कटिहार नगर निगम में कुर्सी की लड़ाई में विकास ठप, जनता परेशान

कटिहार/रितेश रंजन

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कटिहार में नगर निगम के वर्तमान उप-मेयर मंजूर खान और पूर्व महापौर विजय सिंह की चेयर फाइट में विकास पूरी तरह ठप हो गया है। कभी पूर्व महापौर पर लगे अविश्वास प्रस्ताव तो कभी वर्तमान उप-मेयर पर लगे अविश्वास प्रस्ताव नगर निगम की राजनीति के साथ-साथ शहर की विकास गति को अस्थिर कर दिया है। सालाना 425 करोड़ के बजट वाले इस नगर निगम में लगभग 2 सालों से आपसी राजनीति की लड़ाई में विकास के मुद्दे पर बैठक हुआ ही नहीं है ।

जिसमें नगर क्षेत्र से जुड़े 264 योजना लंबित रह गया है,अब शहर में जलजमाव, गंदगी और विकास नहीं होने से आम लोगों के साथ-साथ पार्षद भी काफी परेशान हैं।पार्षदों के माने तो वो जिस जनता के वोट से जीत कर आए हैं वह जनता उन्हीं से काम ढूंढ रहे है, लेकिन दो दिग्गजों कि इस राजनीति के रस्साकशी में कभी अव्वल रहने वाले कटिहार नगर निगम की 45 वार्ड के साथ-साथ शहर के विकास पूरी तरह ठप हो गया है।

स्थानीय लोग नगर निगम का बिजनेस का अड्डा बता रहे हैं, उधर अब भी पूर्व मेयर विजय सिंह कहते हैं, अविश्वास प्रस्ताव पर चुनाव हारने के बाद वो मेयर तो है नहीं लेकिन उप-महापौर पर अविश्वास प्रस्ताव के बाबजूद अभी तक चुनाव नही होने से वो कुर्सी पर काबिज है,इस लिए बिकास से जुड़ी मुद्दा भी फिल-हाल उन्हीं के जिम्मेदारी है।

जब कि उप मेयर कहते है कि बिजय सिंह महापौर रहने के दौरान विकास मद की बैठक किया ही नही जब की बैठक बुलाना उन्हीं के जिम्मेदारी था और अब गलत बयान बाजी कर लोगो को गुमराह कर रहे है। इस बीच कोरोना के कहर और मॉनसून के दस्तक के बीच कटिहार नगर निगम के विकास मद की राशी 30 जून तक खर्च नही होने से शहर के विकास का पहिया ठप हो सकता है।