शख्स सतोषि नाकामोटो ने बिटकॉइन जैसी एक क्रिप्टो टेक्नोलॉजी जो कही ज्यादा सुरक्षित और सुलभ है उसकी रचना कर डाली।

    चूंकि यह एनक्रिप्टएड है अर्थात कठिन कंप्यूटर प्रोग्राम के कोड द्वारा निर्धारित है सुरक्षित है और साथ ही कई भागों में विभाजित भी है तो एक प्रोग्राम एक यूनिट बन गया।

    जब डार्क वेब पर लेन देन के लिए इसका प्रयोग किया जाने लगा तो धीरे धीरे इसकी एक वैल्यू अर्थात मूल्य निर्धारित होते गए।

    वहीं जब समय के साथ ब्लॉकचैन तकनीक को दुनियाभर में मान्यता मिलने लगी तो इस कंप्यूटर प्रोग्राम यानी बिटकॉइन की मांग बढ़ने लगी।

    इसी मांग को पूरा करने के लिए “माइनर्स” जैसे ग्रुप बनने लगे जो अपने कंप्यूटर के हार्डवेयर की क्षमता को इंटरनेट पर लीज आउट करने लगे।






    लीज आउट अर्थात बिटकॉइन को ब्लॉकचैन पर एक यूजर के सूचनाओं को दूसरे यूजर तक ले जाने के लिए बहुत ही उच्च क्षमता वाले कंप्यूटर प्रोग्राम और हार्डवेयर की आवश्यकता होती है,तो जिन लोगो के पास ऐसी क्षमता होती वो इंटरनेट के माध्यम से अपनी कम्प्यूटर की क्षमता को बेचने लगें, इससे बिटकॉइन के ब्लॉकचैन पर स्पीड बढ़ती गयी और अलग से किसी खास मूलभूत संरचना की दरकार भी नही हुई।

    साल 2015 जब बिटकॉइन की हलचल शुरू हुई थी तब जनवरी में इसका मूल्य 900 डॉलर के लगभग था जिसका भारतीय मूल्य लगभग 1500 रुपयों के आसपास था।
    वही आज साल 2020 की बात करे तो इसका मूल्य 17 लाख रुपयों से ऊपर जा चुका है।

    2018 में भारत सरकार के फैसलों के कारण इसका व्यापार बंद कर दिया गया था, भारत मे इस फैसले के बाद इसके मूल्य में बहुत ही गिरावट आ गयी थी।

    परन्तु बाद में सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी फैसले पर रोक लगाते हुए सरकार को इसे लेकर नियामक तय करने का आदेश पारित किया।

    शेयर बाजार की भांति अलग से बन गए क्रिप्टो कर्रेंसी एक्सचेंज जिनके द्वारा ट्रेडिंग की जा सकती है आज सबका ध्यान आकर्षित कर रही है।
    बिटकॉइन जिसे दुनिया के कई नामी लोगो ने एक बुलबुले की संज्ञा दी थी, और कहा था कि यह एक पॉन्जी स्कीम है और इतनी ज्यादा मुनाफा देने वाली कोई चीज हो ही नही सकती।

    आज जब बिटकॉइन और इसके जैसे कई क्रिप्टो कर्रेंसी जो क्रिप्टो मार्केट के नई ऊंचाइयों को छू रही है तब विशेषकर भारत जैसे देश मे जहाँ अब तक इसकी कोई गवर्निंग बॉडी नही बनी तो देश के निवेशकों के पैसों का और साथ ही इसके लेन देन संबंधी नियामकों की नीति निर्देश कौन जारी करेंगे यह देखने वाली बात होगी।

    इसकी सुरक्षा कौन सुनिश्चित करेगा कि देश के निवेशकों का पैसा सुरक्षित रहें और हमारी अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले शेयर बाजार पर इसका कोई विपरीत प्रभाव न दिखे।

    पर फिलहाल निवेशकों की माने तो आने वाले वर्षों में 2025 तक बिटकॉइन 50 लाख से 1 करोड़ तक कि वैल्यू को छू सकता है।

    टीम न्यूज़ लेमनचूस की सलाह है कि ऐसे निवेश से पहले पाठक इससे जुडी सारी जानकारी और लाभ एवम नुकसान की सोच कर ही इन्वेस्टमेंट पर विचार करें।

