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  • विशेष:कोरोना वैक्सीनेशन के 14 दिनों बाद कर सकते हैं रक्तदान, जरूर करें लोगों का सहयोग

    • रक्तदान से शरीर में बनता है नया खून
    • एनबीटीसी की नई गाइडलाइन में की गयी है चर्चा

    किशनगंज /प्रतिनिधि


    कोविड आपदा के दौरान रक्तदान में आयी कमी के कारण ब्लड बैंक प्रभावित हुए हैं। ऐसे में युवाओं से रक्तदान के लिए लगातार अपील की जा रही है। कोरोना संकट के बीच आमजन कई अन्य घातक बीमारियों के उपचार में समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इनमें ऐसे रोग शामिल हैं जिनके इलाज के लिए मरीज को खून की हमेशा जरूरत होती रहती है। कोविड आपदा खून की कमी से जूझ रहे मरीजों की परेशानी का सबब बन गया है। इस संकटकाल में रक्तदान करने वालों की संख्या में कमी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न संस्थाओं द्वारा रक्तदान करने के प्रति जागरूकता लायी जा रही है।

    वैक्सीनेशन के 14 दिन बाद कर सकते हैं रक्तदान:


    इस दिशा में स्टेट रिसोर्स यूनिट के मैटरनल हेल्थ ईकाई के टीम लीड डॉ प्रमोद ने लोगों से कोरोना वैक्सीनेशन से पूर्व रक्तदान करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए बड़े पैमाने पर 18 वर्ष या इससे से अधिक आयुवर्ग के लोगों को टीका लगाया जा रहा है। ऐसे में वैक्सीनेशन के साथ-साथ जरूरतमंदों के लिए रक्त की माँग को पूरा करने हेतु रक्तदान भी आवश्यक है। उनका कहना है कि कोविड संक्रमण काल में भी सुरक्षित रह कर रक्तदान किया जा सकता है। नेशनल ब्लड ट्रांसफ्यून कांउसिल की नई गाइडलाइन के मुताबिक कोविड टीकाकरण के पहले या दोनों डोज लेने के 14 दिनों बाद रक्तदान किया जा सकता है। उन्होंने कहा है कि रक्तदान किसी भी जरूरतमंद को एक नई जिंदगी दे सकता है।

    रक्तदान से शरीर में बनता है नया खून, रहें स्वस्थ्य:
    सिविल सर्जन डॉ. श्री नंदन ने कहा रक्तदान महादान है और कोविड काल में तमाम सुरक्षा उपायों का पालन करते हुए रक्तदान किया जा सकता है। रक्तदान का कोविड संक्रमण से कोई संबंध नहीं है। रक्तदान के कई फायदे भी हैं। यह शरीर में नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है और आपको स्वस्थ्य रखता है। रक्तदान से ह्रदयाघात की संभावना कम होती है। कोविड काल में रक्तदान करने से पूर्व ब्लड बैंक में संक्रमण से बचाव जैसे मास्क लगाना, सैनिटाइजर या साबुन पानी से हाथों की नियमित धुलाई, शारीरिक दूरी जैसे मानकों का पालन कर रक्तदान किया जा सकता है।

    रक्तविकार संंबंधी रोगियों को होती है ब्लड की जरूरत:


    रक्तविकार संबंधी कई ऐसी बीमारियां हैं जिसके लिए ब्लड की जरूरत होती है। ऐसे में उनलोगों का ध्यान रखना भी सभी की जिम्मेदारी हो जाती है। रक्तविकार की समस्याओं जैसे थैलीसीमिया, हीमोफीलिया व ब्लड कैंसर से प्रभावित लोगों को रक्त की हमेशा जरूरत होती है। एनीमिया प्रभावित गर्भवती महिलाओं के प्रसव संबंधी जोखिम को कम करने के लिए भी रक्त की जरूरत होती है। अत्यधिक रक्तस्राव से प्रसूता की जान भी जा सकती है। वहीं अन्य प्रकार के सर्जरी के दौरान भी रक्त की जरूरत लोगों को होती है। ऐसे समय के लिए अधिकतर लोग ब्लड बैंक पर ही निर्भर होते हैं। खून की आवश्यकता की पूर्ति तभी संभव है जब ब्लड बैंक में पर्याप्त खून का भंडारण किया गया हो। ऐसे में एक स्वस्थ्य व्यक्ति द्वारा रक्तदान किया जाना महादान माना जाता है।

  • किशनगंज :बुजुर्ग नागरिकों में कोविड संक्रमण के जोखिम की संभावना अधिक,विशेष ध्यान रखने की जरूरत


    • गंभीर रोगों से ग्रसित उम्रदराज लोगों का रखना है विशेष ख्याल
    • घर में ही रहें, बाहर जाने से बचें, लोगों से मिलने से करें परहेज

    किशनगंज /प्रतिनिधि

    कोविड 19 की दूसरी लहर चरम पर है.आज भी जिले में कुल 113 संक्रमित मरीज पाए गए है ऐसे समय में सभी लोगों को सुरक्षा के सभी पैमानों का पालन करते हुए सर्तक रहना है और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना है. विशेषकर कोविड संक्रमण का सबसे अधिक जोखिम उम्रदराज लोगों को होता है. इसे देखते हुए उनकी सुरक्षा जरूरी है. इसको लेकर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा एम्स दिल्ली के जियाट्रिक मेडिसिन विभाग दवारा एडवाइजरी जारी की गयी है. जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि उम्रदराज लोगों में कोविड 19 संक्रमण का जोखिम अधिक है. साथ ही कोरोना संक्रमण के मद्देनजर वरिष्ठ नागरिकों व उनके देखभाल में लगे लोगों को इस दौरान क्या करना चाहिए एवं क्या नहीं करना चाहिए, इसके विषय में भी आवश्यक रूप से जानकारी दी गयी है. एडवाइजरी में कहा गया है कि 60 साल या इससे अधिक उम्र के बुजुर्ग लोग कोविड संक्रमण के जोखिम का सामना सबसे अधिक कर रहे हैं. उम्रदराज लोग जिन्हें अस्थमा, गंभीर श्वसन रोग, ब्रोंकाइटिस, फेफड़ों से जुड़े रोग जैसे टीबी, दिल की बीमारी, किडनी व लीवर की समस्या जैसे हेपेटाइटिस, तथा पार्किंसन, मधुमेह, हाइपरटेंशन व कैंसर आदि से जूझ रहे हों, उन्हें विशेष तौर पर खुद को सुरक्षित रखने के लिए कहा गया है.
    इन बातों के पालन करने को लेकर खास सलाहःः
    सिविल सर्जन डॉ श्री नंदन ने बताया कि बुजुर्ग लोगों से कहा गया है कि वह अपना अधिकांश समय घरों में ही बितायें. बाहर से मिलने के लिए आने वाले मेहमानों या अन्य किसी से सीधे संपर्क में आकर मिलने से पूरी तरह परहेज करें. यदि मिलना जरूरी है तो एक मीटर के दूरी पर रहकर मुलाकात करें.

