झारखंड/गुमला
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!गुमला से एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है ।मालूम हो कि गुमला थाना क्षेत्र के तैसेरा गांव में रविवार रात को पीएलएफआई नक्सली संदीप तिर्की को ग्रामीणों ने दौड़ा-दौड़ा कर लाठी डंडे से पीट-पीट कर हत्या कर दी है। जानकारी के मुताबिक संदीप तिर्की कई मामले में जेल जा चुका था। कुछ दिन पहले जेल से बाहर आया था और ग्रामीणों को हथियार के बल पर लेवी वसूलने का काम कर रहा था। नक्सली संदीप के मारे जाने से पूरे इलाके में खुशी का माहौल बना हुआ है।
बताया जा रहा है कि संदीप तिर्की के सहयोगी बसंत गोप की हत्या दो माह पहले हुई थी। वर्ष 2009 में दीपक केरकेट्टा की हत्या के विरोध में पीएलएफआइ के अपराधियों ने संदीप तिर्की के परिवार के पांच लोगो की हत्या कर दी थी।
संदीप का अपराधिक इतिहास पुराना है ।
मिली जानकारी के अनुसार पीएलएफआई उग्रवादी संदीप तिर्की पिछले एक दशक से अपराधिक गतिविधियों में शामिल था। संदीप तिर्की लेवी रंगदारी और हत्या के घटना में वह शामिल रहता था।
पीएलएफआई उग्रवादी संदीप तिर्की का शव डान टोली निवासी जगतपाल साहु के खेत में पड़ा हुआ था। पुलिस घटनास्थल पर पहुंच कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।