  • विशेष :वो विक्रम संवत की रचना करने वाला ‘राजा’ जिसे भूल गये हमारे इतिहासकार , भारत को बनाया था ‘सोने की चिड़िया’

    वो विक्रम संवत की रचना करने वाला ‘राजा’ जिसे भूल गये हमारे इतिहासकार , भारत को बनाया था ‘सोने की चिड़िया’


    हम बात कर रहे हैं महाराज विक्रमादित्य के बारे में, जिनके बारे में बहुत कम लोगों को ज्ञान है। इन्हीं के शासनकाल में भारत को सोने की चिड़िया बना था। इस काल को देश का स्वर्णिम काल भी माना जाता है।
    महाराज विक्रमादित्य कौन?







    उज्जैन के राजा गन्धर्व सैन थे। इनकी तीन संताने थी, सबसे बड़ी संतान एक लड़की थी मैनावती, दूसरी संतान लड़का भृतहरि और सबसे छोटी संतान वीर विक्रमादित्य। बहन मैनावती की शादी धारानगरी के राजा पद्म सैन के साथ कर दी गई। जिनका एक लड़का हुआ गोपीचन्द। आगे चलकर गोपीचन्द ने श्री ज्वालेन्दर नाथ जी से योग दीक्षा ले ली और तपस्या करने जंगलों में चले गए। फिर मैनावती ने भी श्री गुरू गोरक्ष नाथ जी से योग दीक्षा ले ली।

    आज हिंदुस्तान की संस्कृति और नाम केवल विक्रमादित्य के कारण अस्तित्व में है। अशोक मौर्य ने बौद्ध धर्म अपना लिया। बौद्ध बनकर 25 साल राज करने के बाद भारत में तब सनातन धर्म लगभग समाप्ति पर आ गया था।

    विक्रमादित्य को क्यों याद रखना जरूरी?
    शायद ही आपको पता हो कि रामायण, और महाभारत जैसे ग्रन्थ खो गए थे। महाराज विक्रमादित्य ने ही इनकी पुनः खोज करवा कर स्थापित किया। भगवान विष्णु और शिव जी के मंदिर बनवाए। सनातन धर्म की रक्षा की।

    विक्रमादित्य के 9 रत्नों में से एक कालिदास ने अभिज्ञान शाकुन्तलम् को लिखा। जिसमें भारत का इतिहास है। अन्यथा भारत का इतिहास तो दूर की बात हम भगवान् कृष्ण और राम को ही खो चुके होते।

    हमारे ग्रन्थ ही भारत में खोने के कगार पर आ गए थे। उस समय उज्जैन के राजा भृतहरि ने राज छोड़कर श्री गुरू गोरक्ष नाथ जी से योग की दीक्षा ले ली और तपस्या करने जंगलों में चले गए। राज अपने छोटे भाई विक्रमदित्य को दे दिया। वीर विक्रमादित्य भी श्री गुरू गोरक्ष नाथ जी से गुरू दीक्षा लेकर राजपाट सम्भालने लगे और आज उन्ही के कारण सनातन धर्म की रक्षा हुई, हमारी संस्कृति सुरक्षित हुई।






    विक्रमादित्य के शासन काल को भारत का स्वर्णिम युग कहा जाता है। विक्रमादित्य के काल में भारत का कपड़ा, विदेशी व्यपारी सोने के वजन से खरीदते थे। भारत में इतना सोना आ गया था कि विक्रमादित्य काल में सोने की सिक्के चलते थे।

    हिन्दू कैलंडर की स्थापना भी विक्रमादित्य की देन
    हिंदू धर्म में आज जो ज्योतिष गणना होती है हिन्दी सम्वंत, वार, तिथियां, राशि, नक्षत्र, गोचर आदि भी उन्ही की रचना है। वे बहुत ही पराक्रमी, बलशाली और बुद्धिमान राजा थे।

    ऐसा कहा जाता है कि कई बार देवता भी उनसे न्याय करवाने आते थे। विक्रमादित्य के काल में हर नियम धर्मशास्त्र के हिसाब से बने होते थे। न्याय, राज सब धर्मशास्त्र के नियमों पर चलता था। विक्रमादित्य का काल राम राज के बाद सर्वश्रेष्ठ माना गया है। इनके शासन काल में प्रजा धर्म और न्याय पर चलने वाली रही।

    नोट: इतना सबकुछ होने के बाद भी आज हम भारत के सबसे महानतम राजा के बारे में कुछ भी नहीं जानते। आप इस लेख को शेयर करें ताकि राष्ट्र को उसको गौरव देने वाले के बारे में ज्ञान प्राप्त हो। वो जान सकें कि भारत को सोने की चिड़िया बनाने वाला देश का महान राजा कौन था ?