    बुजुर्गों से कहा गया है कि यदि वह घर में अकेले रह रहें हों तो अपने पड़ोसिंयों को इस बात की जानकारी जरूर दें ताकि समय समय पर आवश्यक वस्तुएं उनके दवारा उपलब्ध करायी जा सके. छोटे या बड़ी गैदरिंग जैसे बर्थ डे पार्टी, वैवाहिक समारोह या धार्मिक सभाओं में बिल्कुल हिस्सा नहीं लें. घर में रहने के दौरान खुद को घरेलू कामकाज में व्यस्त रख एक्टिव रहें. प्रतिदिन हल्के व्यायाम तथा योगा जरूर करें.. समय- समय पर नियमित रूप से 20 सेकेंड तक साबुन पानी से हाथ धोंये. विशेषकर खाना खाने से पहले व शौच के बाद हाथों को अच्छी तरह धोने का खास ख्याल रखें. खांसते व छींकते समय टिश्यू पेपर या रूमाल का इस्तेमाल करें. इस्तेमाल टश्यू पेपर को डस्टबिन में डालें तथा तथा रूमाल व हाथ को समय समय पर धोते रहें.

    अपना पौष्टिक खानपान सुनिश्चित करें. घरों में तैयार किया ताजा भोजन ही खायें. अधिक से अधिक पानी पीकर खुद को हाइड्रेट रखें तथा मौसमी फलों के जूस पीकर अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत बनायें. चिकित्सकों दवारा बताये गये दवाओं का नियमित और समय पर सेवन करें. अपने स्वास्थ्य की निगरानी करते रहें. यदि आपको बुखार, कफ या सांस लेने में तकलीफ या स्वास्थ्य से जुड़ी अन्य समस्याएं होती हैं तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क कर चिकित्सीय परामर्श प्राप्त करें. आपके साथ नहीं रहने वाले परिवार के सदस्य, रिश्तेदार व दोस्तों आदि से फोन कॉल या वीडियो काॅफ्रेंसिंग से बात करें और जरूरत पड़ने पर मदद प्राप्त करें.


    सर्दी खांसी वाले लोगों के संपर्क में नहीं आयें:
    एडवाइजरी में कहा गया है कि कोविड 19 लक्षण वाले लोगों के संपर्क में आने से पूरी तरह बचें. ऐसे समय में हर उस व्यक्ति से दूर रहें जिसे सर्दी, खांसी, बुखार या सांस लेने में तकलीफ है. घर के बाहर किसी से भी हाथ व गले नहीं मिलायें. पार्क, बाजार या धार्मिक सभा में नहीं जायें. नंगे हाथों से नाक साफ नहीं करें. ना ही उन्हें अपने मुंह पर रख कर खांसे. गंदे हाथों से अपने आंख, चेहरा व नाक को बिल्कुल नही छूयें.

    बुधवार को 113 नए मरीजों के साथ ही संक्रमित मरीजों की संख्या 801 हो चुकी है। हालांकि, आज 23 लोग कोरोना से पूरी तरह ठीक हो चुके हैं।नगर परिषद क्षेत्र, किशनगंज में 560 ,किशनगंज ग्रामीण क्षेत्र में 21, दिघलबैंक में 22, ठाकुरगंज में 33, बहादुरगंज में 27 , पोठिया में 20,टेढ़ागाछ में 22, कोचाधामन में 33 तथा प्रवासी 63 व्यक्ति संक्रमित व्यक्ति है।कुल जांच 3 लाख 98 हजार हुए है जिसमे 5702 व्यक्ति संक्रमित पाए गए है वही 4880 व्यक्ति संक्रमण को हराकर ठीक भी हुए है तथा 21 व्यक्ति की म्रत्यु हुई है वही | जिले के कुल 74197 व्यक्तियों का प्रथम डोज़ एवं 18207 व्यक्तियों को दूसरा डोज़ टीकाकरण किया गया है जिले में संक्रमण की दर 1.4 है तो वही रिकवरी दर 85.6 के करीब है| संक्रमण के प्रसार की संभावना बनी हुई है| लिहाजा जिला स्वास्थ्य विभाग ने सभी संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों को अलर्ट किया है|


    • कोविड-19 से बचाव के लिए इन बिंदुओं पर विशेष ध्यान:
      • मास्क का प्रयोग अवश्य करें,।
      • हाथों को बार-बार पानी और साबुन से धोएं या सैनिटाइज करें
      • सहयोगियों से परस्पर दो गज की दूरी बनाकर रखें
      • आगंतुकों से मिलते समय भी परस्पर दूरी रखें और बाचतीत के दौरान भी मास्क का प्रयोग आवश्यक है
      • कार्य के दौरान अति आवश्यक वस्तु को ही छुए
      • सहकर्मियों से बात करें, अपने मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखें और तम्बाकू उत्पादों का सेवन न करें जिन्दगी चुने तम्बाकू नहीं।
  • विशेष :कोरोना के मरीजों को नहीं लिखी जाएगी रेमडेसिविर इंजेक्शन


    • एनएमसीएच ने आदेश जारी किया, आइएमए ने की है अपील
    • इंजेक्शन को लेकर भागदौड़ सही नहीं, कालाबाजारी से बचें


    किशनगंज /प्रतिनिधि

    बिहार में कोरोना से जारी मौत के बीच पिछले कई दिनों से रेमडेसिविर इंजेक्शन को लेकर मारामारी चल रही है। कोरोना मरीजों को देने के लिए यह इंजेक्शन नहीं मिल रहा है और परिजन इंजेक्शन के लिए अस्पताल से लेकर दवा दुकानों तक खाक छानते फिर रहे हैं। अब पटना के एनएमसीएच अस्पताल ने इसको लेकर बड़ा फैसला किया है। वहीं इंडियन मेडिकल काउंसिल ने भी प्रेस रिलीज जारी कर रेमडेसीविर के इस्तेमाल को लेकर आवश्यक जानकारी दी है.
    एनएमसीएच के अधीक्षक डॉ. विनोद सिंह ने आदेश जारी कर दिया है कि कोविड मरीजों के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन की उपयोगिता नहीं है।

    अधीक्षक डॉ. सिंह ने डब्ल्यूएचओ का हवाला देते हुए सभी चिकित्सकों को आदेश दिया है कि अभी से कोई डॉक्टर कोविड मरीजों के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं लिखेंगे , क्योंकि डब्लूएचओ ने इसकी उपयोगिता को नकार दिया है। इस बात की पुष्टि रिसर्च में भी हो चुकी है कि यह इंजेक्शन कोविड की रोकथाम के लिए कारगर नहीं है। इसके बावजूद इसे लेकर पैनिक क्रिएट हो रहा है और परिजन परेशान हो रहे हैं। दरअसल इस इंजेक्शन को लेकर लगातार बिहार में भी हाय तौबा मची हुई है और एक एक मरीज के लिए डॉक्टर 07 से 08 इंजेक्शन देने का पर्चा लिख रहे हैं। दूसरी तरफ इंजेक्शन का मिलना मुश्किल है। इंजेक्शन की जमकर कालाबाजारी भी हो रही है। पीड़ित लोग 15 से 25 हजार में एक फाइल खरीद रहे हैं।

