बिहार :किशनगंज SHO अश्विनी कुमार मौत मामला ,बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने बंगाल के राज्यपाल को लिखा पत्र, कहा बंगाल पुलिस की कार्यशैली संदेहास्पद ,करवाई की मांग की

पटना /संवादाता

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पश्चिम बंगाल के पांतापाड़ा गांव में बिहार पुलिस के इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार की हत्या मामले ने अब तूल पकड़ना शुरू कर दिया है. छापेमारी करने गए किशनगंज टाउन थाना एसएचओ अश्विनी कुमार की निर्मम हत्या से विभिन्न दलों के नेता, पुलिस अधिकारी समेत आम लोग काफी नाराज हैं. सभी एसएचओ हत्याकांड पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. इसी क्रम में बिहार बीजेपी के अध्यक्ष और सांसद ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनकर को इस मामले मामले पत्र लिखकर न्याय की मांग की है.

संजय जायसवाल की ओर से लिखे गए पत्र में घटना से संबंधित पूरी जानकारी देते हुए कहा गया, ” इस पूरे घटनाक्रम में स्थानीय बंगाल पुलिस पूरी तरह से गैरजिम्मेवार और मूकदर्शक बनी रही, जो उनकी संलिप्तता का भी परिचायक है. यह घटना मानवीय मूल्यों के दृष्टी से हृदयविदारक तो है ही साथ-साथ कानूनी दृष्टि से बेहद संगीन है.”


पत्र में कहा गया, ” यह घटना पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की स्थिति का डेमो है कि वहां कानून किस प्रकार एक विशेष समुदाय के प्रति लाचार हो चुका है. यह असमान्य स्थिति वहां के सत्ता प्रतिष्ठान में बैठे लोगों द्वारा इस समुदाय को वोटबैंक की दृष्टी से देखने के कारण बनी है.”


पत्र के माध्यम से संजय जायसवाल ने राज्यपाल से आग्रह किया कि वे घटना में सभी अभियुक्तों पर कार्रवाई करें. उन्होंने कहा, ” आईपीसी के विभिन्न धाराओं 141,149 (गैर कानूनी एकत्रीकरण), 120 बी (आपराधिक साजिश), 34 (सामूहिक इरादतन) और 302 (सामूहिक हत्या) के तहत गिरफ्तारी हो और उन्हें सजा मिले, क्योंकि यह जरूरी है कि कानून का राज कायम रहे.”


गौरतलब है कि किशनगंज टाउन थाने के एसएचओ अश्विनी कुमार अपनी टीम के साथ बीती रात बंगाल सीमा के पास बाइक चुराने वाले गैंग के एक ठिकाने पर उन्हें दबोचने के लिए पहुंचे थे. इसी दौरान अपराधियों ने पहले उनसे झगड़ा किया. फिर उन पर हमला कर उनकी हत्या कर दी.

इस मामले में मुख्य अपराधी समेत तीन की गिरफ्तारी हो चुकी है. जबकि अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है.