    साभार : सोशल मीडिया

  • किशनगंज : विशेष कैंप का किया गया आयोजन , स्वनिधी योजना के तहत फुटकर विक्रेताओं को मिलेगा लोन


    बहादुरगंज नगर पंचायत कार्यालय के सामने बुधवार के दिन नगर कार्यपालक पदाधिकारी रामबिलास दास के निर्देश पर विशेष कैम्प का आयोजन कर शहरी क्षेत्र के फुटकर विक्रेताओं को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 10हजार रुपए लोन देने का कार्य किया जा रहा है।


    इस संदर्भ में जानकारी देते हुए नगर मिशन प्रबन्धक मधुकर कुमार ने बताया कि नगर विकास विभाग पटना के निर्देश पर शहरी क्षेत्र के सभी फुटकर विक्रेताओं को चिन्हित कर उनका आईडी कार्ड एवम सर्टिफिकेट ऑफ वेंडिंग बनवाते हुए उन्हें प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत जल्द से जल्द लाभ दिलाने का निर्देश दिया गया।

    इसी कड़ी में बुधवार के दिन नप कार्यालय के सामने शिविर लगाकर शहरी क्षेत्र के लगभग 100 फुटकर विक्रेताओं का आईडी कार्ड निर्माण, सर्टिफिकेट ऑफ वेंडिंग का निर्माण एवम प्रधानमंत्री स्व निधी योजना के तहत 10 हजार रुपए मिलने वाली लोन से सम्बंधित कागजात को पूर्ण करवाने का कार्य किया गया।ताकि केंद्र सरकार की ओर से चलाई जा रही योजना का लाभ ग्रामीणों को मिल सके ताकि फुटकर विक्रेता अपने व्यवसाय को सुचारू रूप से संचालित कर अपना भरण पोषण कर सके।


    मौके पर मुख्य रूप से नप कार्यपालक पदाधिकारी रामबिलास दास,कॉमनीति ऑर्गनाइजर एकलाख आलम,सीआरपी पूजा देवी,नरगिस बेगम,वार्ड पार्षद मुजतफ़ा अनवर राही,संजय भारती, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि मो बदरुल सहित नप क्षेत्र के सभी फुटकर विक्रेता मौजूद रहे।

  • स्वास्थ :जच्चा-बच्चा के सुरक्षा के लिए पूर्व जांच कराना आवश्यक

    छपरा /प्रतिनिधि

    • गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य का ख्याल रखने के प्रति जागरूक दिख रही हैं महिलाएं

    • प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत हुआ गर्भवतियों का जांच

    • गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार का हुआ वितरण

    जच्चा बच्चा के सुरक्षा के लिए गर्भावस्था के दौरान प्रसव पूर्व जांच कराना आवश्यक है। प्रसव पूर्व जांच से मात्री शिशु मृत्यु दर को कम करने का प्रयास स्वास्थ्य विभाग के द्वारा किया जा रहा है। इसी को लेकर प्रत्येक 9 तारीख को सभी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत विशेष कैंप का आयोजन किया जाता है। ताकि गर्भवती महिलाओं का प्रसव पूर्व जांच किया जा सके वह प्रसव के दौरान होने वाले जटिल समस्याओं की पहचान किया जा सके। गर्भावस्था के दौरान अपने स्वास्थ्य का देखभाल के लिए अब महिलाएं भी जागरुक दिखने लगी है कैंप में काफी संख्या में महिलाएं आकर अपना प्रसव पूर्व जांच करा रही है। सदर अस्पताल समेत सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत शिविर का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत सदर अस्पताल सहित सभी पीएचसी में शिविर लगाकर स्त्री रोग विशेषज्ञ अथवा एमबीबीएस चिकित्सक द्वारा गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की गयी। साथ ही उच्च जोख़िम गर्भधारण महिलाओं की पहचान कर उचित प्रबंधन सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया। इस मौके पर गर्भवती महिलाओं को फल व पौष्टिक आहार का भी वितरण किया गया।

    गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जाँच की सुविधा उपलब्ध:

    सिविल सर्जन डॉ. माधवेश्वर झा ने कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान कार्यक्रम का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जाँच की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ उन्हें बेहतर परामर्श देना है। गर्भावस्था के दौरान 4 प्रसव पूर्व जाँच प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं में कमी लाता है। सम्पूर्ण प्रसव पूर्व जाँच के आभाव में उच्च जोख़िम गर्भधारण की पहचान नहीं हो पाती। इससे प्रसव के दौरान जटिलता की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने बताया इस अभियान की सहायता से प्रसव के पहले ही संभावित जटिलता का पता चल जाता है। जिससे प्रसव के दौरान होने वाली जटिलता में काफी कमी भी आती है।

    मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में भी अंकुश लागने का प्रयास:

    सिविल सर्जन डॉ. माधवेश्वर झा ने कहा कि अत्यधिक रक्त स्त्राव से महिला की जान जाने की संभावना सबसे अधिक होती है। प्रसव पूर्व जांच में यदि खून की कमी होती है तब ऐसी महिलाओं को आयरन की गोली के साथ पोषक पदार्थों के सेवन के विषय में सलाह भी दी जाती है। गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप, मधुमेह, अत्यधिक या कम वजन एवं अत्यधिक खून की कमी प्रसव संबंधित जटिलता को बढ़ा सकता है। इस दिशा में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान प्रभावी रूप से सुदूर गांवों में रहने वाली महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही है एवं इससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में भी अंकुश लागने में सफलता मिल रही है।

    गर्भवती महिलाओं की हुई ये जांच:

    उच्च रक्तचाप, वजन, शारीरिक जाँच, मधुमेह, एचआईवी एवं यूरिन के साथ जटिलता के आधार पर अन्य जाँच की गयी। साथ ही उच्च जोखिम गर्भधारण महिलाओं को भी चिन्हित किया गया एवं बेहतर प्रबंधन के लिए दवा के साथ जरुरी परामर्श दिया गया।

    कुपोषण से पीड़ित महिलाओं पर विशेष जोर:

    जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीसी सह नोडल पदाधिकारी रमेश चंद्र कुमार ने कहा कि प्रसव पूर्व जाँच में एनीमिक महिला को आयरन फोलिक एसिड की दवा देकर इसका नियमित सेवन करने की सलाह दी गयी। एनीमिक महिलाओं को हरी साग-सब्जी, दूध, सोयाबीन, फ़ल, भूना हुआ चना एवं गुड खाने की सलाह दी गयी। साथ ही उन्हें गर्भावस्था के आखिरी दिनों में कम से कम चार बार खाना खाने की भी सलाह दी गयी। बेहतर पोषण गर्भवती महिलाओं में खून की कमी को होने से बचाता है। इसलिए सभी गर्भवती महिलाओं को जाँच के बाद पोषण के बारे में भी जानकारी दी जाती है।

    गर्भावस्था में ये पांच टेस्ट कराना जरूरी:

    •ब्लड टेस्ट
    •यूरिन टेस्ट
    •ब्लड प्रेशर
    •हीमोग्लोबीन
    •अल्ट्रासाउंड

    उच्च जोख़िम गर्भधारण के कारण:

    • गर्भावस्था में 7 ग्राम से खून का कम होना
    • गर्भावस्था में मधुमेह का होना
    • एचआईवी पॉजिटिव होना(एडस पीड़ित)
    • अत्यधिक वजन का कम या अधिक होना
    • पूर्व में सिजेरियन प्रसव का होना
    • उच्च रक्तचाप की शिकायत होना

    उच्च जोख़िम गर्भधारण के लक्षण :

    • पूर्व की गर्भावस्थाओं या प्रसव का इतिहास
    • दो या उससे अधिक बार गर्भपात हुआ हो
    • बच्चा पेट में मर गया हो या मृत पैदा हुआ हो
    • कोई विकृत वाला बच्चा पैदा हुआ हो
    • प्रसव के दौरान या बाद में अधिक रक्त स्त्राव हुआ हो
    • गर्भवती होने से पहले कोई बीमारी हो
    • उच्च रक्तचाप
    • दिल या गुर्दे की बीमारी
    • टीबी या मिरगी का होना
    • पीलिया या लिवर की बीमारी
    • हाइपोथायराइड से ग्रसित होना

