नरपतगंज प्रखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित।

नरपतगंज / बबलू सिंह

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हर साल नेपाल में भारी बारिश होने से नदियां उफन जाती है और नरपतगंज प्रखंड के सीमावर्ती क्षेत्र के लोग बाढ़ की विभीषिका झेलने को विवश रहते हैं। नरपतगंज प्रखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में पिछले रुक-रुक कर हो रही भारी बारिश से जहां बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं, तो वहीं इससे जनजीवन भी पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

नेपाल में हो रही भारी बारिश के कारण जहां सुरसर एवं मरियाधार जैसी नदियां उफान पर है तो वहीं भारी बारिश ने उसमें और इजाफा कर दिया है।
बताते चलें कि मरियाधार एक बरसाती नदी है और नेपाल के भूटहा में इस नदी पर बांध बनाकर पानी को सुरसर में ही गिरा दिया गया है।परंतु बरसात में कई नालों का पानी मरियाधार में गिरता है,जिससे यह नदी बरसात में अपना रौद्र रूप दिखाती रही है।

अब इस नदी का पानी पथराहा,मानिकपुर, लक्ष्मीपुर,मधुरा, अँचरा,पोषदहा आदि पंचायतों के रिहायशी इलाकों में प्रवेश कर रहा है,जिससे बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।ऐसे में जहां निचले इलाकों में लगी धान की फसल पूरी तरह पानी में डूब गई है तो वहीं ऊंचे इलाकों में भी पानी लग जाने से किसान अब धान की रोपाई कर रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत मवेशियों को हो गया है, क्योंकि उन्हें चराने हेतु कोई भी सूखा जगह बचा नहीं है।अगर और बारिश होती है तो ये क्षेत्र पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे और सडकों के कट जाने से आवागमन का संकट पैदा हो जायेगा।