    इससे पहले शोध में यह भी साबित हो चुका है कि इस इंजेक्शन की एआरडीएस रोकने में कोई भूमिका नहीं है। डॉक्टरों की माने तो यह इंजेक्शन ऑक्सिजन लेवल घटने अर्थात 90 से नीचे आने पर ही दी जाती है ताकि मरीज की जान बचाई जा सके। अब एनएमसीएच के अधीक्षक डॉ. सिंह के पत्र के बाद चर्चा है कि स्वास्थ्य विभाग भी इससे सम्बंधित शीघ्र आदेश जारी करेगा और चिकित्सकों को इसे लिखने की सलाह न देने की अपील करेगा।

    इंडियन मेडिकल काउंसिल ने भी दी है जरूरी सलाह:


    वहीं इंडियन मेडिकल काउंसिल ने भी कहा है कि रेमेडीसिविर नाम की दवा का कोविड 19 रोगियों की मृत्यु को कम करने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. इसका केवल कुछ रोगियों में बीमारी की गंभीरता को कम करने के लिए चिकित्सक की निगरानी में उपयोग होता है. आइएमए ने कहा है कोविड लक्षणों वाले रोगियों को इम्यूनिटी बढ़ाने वाले पौष्टिक भोजन, भाप और श्वसन संबंधी व्यायाम इस बीमारी के तकलीफ को कम करने में मदद करते हैं. बताया गया है कि ज्यादातर कोविड संक्रमित लोग बिना लक्षण के अथवा साधारण लक्षण युक्त होते हैं जिनका इलाज डॉक्टरों द्वारा बताये गये कुछ दवाओं से होम आइसोलेशन में हो सकता है. जबतक कोई डॉक्टर सलाह नहीं दें तब तक अस्पताल में भरती होने की जरूरत नहीं है. साथ ही कहा गया है कि सही मास्क का प्रयोग, हाथ को बार बार धोना, दो गज की दूरी एवं टीकाकरण के द्वारा ही इस बीमारी पर काबू पाया जा सकता है.

  • सरस्वतीचंद्र -डॉ सजल प्रसाद

    कल शाम 4 बजे जब लिखना शुरू करना चाहा तो, मन-मस्तिष्क में कुछ भी नहीं था। कहीं कुछ सोच भी नहीं पा रहा था। लेकिन, रचना का प्लॉट हमारे आसपास ही होता है। मैंने यूँ ही फेसबुक खोला तो मेरी नज़र किसी मित्र के स्टेटस पर पड़ी। मैट्रिक परीक्षा के रिजल्ट के संदर्भ में उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट किया था – ‘पढ़ा लिखा साढ़े बाइस, नंबर आया चार सौ बाइस।’
    बस, यहीं पर मेरे व्यंग्य का प्लॉट का सूझ गया .. और, यदि व्यंग्य ख़ुद पर हो तो ! …. तो, आप भी पढ़िए !
    मैं एक शिक्षक हूँ, सभी शिक्षकों से क्षमा याचना सहित –

    सरस्वतीचंद्र

    व्यंग्य / डॉ. सजल प्रसाद

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    अड़ोसी-पड़ोसी सब हैरान …! जितने नाते-रिश्तेदार, वो भी हैरान … ! और तो और, खुद माँ-बाप भी हैरान … ! सबके सब हैरान कि पढ़ाई-लिखाई से कोसों दूर रहनेवाला और दिनभर मटरगश्ती करने वाला अपने नाम के उलट सरस्वतीचंद्र आखिर मैट्रिक परीक्षा में फर्स्ट कैसे आ गया … !
    किसी पड़ोसी ने फब्ती कसी – ” पढ़ाई-लिखाई साढ़े बाइस और नम्बर आया चार सौ बाइस। ” उस पर तुर्रा यह कि पड़ोसी ने चिढ़कर अपने फेसबुक स्टेटस को अपडेट करते हुए इसी फब्ती वाली लाइन को पोस्ट भी कर दिया। मोहल्ले के सभी फेसबुक फ्रेंड समझ गए कि गुलजारी लाल ने किसके बारे में यह लिखा है। कई लोग कहने लगे कि गुलजारी लाल ने खूब तीर चलाया। तो, कई ऐसे भी थे जो कह रहे थे -” गुलजारी लाल जलभुन कर राख हो रहा है, इसलिए ऐसा कह रहा है। “
    एक पड़ोसी ने कोई रहस्य जैसे खोलते हुए अपनी टिप्पणी की – ” जरूर सरस्वतीचंद्र रात में पढ़ता होगा, जब सभी गहरी नींद में सो जाते होंगे। “


    यह सुनकर सरस्वतीचंद्र के पिता भी आश्चर्यजनक भाव से सोचने लगे। फिर, मन ही मन कहा – ” मैं तो यही देखने के लिए बीते एक साल से रात में ठीक 12 बजे और 2 बजे उठ-उठकर देखता रहा। लेकिन, हर बार मुझे सरस्वतीचंद्र रात भर घोड़े बेचकर सोता मिला। “
    ख़ैर, जो भी हो, रिजल्ट आ चुका था तो एक तरफ सरस्वतीचन्द्र की तारीफ़ में कसीदे पढ़े जाने लगे तो दूसरी ओर उसे सुबह-शाम ट्यूशन पढ़ाने वाले टीचर को भी क्रेडिट दी जाने लगी।


    ” यह मास्टर जरूर बहुत अच्छा पढ़ाता होगा, तभी हम सभी की नज़र में ऐसा भुसगोल विद्यार्थी भी मैट्रिक परीक्षा में फर्स्ट आ गया। ” – मोहल्ले के दूसरे पड़ोसी ने विशेषज्ञ टिप्पणी दी। अचानक ही ट्यूशन पढ़ाने वाले टीचर की मार्केट वैल्यू काफी बढ़ गई।
    दूसरे बच्चों के गार्जियन इस टीचर के फोन घनघनाने लगे। सभी अपने बच्चों के लिए स्पेयर टाइम मांगने लगे और मुँहमाँगी मेहनताना देने का ऑफर भी देने लगे।


    यह सब देख-सुनकर टीचर भी पुलकित हो रहा था।लेकिन, यह टीचर खुद हैरान भी था कि अव्वल दर्जे का मूर्ख सरस्वतीचंद्र, जो पास करने लायक भी नहीं था वो मैट्रिक में फर्स्ट कैसे आ गया ! उसने इस रहस्य का पता लगाने की ठान ली।
    दूसरे दिन ही वह बोर्ड कार्यालय पहुंच गया और सरस्वतीचंद्र की सभी उत्तरपुस्तिकाओं की सर्टिफाइड कॉपी प्राप्त करने के लिए निर्धारित शुल्क के साथ अर्जी लगा दी। बोर्ड के अधिकारी ने अर्जी देखी और इस टीचर को जिला मुख्यालय जाने को कहा जहाँ एक मूल्यांकन केन्द्र में सभी जाँची गई उत्तरपुस्तिकाएं रखी गईं थीं।