  • विशेष : कोरोना का टीका लगवाने वाली पहली भारतीय फिल्म अभिनेत्री बनी शिल्पा शिरोडकर

    डेस्क/न्यूज लेमनचूस

    फिल्म अभिनेत्री शिल्पा शिरोडकर कोरोना का टीका लगवाने वाली पहली भारतीय फिल्म अभिनेत्री बन चुकी है । शिल्पा ने टीका लगवाने के बाद सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा की है ।साथ ही उन्होंने नए साल का स्वागत सकारात्मक तरीके से किया है ।

    शिल्पा की तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब साझा हो रही है और प्रसंशक उनकी तारीफ कर रहे है ।बता दे कि वेक्सिन को लेकर देश में तरह तरह की अफवाह फैलाई जा रही है और कई नेताओं ने भी लोगो के बीच टीकाकरण को लेकर भ्रम फैलाने में कोई कसर नहीं छोड़ा है ।राजनैतिक प्रतिद्वंदिता के वजह से टीका को लेकर हाल के दिनों में कई बाते कहीं गई है ।

    जिसके बाद दिल्ली के निजी चैनल की पत्रकार पूजा मक्कड़ ने वेक्सिन लगवाया था और अब फिल्म अभिनेत्री शिल्पा शिरोडकर ने वैक्सीन लगवा कर लोगो में सकारात्मक संदेश दिया है ।बता दे कि भारत में टीकाकरण हेतु ड्राई रन किया जा रहा है और जानकारी के मुताबिक 13 जनवरी से पूरे देश में टीकाकरण शुरू हो जाएगा ।बता दे कि शिल्पा शिरोडकर ने दुबई से तस्वीर पोस्ट की है। उन्होंने लिखा है, वैक्सिनेडे और सुरक्षित। उन्होंने लिखा है, थैंक यू यूएई। 

  • बिहार :सास-बहू-बेटी सम्मेलन में परिवार नियोजन पर दी जाएगी जानकारी

    • मिशन परिवार विकास अभियान के दौरान होगा आयोजन

    •14 से 31 जनवरी तक चलेगा अभियान

    • सास-बहू की दस जोड़ियों का होता है चयन

    छपरा/प्रतिनिधि

    परिवार नियोजन पर अलख जगाने की नई पहल की गयी है। सास-बहू एवं बेटी के माध्यम से परिवार नियोजन पर जागरूकता फैलाई जा जाएगी। मिशन परिवार विकास अभियान के दौरान सास-बहू व बेटी सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। सम्मेलन के कुशल क्रियान्वयन की जिम्मेदारी एएनएम को सौंपी गई है। जिले में दो चरणों मे मिशन परिवार विकास अभियान का संचालन किया जाएगा। 14 से 20 जनवरी तक दंपति संपर्क सप्ताह तथा 21 से 31 जनवरी तक परिवार नियोजन सेवा सप्ताह का आयोजन किया जाएगा।

    दस जोड़ियों का चयन करती है एएनएम:

    एएनएम सास-बहू की कम से कम दस जोड़ियों का चयन करती हैं और उन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों पर बुलाती हैं। इस सम्मेलन में आशा कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी सेविकाएं भी शामिल होती हैं। ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस के अवसर पर इस सम्मेलन का आयोजन किया जाता है। इसके माध्यम से सुरक्षित मातृत्व के साथ परिवार नियोजन पर चर्चा की जाती है।

    बैलून के माध्यम से दिया जाता है संदेश:

    जिला स्वास्थ्य समिति के डीसीएम ब्रजेंद्र कुमार सिंह ने बताया सास-बहू सम्मेलन के दौरान सास और बहू को चार पांच बैलून गोद में दिया जाता है और उसे संभालकर रखने को कहा जाता है। लेकिन चार पांच में से एक-दो बैलून हाथ से छूट कर गिर जाता है। फिर एक जोड़ी सास-बहू को दो बैलून दिया जाता है जिसे वे असानी से पकड़ लेती हैं और नीचे नहीं गिरता है। जिससे यह संदेश दिया जाता है कि अगर ऐसे हीं चार पांच बच्चे होंगे तो संभालना मुश्किल होगा। इससे आर्थिक स्थिति भी खराब होगी। दो बच्चों को बाद परिवार नियोजन के साधनों का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया जाता है।

