किशनगंज/देवाशीष चटर्जी
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जहां सरकार लोगों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए आयुष्मान भारत जैसी योजनाएं चला रही है तो वहीं उप स्वास्थ्य केंद्र समेश्वर आज अपनी बदहाली पर आँशु बहाने पर विवश है।यहां स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर एक कंपाउंडर भी नियमित रूप से नही है।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहादुरगंज के अंतर्गत आने वाला यह उपस्वास्थ्य केंद्र समेश्वर का निर्माण कार्य विगत कई वर्ष पूर्व विभाग द्वारा करवाया गया था, परन्तु विभागीय अधिकारियों के देखरेख के अभाव में लाखों की लागत से निर्माणाधीन उपस्वास्थ्य केंद्र आज जर्जर अवस्था में तब्दील हो रहा है।
हालांकि स्थानीय लोगों ने बताया कि उपस्वास्थ्य केंद्र के निर्माण होने के बाद कुछ दिनों तक टीकाकरण के लिए कुछ आशा एव एएनएम कभी कभार दिख जाया करती थी परन्तु बाकी के दिनों में यह भूत बंगला बन जाया करता था।ग्रामीणों को आज भी कई किलोमीटर की दूरी तय कर इलाज कराने हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहादुरगंज आने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
उपस्वास्थ्य केंद्र समेश्वर की भवन की हालत यह बन गई है कि भवन में चारो तरफ घने जंगलों एवम दीमकों ने अपना बसेरा बना लिया है,एवम भवन के अंदर कचरे का अम्बार लग गया है।स्थानीय बुद्धिजीवी लोगों ने यह भी बताया कि भवन की देखरेख कोई न करने वाला होने के कारण उपस्वास्थ्य केंद्र में असामाजिक तत्वों का अङ्गरा भी बनता जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने सरकार एव विभागीय अधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि जल्द से जल्द उपस्वास्थ्य केंद्र का जीर्णोद्धार कर यहां चिकित्सक की पदस्थापना की जाए ताकि ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधा के लिए कहीं भटकना न परे।