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  • असम :वर्षों से चली आ रही बोडो क्षेत्र की समस्या जिसमें 5000 से ज्यादा लोगों की जान गई, मोदी जी के दृढ़ निश्चय और मार्गदर्शन से इस समस्या का अंत हुआ और क्षेत्र विकास के रास्ते पर आगे चल पड़ा है -अमित शाह 






    देश /एजेंसी 

    केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ऐतिहासिक बोडोलैंड टेरीटोरियल रीजन (BTR) समझौते की पहली वर्षगाँठ मनाने के लिए आज असम के कोकराझार में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में असम के मुख्यमंत्री श्री सर्वानंद सोनोवाल,वित्‍त एवं स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉ. हेमंत विस्व शर्मा,बीटीआर के प्रमुख और अन्य नेता भी शामिल हुए।

    इस मौके पर श्री अमित शाह ने कहा कि आज से ठीक एक साल पहले देश के प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बोडो टेरिटोरियल रीजन (बीटीआर) शांति समझौता हुआ जिसके अंतर्गत प्रधानमंत्री जी के निर्देशानुसार पूरे उत्तर-पूर्व में जहां भी अशांति है सभी लोगों से वार्ता कर शांति का रास्ता प्रशस्त किया गया। श्री शाह ने कहा कि मोदी जी की अगुवाई में बीटीआर क्षेत्र के समझौते को 1 वर्ष पूरा हुआ है और शांति के नए युग की शुरुआत हुई है। वर्षों से चली आ रही बोडो क्षेत्र की समस्या जिसमें 5000 से ज्यादा लोगों की जान गई, मोदी जी के दृढ़ निश्चय और मार्गदर्शन से इस क्षेत्र की समस्या का अंत हुआ और क्षेत्र विकास के रास्ते पर आगे चल पड़ा है।







    श्री अमित शाह ने कहा कि मैं आपको विश्वास दिलाने आया हूं कि बोडो क्षेत्र जो कभी रक्तरंजित हुआ करता था, हथियार उठाने और अपहरण करने वाले लोग थे वह कुछ ही सालों में सबसे विकसित क्षेत्र क्षेत्र होने वाला है। श्री शाह ने कहा कि आज एक ही रैली में बोडो और नान बोडो दोनों उपस्थित हैं इससे यह संदेश निकलता है की बोडो और नान बोडो दोनों धरती के पुत्र हैं, भारत के पुत्र हैं और दोनों मिलकर शांति के लिए प्रयास कर रहे हैं।






    केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में ऐतिहासिक समझौता हुआ था जिसमें मौखिक और लिखित हुए वादों को भारत सरकार पूरा कर आपके विश्वास पर खरा उतरेगी। श्री शाह ने कहा कि इस समझौते के लिए असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल और हेमंत विस्‍व शर्मा के प्रयास सराहनीय रहे।


    केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने न केवल असम बल्कि पूरे पूर्वोत्तर में अशांति को समाप्त करने की शुरुआत की और उसकी शुरुआत बोडो शांति समझौते से हुई, इसके बाद ब्रू-रियांग समझौता किया गया। आज हिंसा का युग समाप्त हो रहा है और शांति का युग शुरू हो रहा है। श्री शाह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 और 35 ए को उखाड़ फेंकने का काम किया है और अभी हुए हाल के पंचायत चुनाव में पुलिस को एक भी गोली नहीं चलानी पड़ी तथा शांतिपूर्ण मतदान हुआ।


    श्री अमित शाह ने कहा कि पिछली सरकारों ने भी कई समझौते किए किंतु उनकी अनुपालना नहीं हुई, वादे बहुत किए गए लेकिन पूरे नहीं हुए किंतु अब श्री नरेंद्र मोदी सरकार है और जो वादे प्रधानमंत्री करते हैं वह अपने ही कालखंड के अंदर पूरा भी करते हैं। केंद्रीय गृह मंत्री ने यह भी कहा कि बोडो क्षेत्र के लिए अनेक कार्य किए गए हैं और उनके विकास के लिए पूरी तत्परता से कार्य किए जा रहे हैं।

