कटिहार : सदर अस्पताल में कोरोना विस्फोट 4 डॉक्टर सहित 6 नर्स हुई कोरोना पॉजिटिव

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कटिहार/रितेश रंजन

अस्पताल में दहशत माहौल ,सिविल सर्जन द्वारा कोविड पोस्टिव अस्पताल कर्मी के इलाज के लिए नही की जा रही है मुक्कमल व्यवस्था

कटिहार में कोरोना का कहर चरम पर है यहां तक कि जिले का एक मात्र सरकारी अस्पताल सदर अस्पताल भी अब कोरोना की चपेट में है कुल 6 नर्स और सदर अस्पताल के चार डॉक्टर इसकी चपेट में है नर्सो की माने तो कोरोना पोस्टिव अस्पताल कर्मी के इलाज के। लिए उन्हें ANM होस्टल और रेन बसेरा में आइसोलेट कर इलाज किया जा रहा है जहाँ न तो बिजली की व्यवस्था है न पानी की।

ऐसे में जो अस्पतालकर्मी खुद अपनी जान जोखिम डालकर मरीजो का इलाज करते है उन्हें खुद अपनी जान जोखिम में लग रही है सिविल सर्जन न तो कोई मुक्कमल व्यवस्था दे रहे है न ही कोई वैकल्पिक सुविद्या दे पा रहे है नर्स का कहना है कि जिस तरह कटिहार रेलवे अस्पताल और रेलवे के मुख्य कार्यालय DRM बिल्डिंग में कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद उन्हें बंद कर सेनेटीएज किया गया उसी तरह कटिहार सदर अस्पताल को भी कुछ दिनों के लिए बंद कर सेनेटीएज किया जाय ।

नर्सो का एक प्रतिनिधिमंडल सिविल सर्जन से मिलकर अपनी समस्याओं से उन्हें अवगत करवाया बाबजूद कटिहार के सिविल सर्जन D N पांडे कुछ भी सुनने को तैयार नही । यहां तक कि मीडिया के कैमरे के सामने भी कुछ बोलने को तैयार नही है।

राजद के जनप्रतिनिधि आशु पांडे की माने तो सदर अस्पताल कर्मियों को कोरोना से बचाव और मरीजो के इलाज के लिए जो PPE किट दिए गए है वो भी घटिया क्वालिटी की है ऐसे में सदर अस्पताल में जो नर्स और डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव पाए गए है या जो कर्मी पॉजिटिव अस्पताल कर्मियों के संपर्क में थे ।

उन्हें होम क्वॉरेंटाइन की मांग करने पर उन्हें जबरन ड्यूटी का दबाब बनाना कहा तक जायज है गौरतलब है कि कटिहार के शहरी क्षेत्रों में कोरोना का विस्फोट तेजी से बढ़ रहा है अब जरूरत है कि जिला प्रसाशन इनके इलाज की मुक्कमल व्यवस्था करे नही तो ये कोरोना का संक्रमण तेजी से अपना पाव पसारता जाएगा और लोगो की ज़िंदगी की कोई गारंटी नही रह पाएगी ।