    दूसरे दिन ट्रेन पकड़कर टीचर अपने जिला मुख्यालय के मूल्यांकन केन्द्र में पहुंचा और बोर्ड के अधिकारी का लिखित ऑर्डर देकर सरस्वतीचंद्र की सभी उत्तरपुस्तिकाओं की सर्टिफाइड कॉपी उपलब्ध कराने को कहा।
    यह लिखित फरमान देखकर अब मूल्यांकन निदेशक सकपकाए। सभी को-कॉर्डिनेटर को तुरंत तालाब किया गया। रजिस्टर से मिलान कर सरस्वतीचंद्र की विषयवार उत्तरपुस्तिकाएं निकाली गईं। उत्तरपुस्तिकाओं में लिखे गए उत्तर को देखकर मूल्यांकन निदेशक की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई। प्रश्न कुछ और उत्तर कुछ और। उस पर फर्स्ट क्लास का नंबर।


    आनन-फानन में कॉपी जाँचने वाले परीक्षकों को बुलाया गया। इन सभी परीक्षकों के भी पसीने छूटने लगे। गिरते-पड़ते सभी मूल्यांकन केन्द्र पहुँचे।
    सभी सब्जेक्ट के परीक्षकों के आगे सरस्वतीचंद्र की कॉपी रख दी गई। अब सभी का तो काटो खून नहीं ! तबतक हेड एक्जामिनर भी बुला लिए गए थे। उन्होंने भी अपना सिर पीट लिया। हेड एक्जामिनर सकते में थे। सभी कॉपी में सरस्वतीचंद्र ने अपना नाम लिख-लिखकर पन्ने भर दिए थे।


    ट्यूशन पढ़ाने वाले टीचर भी उत्सुकतावश सभी पेज पलटते गए। सारे पेज पर सभी लाइनों में सजावटी तरीके से लिखा था – ‘ सरस्वतीचंद्र सरस्वतीचंद्र सरस्वतीचंद्र सरस्वतीचंद्र सरस्वतीचंद्र ‘
    न तो कहीं कोमा था और न ही फुलस्टॉप। ट्यूटर को इस बात पर भी हैरानी हुई कि इतना धैर्यपूर्वक उसके भुसगोल विद्यार्थी ने अपना नाम भी इतनी बार कैसे दोहरा-दोहराकर लिखा। लेकिन वे अपने विद्यार्थी के हैंडराइटिंग से वाकिफ़ थे, इसलिए उन्हें मानना पड़ा।
    इसके बाद मूल्यांकन केंद्र के निदेशक ने गणित विषय के एक्जामिनर को पूछा – ” आपने इस कॉपी पर कैसे 60 नंबर चढ़ा दिए ? “


    ” सर ! क्या कहें आपको … रसोई गैस सिलिंडर का दाम जब 1000 रुपये के आसपास हो गया तो, माथा भन्ना गया सर ! इस महँगाई के दौर में जीना दुश्वार हो गया है सर ! उसपर आपलोग पूरा वाजिब होल्टिंग चार्ज भी नहीं देते हैं तो 60 किलोमीटर दूर से नदी पार कर आकर क्या खाक कॉपी देख पाएंगे … इसलिए देखिए नहीं सके कि ई कॉपी में का लिखा है का नहीं .. सो हमहूँ ई लइका को 60 नंबर आँख बंद करके दे दिए। “
    अब बारी हिंदी के परीक्षक की थी। वह भी घिघियाकर बोलने लगे – ” जीवन में आपाधापी मची है .. दवाई-दारू करने में सारी सैलेरी खत्म हो जाती है सर जी ! नर्सिंग होम वाले घर के पेशेंट के इलाज के नाम पर दोनों हाथों से लूट रहे हैं …नीरस ज़िंदगी में रोमांस कहीं बचा ही नहीं है … कॉपी में केवल ‘सरस्वतीचंद्र’ लिखा देखा तो इसी नाम की पुरानी फ़िल्म याद आ गई और नहाती हुई बेहद खूबसूरत अभिनेत्री नूतन पर फिल्माया गया ‘चंदन सा बदन .. चंचल चितवन ..धीरे से तेरा ये मुस्काना .. मुझे दोष न देना जग वालों .. हो जाऊँ अगर मैं दीवाना’ शीर्षक गाना याद आ गया तो, मैंने खुश होकर कॉपी पर 60 नंबर बैठा दिए।
    अबकी डायरेक्टर साहब ने सोशल साइंस के परीक्षक की तरफ सवाल उछाला – ” आप बताइए जनाब ! आपने कैसे नंबर दिए ! “


    पहले से ही अपनी गलती मान बैठे सोशल साइंस के एक्जामिनर ने कुछ अलग अंदाज में कहा – ” डायरेक्टर साहब ! आप इस कॉपी पर दिए गए नंबर पर सवाल उठा रहे हैं न ! लेकिन क्या आपने यह सवाल उठाया कि क्लासरूम में कोरोना घुस जाता है, शादी-ब्याह में भी कोरोना की घुसपैठ हो जाती है , होली-ईद में भी कोरोना का प्रवेश हो जाता है लेकिन, चुनावी रैलियों में कोरोना घुस नहीं सकता है क्यों ? …. आखिर क्यों ? “
    सोशल साइंस के एक्जामिनर की वॉयस मशीन का गियर बदल गया था और उनके बोलने की स्पीड फोर्थ गियर में हो गई थी।


    ” आप ही बताइए डायरेक्टर साहेब ! ये जो पड़ोसी राज्य में चुनाव के नाम पर ‘खेला होबे, खेला होबे, खेला होबे’ तो कहीं ‘विकास होबे, विकास होबे, विकास होबे’ की पुनरुक्ति हो रही है तो,उसे राज्य सरकार और केन्द्र सरकार काहे नहीं रोक रही है ? “
    यह कहकर एक्जामिनर कहने लगे – ” जब शीर्ष महिला और शीर्ष पुरुष एक ही बात को पिछले कई माह से दोहरा सकते हैं तो, इस बच्चे ने अपने नाम को कई बार दोहरा लिया तो क्या गुनाह किया ! … आप ही बताइए क्या गुनाह किया ?


    वस्तुतः सरस्वतीचंद्र ने राज्य सरकार की शीर्ष महिला और केंद्र सरकार के शीर्ष पृरुष से प्रेरित होकर किताबी ज्ञान की बजाय व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया तो उसे 60 नंबर मिलने ही चाहिए थे। “
    डायरेक्टर साहब अब खुद उहापोह में फंस गए थे। किसी तरह उन्होंने संस्कृत के परीक्षक की तरफ देखा और पूछा – ” आप अपना पक्ष बताइए आचार्य जी ! “
    शांत चित्त होकर आचार्य जी ने कहा – ” बालक ने अपने मन-प्राण से ध्यानयोग का अद्भुत परिचय दिया और माता सरस्वती का आराधक-पुत्र बनकर केवल ‘सरस्वतीचंद्र’ रटता-लिखता रहा … यह साधारण बालक नहीं है… अतएव मैंने प्रसन्न होकर आशीर्वाद स्वरूप इस बालक की उत्तरपुस्तिका पर 60 अंक अंकित कर दिए। “