    विभिन्न आयोग और सलाहकार समितियों के माध्यम से बोडो क्षेत्र के निवासियों को विकसित करने का काम किया जा रहा है। श्री शाह ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी शरणार्थियों को 4 लाख रुपये की सहायता देने की शुरुआत की जा चुकी है। बोडो भाषा को सम्मान देने का काम भी किया जा रहा है और राज्य की सह भाषा का दर्जा देकर वर्षों पुरानी मांग को पूरा किया गया है ।






    केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि असम सरकार इस क्षेत्र में 3 डिग्री कॉलेजों की भी स्थापना कर रही है। श्री उपेंद्र नाथ ब्रह्मा के नाम पर संस्‍थान खोलकर उन्‍हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। 500 करोड़ रुपये बोडो क्षेत्र के रोड नेटवर्क के लिए आवंटित किए गए हैं और समग्र बोडो क्षेत्र में इस सडकजाल के माध्यम से विकास किया जाएगा। 750 करोड़ रुपये की 65 योजनाओं को चालू कर दिया गया है और 565 करोड़ रुपये अलग से आवंटन भी हो चुका है। श्री शाह ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री का मानना है कि सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास ही एक ऐसा मंत्र है जो भारत को आत्मनिर्भर बना सकता है। बोडो क्षेत्र की संस्कृति को सुरक्षित रखेंगे और उसका संरक्षण और संवर्धन करते हुए आगे बढ़ाएंगे। श्री शाह ने यह भी कहा कि आर्थिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक प्रगति को सुनिश्चित करने के साथ-साथ राजनीतिक अधिकारों को भी सुरक्षा देने का काम किया जाएगा।

    श्री अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2014 में मोदी सरकार बनने के बाद विकास के एक नए युग की शुरुआत हुई और जो विकास पिछले 70 साल में नहीं हुआ वह विगत 5 साल में हुआ है। असम के मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के नेतृत्व में कोरोना के खिलाफ लड़ाई बड़ी सफलता से लड़ी गई और मृत्यु दर .47% तक सीमित रही जो एक अत्यंत सराहनीय है। श्री शाह ने कहा कि टीकाकरण के लिए बहुत सारे केंद्र बनाकर टीकाकरण की प्रक्रिया को आसान किया जा रहा है।


    केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि असम में समुचित विकास के माध्यम से टूरिज्म भी आएगा और राज्य का विकास होने के साथ साथ पूरे नॉर्थईस्ट का विकास होगा। उनका कहना था कि असम की सरकार के पीछे केंद्र सरकार चट्टान की तरह खड़ी है, आप आगे बढ़ते रहिए। श्री शाह ने कहा कि असम को भ्रष्‍टाचार, घुसपैठिए, आतंकवाद और प्रदूषण मुक्त बनाने का काम प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार ही कर सकती है।






  • असम :बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कामाख्या मंदिर में की पूजा अर्चना

    असम/गुवाहाटी

    असम के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आज अपने दौरे के दूसरे दिन गुवाहाटी स्थित मां कामाख्या मंदिर में पूजा अर्चना की । इस दौरान उनके साथ बीजेपी के कई वरिष्ट नेता एवं अधिकारी मौजूद रहे ।

    श्री नड्डा ने कहा कि मंदिर में पूजा-अर्चना कर सर्वजन के कल्याण के लिए प्रार्थना की तथा प्रदेश की सुख, समृद्धि, उन्नति व प्रगति की कामना की।

    बता दे की सोमवार को श्री नड्डा ने सिलचर में रैली को संबोधित किया था और लोक सभा चुनाव से पंचायत चुनाव तक मिले भारी जनसमर्थन के लिए लोगो को धन्यवाद दिया । श्री नड्डा ने आगामी विधान सभा चुनाव में 100 सीटो के जितने का दावा किया है।

    श्री नड्डा ने कहा कि कांग्रेस के जमाने में लाखों लोग ऐसे थे जिनको पता ही नहीं था, उनकी जमीन होकर भी वो जमीन के अधिकारी नहीं थे।

    उन्होंने कहा ब्रह्मपुत्र वैली और बराक वैली में पहले चरण में 1,10,000 लोगों को जमीन का पट्टा दिया गया है और दूसरे चरण में फिर से लगभग इतनी ही बड़ी संख्या को जमीन का अधिकार दिया जाएगा।

