टूटी सड़क दे रही हादसों को दावत

किशनगंज/विजय कुमार साहा

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टेढ़ागाछ प्रखंड मुख्यालय से मटियारी जाने वाली सड़क विगत 5 वर्षों से अधर में लटका हुआ है।जबकि टेढ़ागाछ से जिला मुख्यालय जाने का मुख्य मार्ग है। बताते चले कि यह मुख्य मार्ग से जिला से लेकर टेढ़ागाछ के पदाधिकारी व सांसद एवं विधायक का इसी मुख्य सड़क होकर आवागमन हुआ करता है। फिर भी शासन एवं प्रशासन नजर अंदाज कर आवागमन किया करते है।बताते चले कि टेढ़ागाछ से मटियारी जाने के क्रम में मुख्य सड़क पर दर्जनों जगहों पर बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भरा हुआ है आने-जाने वाले राहगीरों के लिए परेशानी का सबब है जबकि आए दिन छोटी-मोटी हादसा होते रहती है। कहावत में है सड़क में गड्ढा या गड्ढे में सड़क जो मौत को दावत दे रहा है।

शिकायत के बाद भी जिम्मेदारों ने इस मुख्य सड़क का सुधि अब तक नहीं ली। जो अब बरसात में दुर्घटना को दावत दे रही है। सड़क के गहरे गड्ढे भरे नहीं जाने से बरसात का पानी गड्ढों में भर रहा है। जो राहगीरों के लिए बवालेजान बना हुआ है। मरम्मत न होने के कारण गड्ढे बड़े-बड़े वाहनों के गुजरने से गहरे होते जा रहा है। जो जानलेवा होकर किसी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। मेन मार्ग होने के कारण दिन-रात छोटे-बड़े सैकड़ों वाहनों का आवागमन होता रहता है। लोगों का कहना है प्रदेश के सरकार सड़क के गड्ढे को भरने का आदेश दे चुकी है।

लेकिन जिला प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। जिससे आम जनमानस को काफी तकलीफें उठानी पड़ रही है। सूबे के मुखिया नीतीश सरकार ने जो गड्ढा मुक्त अभियान चलाया था। वह पूरी तरह जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण फेल हो गया है। उसकी बानगी सड़कों पर बने गड्ढे खुद बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि लाख शिकायतों के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका है। जो कष्टदायी बना हुआ है। गड्ढा युक्त सड़क पर भरें पानी से कई बार बाईक व साईकिल चालक गिरकर चोटिल हो चुके है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। लोगों ने सड़क मरम्मती करण की मांग डीएम से की है।