    सास-बहू करती है काना-फूसी:

    सास-बहू सम्मेलन के दौरान स्वास्थ्य विभाग के टीम के द्वारा सास-बहू के जोड़ियों के साथ खेल खेला जाता है। जिसमें सास-बहू काना-फूसी करती हैं। इसके माध्यम से यह संदेश दिया जाता है कि काना-फूसी व परिवार नियोजन के बारे में अफवाहों पर ध्यान न दें। बल्कि आशा या एएनएम के द्वारा बताये गये परिवार नियोजन के साधनों का इस्तेमाल करें।

    परिवार नियोजन के इन साधनों पर चर्चा:

    सास-बहू सम्मेलन में परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी साधनों के बारे में जानकारी दी जाएगी। स्थायी साधनों में महिला नसबंदी एवं पुरुष नसबंदी एवं अस्थायी साधनों में कॉपर टी, गर्भ-निरोधक गोली(माला-एम एवं माला-एन), कंडोम एवं इमरजेंसी कंट्रासेप्टिव पिल्स के बारे में बताया जा जाएगा। नवीन गर्भनिरोधक ‘अंतरा एवं ‘छाया’ के इस्तेमाल पर ज़ोर दिया जा रहा है। ‘अंतरा’ गर्भ निरोधक इंजेक्शन का इस्तेमाल एक या दो बच्चों के बाद गर्भ में अंतर रखने के लिए दिया जाता है। साल में इंजेक्शन का चार डोज दिया जाता है। वहीं ‘छाया’ गर्भ निरोधक एक साप्ताहिक टेबलेट है।

    एएनएम देंगी ये जानकारी:

    • विवाह के सही उम्र, लड़के के 21 एंव लड़की की 18 वर्ष
    • शादी के बाद कम से कम दो वर्ष बाद पहला बच्चा
    • पहले एंव दूसरे बच्चे में कम से कम तीन साल का अंतराल
    • छोटा परिवार एंव समिति परिवार के लाभ
    • परिवार नियोजन के स्थाई एंव अस्थाई साधन के बारे में जानकारी

  • विशेष :आईएनएसएसीओजी प्रयोगशालाओं ने सार्स कोविड-2 के म्यूटेंट रूप के जीनोम अनुक्रमण जांच के आरंभिक परिणाम किए जारी

    • 23 दिसंबर, 2020 की मध्यरात्रि से 31 दिसंबर, 2020 तक ब्रिटेन से आने वाली सभी उड़ानों पर अस्थायी रोक
    • ब्रिटेन से आने वाले सभी विमान यात्रियों का अनिवार्य रूप से होगा आरटी-पीसीआर परीक्षण
    • ब्रिटेन में पाए गए सार्स कोविड-2 के म्यू टेंट रूप से निपटने के लिए 22 दिसंबर को राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को जारी किये गए मानक संचालन प्रोटोकॉल

    किशनगंज/बिहार

    भारत सरकार ने ब्रिटेन में कोविड-19 विषाणु की नई प्रजाति सार्स कोविड-2 के पाए जाने की खबरों का संज्ञान लेते हुए इसके जीनोम अनुक्रमण का पता लगाने और तथा इसके नियंत्रण और बचाव के लिए समय से पहले ही एक सक्रिय रणनीति तैयार कर ली है। रणनीति के अनुसार ब्रिटेन से आने वाले सभी विमान यात्रियों का अनिवार्य रूप से आरटी-पीसीआर परीक्षण किए जाएंगे। साथ ही आरटी-पीसीआर परीक्षण में पॉजिटिव पाए गए सभी नमूनों के जीनोम अनुक्रमण का पता लगाने के लिए इन्हें इस काम के लिए चिन्हित दस सरकारी प्रयोगशालाओं अर्थात आईएनएसएसीओजी( भारतीय सार्स कोविड-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम) में भेजे जाएंगे।

    26 दिसंबर को हुयी राष्ट्रीय कार्य बल (एनटीएफ) की बैठक:

