बिहार :कोविड टीका एक्सप्रेस अब आपके द्वार, ग्रामीण स्तर पर चलंत टीकाकरण की हुई शुरूआत


• प्रखंड स्तर पर बीडीओ और एमओआईसी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
• संक्रमण को जड़ से मिटाने को लेकर विभाग ने शुरू की पहल
• 45 वर्ष या उससे अधिक उम्र वाले व्यक्तियों को लगेगा टीका

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छपरा /प्रतिनिधि

वैश्विक महामारी कोविड-19 संक्रमण को जड़ से मिटाने को लेकर स्थानीय जिला प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से लगा हुआ है। इसी कड़ी में विभाग ने अच्छी पहल की शुरूआत की है। बुधवार को जिले के सभी प्रखंडों टीका एक्सप्रेस की शुरूआत की गयी। टीका एक्सप्रेस को प्रखंड स्तर पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व प्रखंड विकास पदाधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिलाधिकारी डॉ. नीलेश रामचंद्र देवरे ने बताया कि कोविड-19 संक्रमण से सुरक्षा के लिए टीकाकरण ही एक मात्र विकल्प है। कोरोना जैसी महामारी से स्थायी रूप से मुक्त होने के लिए जिले में लगातार कोरोना जांच एवं टीकाकरण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। जिसमें तेजी लाने के उद्देश्य से ज़िला प्रशासन द्वारा 45 वर्ष से ऊपर के व्यक्तियों को टीकाकरण के लिए 31 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया है। जो जिले के सभी प्रखंडो के विभिन्न गांवों में जाकर लोगों को टीकाकरण कराने का काम करेगी। इसके अलावा लोगों को जागरूक करने का भी काम किया जाएगा। डीएम ने कहा कि युद्ध स्तर पर टीकाकरण कराने को लेकर स्थानीय प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह से सजग व तत्पर है। ताकि जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का टीकाकरण कराया जा सके। जिससे कि जिले के सभी लोग खुद को सुरक्षित रखते हुए परिवार को सुरक्षित रख सकें। राज्य सरकार के दिशा-निर्देश के आलोक में बुधवार से पूरे जिले में कोविड-19 टीकाकरण अब आपके द्वारा अभियान का शुभारंभ किया गया है।






सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्राथमिकता:
जिलाधिकारी डॉ. नीलेश रामचंद्र देवरे ने कहा कि जिले में 45 वर्ष या इससे अधिक आयुवर्ग श्रेणी में टीकाकरण की प्रगति के दृष्टिगत एवं दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में लाभार्थियों के घर के समीप टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध कराने एवं टीकाकरण सत्रों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से टीका एक्सप्रेस (45 वर्ष या इससे अधिक आयुवर्ग के लिए) चलाने का निर्णय लिया गया है। टीका एक्सप्रेस के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर लोगों को टीकाकरण के लिए सत्र स्थल पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। क्योंकि अब आसानी से अपने घर के पास ही कोरोना का टीका लगवाया जा सकता है। इससे ना सिर्फ लोगों को वैक्सीन लेने में आसानी होगी बल्कि वैक्सीनेशन अभियान में भी गति आएगी। जिससे शत प्रतिशत लक्ष्य को पूरा भी किया जा सकता है। इस अभियान के तहत खासकर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्राथमिकता के आधार पर चलंत वैक्सीनेशन शिविर लगाकर लोगों का टीकाकरण किया जाएगा। क्योंकि अभी भी कुछ वैसे भी लाभुक हैं जो किसी कारणवश टीकाकरण केंद्र पर जाने में असमर्थ हैं या कोई साधन नही है तो उनके लिए यह टीकाकरण वाहन मिल का पत्थर साबित होगा।






जीविका व जनप्रतिनिधियों का लिया जायेगा सहयोग:
गांवों में कोविड टीकाकरण सत्र की सूचना ससमय संबंधित आशा, ए.एन.एम. जीविका एवं जनप्रतिनिधियों को दी जायेगी। आशा कार्यकर्ता एक दिन पूर्व संबंधित गांव में जाकर लाभार्थियों के उत्प्रेरण का कार्य सुनिश्चित करेंगी ताकि पर्याप्त संख्या में लाभार्थियों को टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। एक गांव में टीकाकरण का कार्य पूर्ण कर टीका एक्सप्रेस दूसरे गांव के दूसरे टीकाकरण सत्र के लिए प्रस्थान करेगी।

प्रतिदिन 200 लाभार्थियों का होगा टीकाकरण:
सिविल सर्जन ने कहा कि प्रतिदिन प्रति वाहन न्यूनत्तम 200 लाभार्थियों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया जाय। निर्धारित सत्रों की कोविन पोर्टल पर मैपिंग आवश्यक सूचना प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक द्वारा जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकरी को उपलब्ध कराई जायेगी।चलन्त टीकाकरण का कार्य सुबह 8 बजे से संचालित किया जायेगा। चलन्त टीकाकरण के संचालन के लिए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत कार्यरत एएनएम द्वारा टीकाकरण का कार्य संचालित किया जायेगा तथा उपलब्ध फार्मासिस्ट द्वारा लाभार्थियों ( 45 वर्ष या इससे अधिक आयुवर्ग) का कोविन पोर्टल पर ऑन स्पॉट पंजीकरण करते हुये टीकाकरण किया जायेगा। आरबीएसके के फार्मासिस्ट को पूर्व में लैपटॉप आदि की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।






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