ऑल इण्डिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन द्वारा निकाला गया प्रतिवाद मार्च ।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

मुजफ्फरपुर /संवादाता 


मजदूर विरोधी श्रम कानूनों को लागू करने, मजदूरों को लाक डाउन की अवधि में ₹8000 प्रतिमाह देने, सभी मजदूरों को रोजगार देने ,कोरोना महामारी में लगे स्वास्थ्य कर्मियों एवं अन्य लोगों को ₹5000000 बीमा की गारंटी करने के सवाल पर आज दिनांक 3 .7.020 को केंद्रीय श्रम संगठनों के आह्वान पर ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड सेंटर लोकल कमेटी कांटी की ओर से अखिल भारतीय प्रतिवाद मार्च कांटी स्थित कार्यालय से निकाला गया ।

जुलूस विभिन्न मार्ग होते हुए प्रखंड मुख्यालय पहुंचे और प्रदर्शनकारियों ने रोषपूर्ण प्रदर्शन किया। जुलूस में लोग केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ रोसपूर्ण नारा लगा रहे थे ।प्रदर्शन सभा को संबोधित करते हुए संगठन के राज्य कमेटी सदस्य नरेश राम ने कहा कि कोरोना महामारी से लॉकडाउन के कारण मजदूर को काम से निकाला गया।

काम के घंटों को बढ़ाकर 12 घंटे कर दिया गया। मजदूरों को रखने और हटाने का अधिकार मालिकों को दे दिया गया है ।मजदूरों को यूनियन बनाने के अधिकार से 3 साल तक वंचित कर केंद्र और राज्य की सरकार ने मजदूर विरोधी नीतियों को दर्शाया है। मजदूर विरोधी नीति को सभी दलों और सरकार ने लागू किया है।

मजदूर आंदोलन को मजबूती प्रदान करके मजदूर अपनी हक हासिल कर सकता है। सभा को एस यू सीआई( कम्युनिस्ट) के प्रखंड सचिव लालबाबू राय ने कहा कि उच्च नैतिकता और विचार से लैस जनता ही संगठित होकर मजदूर आंदोलन को संचालित कर सकता है और आंदोलन के बल पर अपनी मांगों को हासिल कर सकता है ।कार्यक्रम में पोषण राम ,पिंकू शर्मा ,उमाकांत कुमार, गीता देवी ,राज कुमार राम, रघुवीर कुशवाहा, राम कृत राम, सुरेंद्र राम ,फूलमती देवी ,मंजू देवी ,जानकी देवी ,शहित सैकड़ों लोग शामिल थे।