    यह सब देख-सुनने के बाद आखिर में जब सरस्वतीचंद्र के ट्यूटर ने सर्टिफाइड कॉपी माँगी तो, मूल्यांकन निदेशक ने हाथ जोड़ लिए। ट्यूशन पढ़ने वाले इस शिक्षक ने भी अपने साथी शिक्षकों का मान रख लिया और वे खाली हाथ लौट गए।

    सम्प्रति :
    एसोसिएट प्रोफेसर व
    विभागाध्यक्ष, हिंदी विभाग
    मारवाड़ी कॉलेज, किशनगंज (बिहार)।

  • विशेष :होलिका दहन का महत्व ,पूजा विधि और राशि अनुसार उपाय जानिए …

    होलिका दहन के शुभ मुहूर्त से लेकर महत्व, पूजा विधि और उपाय

    होलिका दहन इस बार 28 मार्च रविवार को है और अगले दिन 29 मार्च सोमवार को होली का त्योहार. अच्छी बात ये है कि होलिका दहन पर इस बार भद्रा का साया नहीं होगा। होलिका दहन की पूजा विधि और किस राशि वालों को अग्नि में क्या डालना चाहिए

    शाम में 6.37 से 8.56 बजे तक है होलिका दहन का शुभ मुहूर्त

    सर्वार्थ सिद्धि से लेकर अमृत सिद्धि तक, बन रहे हैं कई शुभ योग

    होलिका दहन पर राशि अनुसार जानें अग्नि में क्या डालने से होगा लाभ

    प्रदीप कुमार श्रीवास्तव

    भक्त प्रहलाद, हरिण्यकश्यप और उनकी बहन होलिका से जुड़ी होलिका दहन की पौराणिक कथा (Holika Dahan Story) तो हम सभी जानते हैं. यही कारण है कि होलिका दहन को बुराई पर अच्छाई की जीत से जोड़कर देखा जाता है। होलिका दहन का त्योहार इस बार 28 मार्च रविवार को है और उसके अगले दिन 29 मार्च सोमवार को होली का त्योहार (Holi Festival) मनाया जाएगा जिसे धुलेंडी भी कहा जाता है. होलिका दहन का शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat) क्या है, दहन से पहले कैसे करें पूजा, किस राशि वालों को होलिका की अग्नि में क्या अर्पित करना चाहिए।

    होलिका दहन का शुभ मुहूर्त
    होलिका दहन का मुहूर्त- 28 मार्च रविवार को शाम में 6.37 बजे लेकर रात में 8.56 बजे तक
    शुभ मुहूर्त का कुल समय- 2 घंटे 20 मिनट
    इसी मुहूर्त में होलिका दहन करना अत्यंत शुभ होगा और इस साल होलिका दहन के समय भद्रा (No bhadra during Holika dahan) नहीं रहेगी. रविवार दिन में 1.33 बजे भद्रा समाप्त हो जाएगी, साथ ही पूर्णिमा तिथि रविवार रात में 12:40 बजे तक रहेगी. शास्त्रों की मानें तो भद्रा रहित पूर्णिमा तिथि में ही होलिका दहन किया जाता है।

    होलिका दहन पर बन रहे शुभ योग
    अभिजीत मुहूर्त- 28 मार्च दोपहर 12.07 मिनट से 12.56 तक
    अमृत काल- 28 मार्च को सुबह 11.04 मिनट से दोपहर में 12.31 मिनट तक
    सर्वार्थसिद्धि योग- 28 मार्च को सुबह 6.26 से शाम 5.36 तक
    अमृतसिद्धि योग- 28 मार्च को सुबह 5.36 बजे से 29 मार्च की सुबह 6.25 मिनट तक

    होलिका दहन पूजा विधि

    होलिका दहन से पहले उसकी पूजा की जाती है। पूजन सामग्री में एक लोटा गंगाजल, रोली, माला, अक्षत, धूप या अगरबत्ती, पुष्प, गुड़, कच्चे सूत का धागा, साबूत हल्दी, मूंग, बताशे, नारियल एवं नई फसल के अनाज गेंहू की बालियां, पके चने आदि होते हैं। इसके बाद पूरी श्रद्धा से होली के चारों और परिक्रमा करते हुए कच्चे सूत के धागे को लपेटा जाता है। होलिका की परिक्रमा तीन या सात बार की जाती है। इसके बाद शुद्ध जल सहित अन्य पूजा सामग्रियों को होलिका को अर्पित किया जाता है। इसके बाद होलिका में कच्चे आम, नारियल, सात अनाज, चीनी के खिलौने, नई फसल इत्यादि की आहुति दी जाती है।

    राशि अनुसार जानें होलिका की अग्नि में क्या डालें।


    मेष- होलिका दहन में गुड़ की आहुति दें. ऐसा करने से मानसिक परेशानियों से छुटकारा मिलेगा।
    वृष- इस राशि के लोग चीनी से आहुति दें. बाधाएं दूर होंगी।
    मिथुन- अपामार्ग और गेंहू की बाली से हालिका दहन करें और कपूर से आहुति दें।
    कर्क-लोहबान से होलिका दहन में आहुति दें. नौकरी और करियर से जुड़ा शुभ सामाचार मिलेगा।
    सिंह- गुड़ की आहुति देकर पितरों को जरूर याद करें, व्यापार से जुड़ी परेशानियां दूर होंगी।
    कन्या- कपूर की आहुति दें. कार्यक्षेत्र में आने वाली सभी बाधाएं दूर हो जाएंगी।
    तुला- गूलर की लकड़ी जलाएं और कपूर की आहुति दें. जीवन की परेशानियों से छुटकारा मिलेगा।
    वृश्चिक- होलिका दहन में गुड़ की आहुति दें. लाभ होगा।
    धनु- होलिका दहन में जौ व चना की आहुति दें. साथ में भगवान विष्णु की पूजा भी करें।
    मकर- होलिका दहन शमी की लकड़ी से करें और तिल की आहुति दें. आपके जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होंगी।
    कुंभ- शमी की लकड़ी से होलिका दहन करें और तिल की आहुति दें।
    मीन- होलिका दहन में जौ व चना की आहुति दें. इसके बाद पितरों का आभार व्यक्त करें. स्वास्थ्य संबंधी परेशानी दूर हो जाएगी।

  • विशेष :होलिका दहन करने का शुभ समय, इस दिन गलती से भी न करें ये काम

    होलिका दहन की रात बहुत से लोग टोने-टोटके भी करते हैं यही कारण है कि होलिका दहन के दिन हर व्यक्ति को, कुछ बातों का विशेष रूप से ध्यान रखने की सख्त हिदायत दी जाती है ताकि किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके।

    होलिका दहन के दिन भूल से भी न करें ये काम
    होलिका दहन पर कुछ काम न करने की दी जाती है हिदायत

    कानपुर /श्री प्रदीप श्रीवास्तव

    हिंदू पंचांग (Panchang) के अनुसार फाल्गुन महीने की पूर्णिमा तिथि को हर साल होलिका दहन (Holika Dahan) का त्योहार मनाया जाता है और इस बार होलिका दहन 28 मार्च यानी आज रविवार को है. धर्म शास्त्रों के जानकारों की मानें तो होलिका दहन के दिन होली की पूजा करने से महालक्ष्मी (Goddess Lakshmi) प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है. हालांकि होलिका दहन की रात बहुत से लोग टोने-टोटके (Totka) भी करते हैं जिसकी वजह से कुछ ऐसे काम हैं जो आपको इस दिन बिल्कुल नहीं करने चाहिए वरना इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

    होलिका दहन किस समय करना चाहिए?