  • देश :कट्टर उल्फा कमांडर दृष्टि राजखोवा ने अपने चार साथियों के साथ किया आत्मसमर्पण ,भारी मात्रा में हथियार बरामद

    देश/डेस्क

    भारतीय सेना की खुफिया एजेंसियों द्वारा मेघालय-असम-बांग्लादेश सीमा पर चलाए जा रहे तीव्र और सुनियोजित ऑपरेशन के दौरान ख़तरनाक कट्टर उल्फा (आई) कमांडर एस एस कर्नल दृष्टि राजखोवा ने अपने चार साथियों के साथ सेना के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी किए गए प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है उसके चारों साथी एस एस कॉर्पोरल वेदांता, यासीन असोम, रूपज्योति असोम और मिथुन असोम हैं। इन सभी के पास से भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किए गए हैं।

    यह ऑपरेशन एजेंसियों को प्राप्त पुष्ट जानकारियों पर आधारित था, जो पिछले नौ महीनों की अथक खोज और प्रयासों का परिणाम है।

    मालूम हो कि दृष्टि राजखोवा लंबे समय तक उल्फा विद्रोहियों की वांछित सूची में रहा है और वह असम के निचले हिस्सों में उल्फा गतिविधियों में संलिप्त था। उसका आत्मसमर्पण करना अब इस भूमिगत संगठन के लिए एक बड़ा झटका है और इससे क्षेत्र में शांति स्थापित करने की दिशा में एक नई शुरुआत हुई है। इस सफल ऑपरेशन के द्वारा भारतीय सेना ने फिर से पुष्टि की है कि, वह हर समय इन इलाकों में शांति और सामान्य स्थिति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • असम : बाढ़ से 26 जिलों के 28 लाख से अधिक आबादी प्रभावित ।79 की मौत

    देश/डेस्क

    असम में ब्रह्मपुत्र नदी कई जिलों में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और राज्य के 2 दर्जन से अधिक जिले बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हो चुके हैं । असम के 26 जिले बाढ़ से प्रभावित है और अभी तक 79 लोगो की मौत बाढ़ के कारण हो चुकी है ।

    रविवार को दो लोगो की मौत डूबने से हुई है ।मालूम हो कि दीमापुर लखीमपुर विश्वनाथ जोरहाट ,नल बाड़ी , बारपेटा,कामरूप , डिब्रूगढ़,तिनसुकिया सहित अन्य जिलों में जन जीवन बुरी तरह प्रभावित हो चुका है । बाढ़ से राज्य के 2678 गांव के लगभग 28 लाख लोग प्रभावित है ।राज्य सरकार के मुताबिक 290 राहत कैंप अलग अलग बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चलाए जा रहे हैं ।

  • देश :असम में बाढ़ से लाखो आबादी प्रभावित ।अब तक 61 की मौत

    देश/डेस्क

    असम में लगातार बारिश से डेढ़ दर्जन जिले बुरी तरह बाढ़ से प्रभावित है ।मालूम हो कि बाढ़ से लगभग 10-15लाख की आबादी प्रभावित हुई है और हजारों एकड़ फसल बर्बाद हुआ है । जबकि असम में बाढ़ से अब तक 61 लोगो की मौत हुई है ।असम के 18 जिले भीषण बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।

    बाढ़ से और दो लोगों की मौत हो गई है और 10.75 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने कहा है कि मोरीगांव और तिनसुकिया जिले में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। राज्य में अब तक बाढ़ से 61 लोगों की मौत हुई है और 24 लोगों की मौत भूस्खलन से हुई है।

  • असम में बाढ़ से 10 जिले बुरी तरह प्रभावित । दर्जनों की मौत

    देश /डेस्क

    असम में लगातार बारिश से कई इलाकों में लोगों के घरों में पानी घुस चुका है ।ब्रह्मपुत्र एवं सहायक नदियां पूरे उफान पर है । बाढ़ से एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है ।जानकारी के अनुसार ब्रह्मपुत्र नदी और इसकी सहायक नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और इसके चलते धेमाजी, लखीमपुर, बिश्वनाथ, उदलगुड़ी, दरंग, बक्सा, कोकराझार, बारपेटा, नागांव, गोलाघाट, जोरहाट, माजुली, शिवसागर, डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।