सभ्यता और शिष्टाचार ?


एक बार फ्रांस का राजा चतुर्थ हेनरी अपने शरीर रक्षक के साथ पेरिस की आम सड़क से जा रहा था ।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

तभी एक भिखारी ने अपने सिर की टोपी उतार कर उसका अभिवादन किया प्रत्युत्तर में हेनरी ने भी अपना सिर झुकाया ।

यह देख वह शरीर रक्षक  बोला महाराज आप जैसे सम्राट का एक तुच्छ भिखारी को अभिवादन करना शोभा नहीं देता ।

शोभा देता है या नहीं यह तो तुम लोगों के सोचने की बात है मेरी नहीं  ।

राजा आगे बोला

यदि मैंने उसे अभिवादन न किया होता तो मेरे अंतर्मन की मनुष्यता मुझे कोसती रहती की । है तो तू फ्रांस का सम्राट किंतु तुझ में एक भिखारी के जितने भी सभ्यता और शिष्टाचार नहीं ।