    पंचांग के अनुसार होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 28 मार्च रविवार की शाम को 6 बजकर 37 मिनट से लेकर रात में 8 बजकर 56 मिनट तक रहेगा यानी करीब 2 घंटे 20 मिनट का समय. इसी मुहूर्त में होलिका दहन करना अत्यंत शुभ होगा. इस साल होलिका दहन के समय भद्रा का साया (Bhadra) भी नहीं होगा. भद्रा रविवार को दिन में 1 बजकर 33 मिनट पर समाप्त हो जाएगी।

    होलिका दहन के दिन कौन से काम नहीं करने चाहिए।

    1. होलिका दहन के दिन भूलकर भी, सफेद रंग की चीजें खाने पीने से बचना चाहिए (Avoid white color foods). ऐसी मान्यता है कि इस दिन नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव अधिक रहता है इसलिए सफेद खाद्य पदार्थों का सेवन न इस दिन न करें।
    2. होलिका दहन की पूजा करते समय अपना सिर ढक कर ही पूजा करें (Keep your head covered). पुरुष चाहें तो टोपी लगा सकते हैं और महिलाएं साड़ी के पल्लू या दुपट्टे से अपना सिर ढंक सकती हैं।
    3. जिन महिलाओं की नई-नई शादी हुई हो उन्हें होलिका दहन नहीं देखना चाहिए। इसके अलावा होलिका दहन के दिन कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य (Avoid auspicious work) नहीं करना चाहिए।
    4. होलिका दहन की रात जहां तक संभव हो किसी सुनसान या सन्नाटे वाली जगह पर अकेले न जाएं।
    5. होलिका दहन के दिन दूसरों से लड़ाई-झगड़ा, वाद-विवाद या दूसरों का अपमान करने से बचें. ऐसा करने से घर में अशांति बनी रहती है।
    6. होलिका दहन वाले दिन न तो किसी को उधार पैसे दें और ना ही किसी से उधार पैसे लें. ऐसा करने से भी मां लक्ष्मी रूठ जाती हैं और धन की कमी का सामना करना पड़ सकता है।
  • विशेष :घर की निगेटिविटी दूर करने के साथ ही हर तरह के दोष दूर करती है होलिका दहन की राख

    होलिका दहन की राख के उपाय

    होलिका दहन हो जाने के बाद उसकी बुझी हुई राख जिसे भस्म भी कहा जाता है को घर लाना आपके लिए कई तरह से फायदेमंद हो सकता है. यह राख आपके जीवन के सभी संकटों को दूर कर सकती है।

    खास बातें
    होलिका दहन की राख को घर लाने के हैं कई फायदे
    घर की नकारात्मकता दूर करने में मदद करेगी यह राख
    ग्रह दोष के साथ ही वास्तु दोष भी दूर करेगी होलिका दहन की राख

    कानपुर /श्री प्रदीप श्रीवास्तव

    आज यानी 28 मार्च रविवार को फाल्गुन महीने की पूर्णिमा तिथि है और इसी दिन शाम के समय होलिका दहन (Holika Dahan) किया जाएगा. अगले दिन सोमवार 29 मार्च को चैत्र महीने की प्रतिपदा तिथि पर होली का त्योहार (Festival of colors Holi) मनाया जाएगा जिसे धुलेंडी भी कहा जाता है. होलिका दहन के साथ ही होलाष्टक भी समाप्त हो जाएगा (Holashtak will end). होलिका दहन और होली इन दोनों ही त्योहार का धार्मिक महत्व तो है ही, साथ ही ज्योतिष के लिहाज से भी इस दिन को काफी खास माना गया है. होलिका दहन की राख किस तरह से आपकी परेशानियां दूर कर सकती हैं।

    होलिका दहन की राख से होने वाले ढेरों फायदे

    1. घर की निगेटिविटी होगी दूर- ऐसी मान्यता है कि होलिका दहन की राख (Holika Dahan Raakh) को घर लाएं और उसमें राई और नमक मिलाकर उसे किसी साफ बर्तन में डालकर घर के किसी शुद्ध स्थान पर रख दें, ऐसा करने से घर की निगेटिव ऊर्जा (Negative Energy) खत्म हो जाएगी और बुरा वक्त भी दूर हो जाएगा।
    2. ग्रह दोष से मिलेगा छुटकारा- शास्त्रों में होलिका दहन की राख या भस्म को काफी शुभ माना जाता है। अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में ग्रह दोष (Grah Dosh) हो तो उन्हें होलिका दहन की राख को पानी में मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाना चाहिए।
    3. भाग्य उदय होता है- चूंकि होलिका दहन की राख को शुभ माना जाता है इसलिए इसे अपने माथे पर लगाने से भाग्य का उदय होता है और बुद्धि भी बढ़ती है।
    4. वास्तु दोष होगा दूर- घर में अगर वास्तु दोष (Vastu Dosh) हो, परिवार के सदस्यों के बीच लड़ाई-झगड़ा या कलह होता है या किसी तरह की आर्थिक बाधा आ रही हो तो होलिका की राख को लाकर घर में छिड़क देना चाहिए. इससे भी घर की निगेटिविटी और बाकी समस्याएं भी दूर हो जाती हैं।
  • Exclusive: किसान आंदोलन की आड़ में हिंदुस्तान की छवि को धूमिल करने की साजिश रचने वाले ये है 7 किरदार ,साजिशकर्ता ने पर्यावरण एक्टिविस्ट से लेकर मार्केटिंग एक्सपर्ट और आईएसआई एजेंट का भी लिया सहारा

    राजेश दुबे

    हिंदुस्तान की छवि को दुनिया भर में बदनाम करने के लिए खालिस्तान समर्थक मो धालीवाल ने कनाडा में बैठे बैठे ना सिर्फ तथाकथित सामाजिक कार्यकर्ताओं को काम में लगाया बल्कि मार्केटिंग एक्सपर्ट की भी सहायता ली । दिल्ली पुलिस पूरी साजिश का परत दर परत खुलासा कर रही है , जिसके बाद धीरे धीरे साजिश कर्ताओं के नाम उजागर हो रहे है । भारत को बदनाम करने की साजिश में जुटे मुख्य 7 किरदारों के नाम अभी तक सामने आए है ।जो कि निम्न है दिशा रवि, निकिता जैकब, शांतनु मुलुक, मो धालीवाल, अनीता लाल ,पीटर फेड्रिक और पुनीत । दिशा रवि जहां पर्यावरण एक्टिविस्ट है वही निकिता जैकब अधिवक्ता ।

