पूजा :छठव्रतियों ने श्रद्धा पूर्वक अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को दिया पहला अ‌र्घ्य

खोरीबाड़ी /चंदन मंडल

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भारत – नेपाल सीमा के सीमावर्ती क्षेत्रों व भद्रपुर में लोक आस्था का महापर्व व सूर्य उपासना का पर्व चैती छठ खोरीबाड़ी व नक्सलबाड़ी प्रखंड समेत सीमावर्ती क्षेत्र डांगुजोत व गलगलिया में धूमधाम से मनाया गया। श्रद्धालुओं ने रविवार को डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। इस दिन मेची नदी के किनारे व गढ्ढे खोदकर किये गये घाटों पर जुटे श्रद्धालुओ ने पूजा अर्चना कर अपने परिवार के सुख शांति की छठ मैया से कामना की । इस दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए व्रती और उनके परिजन अपने घरों से पूजा सामग्रियों के साथ घाटों पर पहुंच गए थे। घुटने तक पानी में उतर कर, पूजा सामग्रियों से भरे सूप हाथों में लिए व्रतियों ने डूबते सूर्य को पूरी श्रद्धा के साथ पहला अर्घ्‍य दिया।

घुटने तक पानी में खड़े होकर व्रतधारियों ने सूप, बांस की डलिया में सन्तरा , गन्ना सहित पूजन सामग्री और गाय के दूध से डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया और अपने सुख समृद्धि की कामना की। वहीं कई लोगों ने अपने घर के आसपास गड्ढे खोदकर छठ पूजा किया और डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। आज सोमवार को उदीयमानन भगवान भास्कर को अर्ध्य देकर अपने जीवन में सुख-शांति व समृद्धि की कामना करेगी। इसके बाद महिलाएं अपने घर में ठेकुए व फल भगवान को भोग लगाकर अपना 36 घंटे का निर्जला व्रत का पारण करेगी और छठी मइया के लिए बनाए गए खास ठेकुए का प्रसाद वितरित करेंगे।