    परीक्षण, उपचार, निगरानी और नियंत्रण रणनीति पर विचार करने और सुझाव देने के लिए कोविड-19 के संबंध में 26 दिसम्बर को राष्ट्रीय कार्य बल (एनटीएफ) की बैठक आयोजित की गयी। 26 दिसंबर, 2020 की बैठक में राष्ट्रीय कार्यबल (एनटीएफ) की ओर से इस पूरे मामले पर विस्तार से चर्चा की गई और यह निष्कर्ष निकाला गया कि सार्स कोविड-2 के नए म्यूटेंट रूप को देखते हुए मौजूदा राष्ट्रीय उपचार प्रोटोकॉल या मौजूदा परीक्षण प्रोटोकॉल में किसी तरह के बदलाव की कोई आवश्यकता नहीं है। एनटीएफ ने यह भी सुझाव दिया कि मौजूदा निगरानी रणनीति के अतिरिक्त यदि कुछ करना है तो कोविड के नए रूप के जीनोम अनुक्रमण की निगरानी बढ़ाने पर ज्यादा जोर देना बेहतर होगा। साथ ही ब्रिटेन में पाए गए सार्स कोविड-2 के म्यूाटेंट रूप से निपटने के लिए 22 दिसंबर को राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को मानक संचालन प्रोटोकॉल जारी किये गए हैं.

    ब्रिटेन से भारत लौटे 33000 यात्रियों की होगी जाँच:

    25 नवंबर से 23 दिसंबर, 2020 की मध्यरात्रि तक लगभग 33,000 यात्री ब्रिटेन से भारत के अलग अलग हवाई अड्डों पर पहुंचे थे। इन सभी यात्रियों का राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेशों की ओर से अपने यहां पता लगया जा रहा है और उन्हें आरटी-पीसीआर परीक्षण के लिए भेजा जा रहा है। इन यात्रियों में से अब तक केवल 114 के नमूने पॉजिटिव पाए गए हैं। इन नमूनों के जीनोम अनुक्रमण का पता लगाने के लिए इन सभी को इस काम के लिए चिन्हित दस (आईएनएसएसीओजी) प्रयोगशालाओं (एनआईबीएमजी,कोलकाता, आईएलएस भुवनेश्वर, एनआईवी-पुणे, सीसीएस-पुणे, सीसीएमबी-हैदराबाद, सीडीएफडी-हैदराबाद, इनस्टेम-बेंगलुरु, निमहास बेंगलुरु, आईजीआईबी-दिल्ली और एनसीडीसी दिल्ली) भेजा गया है।

    ब्रिटेन से लौटे 6 विमान यात्रियों के नमूने सार्स-2 से संक्रमित मिले:

    ब्रिटेन से लौटे 6 विमान यात्रियों के नमूने सार्स-2 से संक्रमित पाए गए हैं। इनमें से तीन का बेंगलुरु की निमहास प्रयोगशाला में, दो का हैदराबाद की सीसीएमबी प्रयोगशाला में और एक का पुणे की एनआईवी प्रयोगशाला में संक्रमित होने का पता चला है। इन सभी व्यक्तियों को संबंधित राज्य सरकारों द्वारा की गई व्यवस्थाओं के अनुरुप स्वास्थ्य देखभाल केन्द्रों में अलग अलग कमरों में रखा गया है। इन लोगों के साथ निकट संपर्क में आए लोगों को भी क्वारंटीन कर दिया गया है। इनके परिवार वालों, इनके साथ विमान में आए अन्य यात्रियों और दूसरे लोगों का भी पता लगाने के लिए सघन अभियान चलाया गया है। अन्य नमूनों के जीनोम अनुक्रमण का पता लगाने का काम भी चल रहा है।

    नया म्यूटेंट रुप सार्स कोविड-2 कई अन्य देशों में भी मिले:

    यह महत्वमपूर्ण है कि अभी तक ब्रिटेन में कोविड का नया म्यूटेंट रुप सार्स कोविड-2 डेनमार्क, नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, इटली, स्वीडन, फ्रांस, स्पेन, स्विट्जरलैंड, जर्मनी, कनाडा, जापान, लेबनान और सिंगापुर में पाया गया है। इसलिए स्थिति की सावधानीपूर्वक निगरानी की जा रही है और साथ ही नियमित रूप से राज्यों को इस बात की सलाह दी जा रही है कि वह निगरानी और नियंत्रण की अपनी व्यवस्था दुरुस्त बनाए रखें और नमूनों की जांच कराने के लिए इन्हें चिन्हित प्रयोगशालाओं में भेजें।