    दिल्ली पुलिस द्वारा की गई जांच में अनीता लाल का भी नाम सामने आया है बताया जाता है कि अनीता लाल कनाडा में रहती है और मार्केटिंग एक्सपर्ट है और मो धालीवाल ने अनीता लाल को डिजिटल स्ट्राइक के लिए अपने टीम में शामिल किया था ताकि सोशल मीडिया के जरिए हिंदुस्तान कि योग और चाय संस्कृति को पूरी दुनिया में बदनाम किया जा सके ।बताया जाता है कि अनीता AskIndiawhy वेबसाइट की संचालक भी है ।अनीता लाल खालिस्तानी समर्थक पोएटिक जस्टिस संस्था की सह संस्थापक भी हैं।पुलिस के मुताबिक, विवादित टूलकिट तैयार करने में अनीता लाल भी शामिल थी।

    पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि जूम मीटिंग में अनीता लाल भी शामिल थी या नहीं। वहीं पीटर फेड्रिक ISI का एजेंट बताया जाता है और अलग अलग मंचो पर इसने भारत के खिलाफ कई बार बयानबाजी की है और ये कई वर्षों से हिंदुस्तान के खिलाफ साजिश में जुटा हुआ है ।दिल्ली पुलिस के मुताबिक 2006 से ही ये पुलिस के रडार पर है ।

    मामले में गिरफ्तार दिशा रवि ने पूछताछ में बताया कि टूलकिट बनाने और उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भेजने के लिए इंटरनेशनल फार्मर्स स्ट्राइक नामक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया था। इस ग्रुप में 67 नामी लोग शामिल थे, जिनमें कई विदेशी थे। इसी ग्रुप पर टूलकिट का मसौदा तैयार हुआ था। इसके बाद जूम बैठक में ग्रुप के लोगों से कहा गया कि वे अपने जानने वाली अंतरराष्ट्रीय हस्तियों को ये टूलकिट भेजेंगे, ताकि दुनिया को भारत में किसानों पर हो रही कथित ज्यादती का पता चल सके

    वहीं दिशा रवि और ग्रेटा का वाट्सएप चैट भी अब सामने आ चुका ।ये चैट 3 फरवरी का है जिस दिन ग्रेटा ने टूल किट जारी किया था और उसके बाद किसान आंदोलन की आड़ में चल रहे पूरे साजिश का खुलासा देखते ही देखते हो गया था ।जिसे न्यूज लेमनचूस ने भी उसी दिन प्रमुखता से अपने वेबसाइट में प्रकाशित किया था कि कैसे किसानों की आड़ में विदेशी साजिश रची जा रही है ,ताकि भारत को विश्व मंच पर बदनाम किया जा सके ।

    ग्रेटा और दिशा ने उस दिन वाट्सएप पर करीब 20 मिनट तक चैट किया था ।दिशा रवि ने ग्रेटा को एक मेसेज भेजा था और उसमें वो लिखती है कि क्या हम सभी कुछ देर के लिए खामोश नहीं हो सकते? मैं अपने वकीलों से बात कर रही हूं । मुझे माफ करना लेकिन हमारे नाम टूल किट में मौजूद हैं और इसकी वजह से हमारे ऊपर यूएपीए एक्ट के तहत कार्रवाई हो सकती है साथ ही दिशा वकील से संपर्क करने की जानकारी भी ग्रेटा को दे रही थी ।उसने उसी दिन करवाई की आशंका जताई थी ।धीरे धीरे सभी किरदारों के नाम उजागर होने के बाद किसान आंदोलन की आड़ में चल रहे पूरे विदेशी साजिश का खुलासा हो चुका है ।जरूरत है कि भारत सरकार अब विदेश में बैठे इन साजिश कर्ताओं को अंतर राष्ट्रीय कानूनों का सहारा लेकर इन्हें भारत लाए ताकि इन्हें सख्त सजा दी जा सके ,जिससे कि कोई दुबारा हिंदुस्तान की छवि को धूमिल करने का प्रयास सपने में भी ना सोचे ।

  • विशेष :अभिनेता संदीप नाहर ने सुसाइड क्यो किया…???जानिए क्या है ज्योतिषीय विश्लेषण

    लेखक /गर्ग जी

    Ms धोनी अनटोल्ड स्टोरी मूवी में स्व सुशांत सिंह राजपूत संग अभिनय करने वाले अभिनेता संदीप नाहर ने कल दिनाँक 15 फरवरी 2021 को सुसाइड कर लिया …
    सुनकर बड़ा दुःख हुआ…
    भारत ने एक ओर बेस्ट अभिनेता खो दिया……उन्होंने केशरी फिल्म में भी अपने शानदार अभिनय की छाप छोड़ी थी ।
    प्रभु जी सन्दीप नाहर जी को अपने ह्दय में स्थान देवे……

    घटना के पीछे ज्योतिष कारण…..

    ?(1)जातक की जन्मकुंडली में राहू 4 भाव मे गोचर कर रहा था…. राहू का चौथे घर में गोचर हर तरफ से परेशानी देता है…..व्यापार, कैरियर पारिवारिक…. एक समस्या खत्म नही होती उससे पहले ही दूसरी समस्या सामने आ खड़ी होती है….

    ?घटना 15 फरवरी को हुई…

    ?12 फरवरी की अमावास्या थी…..

    ?95% आत्महत्या अमावस्या या पूर्णिमा के दिन या जस्ट आसपास के दिनों में ही होती है…

    ?ज्योतिष कारण.. अमावास्या को चन्द्रमा लुप्त होता है.. वह पूर्णिमा के दिन अपने पूर्ण आवेश में

    ?पागलपन के 95% दौरे भी पूर्णिमा या अमावास्या के दिन ही पड़ते है..या जस्ट नजदीक के दिन…

    ?मेन्टल हॉस्पिटल के आंकड़े उठाकर चेक कर लेवे.. ओर यदि आंकड़ों पर यकीन नही है तो अमावस्या या पूर्णिमा के दिन मेन्टल हॉस्पिटल का भृमण कर लेवे live 100% यकीन हो जाएगा

    ?जातक की कुंडली मे सूर्य 1 भाव मे गोचर कर रहा था….सूर्य का फर्स्ट भाव मे गोचर मानसिक अशांति…..गुस्सा…गृह क्लेश की समस्या देता है…

    ?जातक की कुंडली मे चन्द्र 2 भाव मे गोचर कर रहा था…. चन्द्र का 2 वे भाव मे गोचर स्त्री पक्ष से चिंता पीड़ा देता है…..

    जातक का चन्द्र्मा शतभिषा नक्षत्र में था….जो कि राहू का नक्षत्र है….चन्द्रमा पर राहु का प्रभाव में होने से जीवन मे मानसिक तनाव बना रहता है……

    ?जातक की कुंडली मे गुरु राहू की युति थी…..जो कि सांस .. गले से सम्बंधित समस्या देता है..ध्यान देवे जातक ने गले मे फंदा लगाकर ही आत्महत्या की है…अर्थात सांस के रुकने से देवलोक गमन..

    ?जातक की कुंडली मे गुरु 12भाव मे गोचर कर रहा था….गुरु का बारहवे भाव मे गोचर… पथ से भटकता है…..

    जातक कि कुंडली मे बुध 12 भाव मे गोचर कर रहा था…..बुध का 12 भाव मे गोचर पराजय …..अपमान प्रदान करता है……

    जातक जीवन की जंग से अपमान के कारण पराजित हो गया……

    ?जातक को शनि की साढ़े साती भी चल रही थी

    ?जातक की कुंडली मे शनि 12 भाव मे गोचर कर रहा था…शनि का गोचर 12 भाव मे गोचर दुःख वह शारिरिक कष्ट देता है…

    जातक की कुंडली मे सूर्य शनि की युति बनी हुई थी….सूर्य शनि की युति स्त्री पक्ष से बहुत अधिक परेशानी देता है….जातक अपनी पत्नी वह सास से बहुत अधिक परेशान था……..जातक ने सुसाइड नोट में इसका वर्णन भी किया है….उसकी पत्नी वह सास ने उसे मानसिक रूप से बहुत अधिक परेशान कर रखा है जिस कारण वह आत्महत्या कर रहा है….*

    ?जातक की कुंडली मे केतू भी 10 भाव मे गोचर कर रहा था ..केतू का 10 भाव मे गोचर जीवन मे कष्ट देता है

    *?अंक शास्त्र(Numerology) अनुसार जातक का नाम भी जातक की जन्मतिथि के अनुकूल नहीं था…..

    ?अंक शास्त्र(Numerology) अनुसार पति पत्नी दोनों का शार्ट नाम राहू का प्रतिनिधित्व करता है…राहू ग्रह अपने स्वभाव अनुसार जीवन मे अचानक से तुफान ले आते है…..

    ?स्त्री कुंडली मे विष कन्या योग होना भी एक ज्योतिष कारण होता है शादी के अल्प समय मे पति का देवलोक चले जाना
    ?अन्य भी बहुत से ज्योतिष कारण है विस्तार से फिर कभी लिखते है……

    इस आलेख का मकसद किसी तरह का अंध विश्वास फैलाना या फिर किसी को ठेस पहुंचना नहीं है बस जागरूकता हेतु यह आलेख दिया गया है ताकि अगर आप की कुंडली में किसी तरह का कोई दोष हो तो उसका निवारण जरूर कर ले ।

    ?Astrology And Vastu Advisor
    ?Whats App Number…080786-65041

  • विशेष : नैनो से दो आँसू क्या बहाए राकेश टिकैत ने की वर्ल्ड फेमस हो गए….जानिए क्यों ,क्या है रहस्य

    लेखक /गर्ग जी

    नैनो से दो आँसू क्या बहाए टिकैत जी ने वर्ल्ड फेमस हो गये….

    कहते है जब दिल का दर्द जुबा पर ना आ पाए तो नैनो से नदियाँ कल कल बहने लगती है….

    जी हाँ सही सुना 2 आँसु ने टिकेत जी को वर्ल्ड फेमस कर दिया…

    आइये जानते है इनकी जन्मकुंडली का रहस्य बन्दा रातों रात कैसे वर्ल्ड फेमस हो गया….

    गूगल बर्थ डिटेल्स अनुसार 4 जून 1969 को किसानों के नवाब राकेश टिकेत जी का जन्म हुआ था.

    स्वर्गीय महेंद्र सिंह टिकैत के छोटे बेटे है राकेश टिकैत

    अंक शास्त्र (Numerology) अनुसार Rakesh Tikait जी का नामांक नाम राहू का प्रतिनिधित्व करता है…..

    राहू की महिमा अपरम्पार है..
    राहू जब खुश होता है पलभर में जग प्रसिद्ध कर देता है…

    यही राहु जब रूष्ट होता है पल भर में मिट्टी में भी मिला देता है…..

    अंक शास्त्र (Numerology) अनुसार जनाब का मूलांक भी राहू का ही अंक है……..

    ओर जनाब का भाग्यांक शनि है…

    वह वर्तमान में शनि महादशा में शनि की अंतरदर्शा चल रही है,

    ज्योतिष शास्त्र अनुसार शनिदेव न्याय के कारक है….
    इंसान जैसे कर्म करता है वैसे फल देता है……

    राजा हो रंक शनिदेव…

    कर्मफल अवश्य देते है वह भी कर्मानुसार……..

    जनाब की कुंडली में शनि दशम भाव में शुक्र के साथ युति कर ‘नीच भंग’ शुभ योग बना रहा है।

    चंद्रमा शनि की राशि मकर में होकर शनि की दसवीं दृष्टि तथा नवमेश गुरु की पांचवीं दृष्टि से प्रभावित है जो भविष्य में बड़ी राजनीति सफलता की तरफ इशारा कर रहा है…..






    गुरु केतू की युति ने जनाब को किसानो का जग प्रसिद्ध नेता बना दिया……

    जनाब का चंद्रमा स्वयं के नक्षत्र श्रवण नक्षत्र में है

    जनाब शायरियों का शौक रखते है वह जनाब शायरियां करते भी है…

    जनाब अमीरी में अमीर बनकर रहते है

    फकीरों में फकीर बनकर रहते है…..

    जनाब की कुंडली में बुध 11 घर मे बैठा है इसी कारण जनाब हास्य विनोद प्रिय है..

    जनाब का शनि मंगल की राशि मे बैठा है इसलिए जनाब को गलत बात पर कभी कभी गुस्सा भी आ जाता है….

    जनाब की कुंडली मे बुध आदित्य योग भी बन रहा है

    जिस कारण जनाब मीडिया के हर प्रश्न का जवाब बुद्धि एवं विवेक से देते है…..






    जनाब की कुंडली मे गुरु केतू युति होने से जनाब हर बला से जल्द ही बहार निकल आते है…….

    जनाब की कुंडली मे शुक्र शनि की युति होने से जमीन जायदाद दौलत की कोई कमी नही है…..

    ज्यो ज्यो बुढ़ापा आएगा त्यों त्यों बढ़ता जायेगा….

    उच्चपद आसीन अधिकारियों एवं जन सहयोग से जनाब इस वर्ष किसान हित मे सरकार से अपनी जायज मागे मनवाने में सफल रहेंगे….

    जनाब की उम्र लंबी है…..

    जनाब की कुंडली में मंगल बुध वक्री है

    वक्री मंगल बुध के कारण
    जनाब बार बार पंगे मोल लेते रहते है….

    इसी कारण जनाब कोर्ट केस में भी उलझे रहते है……

    जनाब हेतू 2021 2022 बहुत अधिक लाभदायक रहने के योग बने हुये है…..

    जनाब ईश्वर वह ज्योतिष शास्त्र में पूर्ण विश्वास रखते है…..

    जनाब का मंगल 5 भाव मे बैठा है ….इसी कारण जनाब रात्रि में नींद बहुत कम ले पाते है या जनाब को नींद आती ही नही…..

    जनाब को कुंडली अनुसार अग्नि से सावधानी रखनी चाहिए….

    जनाब यदि हमारा लेख पढ़ें
    वह जनाब को हमारा लेख अच्छा लगे तो
    जनाब मीडिया में 2 शब्द हमारे लेख के विषय मे जरूर बोल देवे…..

    एस्ट्रोलोजी एडवाइजर गर्ग जी……वैदिक ज्योतिष एंड वास्तु सलाहकार…….
    Whats App Number 080786-65041