देश/डेस्क
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!किसान आंदोलन के नाम पर भारत को बदनाम करने की हो रही साजिश पर एक बार फिर बड़ा खुलासा हुआ है ।मालूम हो कि खालिस्तानी संगठन सिख फॉर जस्टिस ने यूनाइटेड नेशन में चंदा देकर भारत के खिलाफ लॉबिंग करने की कोशिश की है । सिख फॉर जस्टिस पाकिस्तान की मदद से बीते कई वर्षों से खालिस्तान आंदोलन चला रहा है ।दिल्ली में जब से कथित किसान आंदोलन शुरू हुआ है उसी दिन से इस प्रतिबंधित संगठन का नाम इस आंदोलन से जुड़ा रहा है ,कि सिख फॉर जस्टिस द्वारा आंदोलन प्रायोजित है ।26 जनवरी के दिन लाल किला पर खालिस्तानी झंडा फहराने के लिए इसने इनाम की घोषणा की थी , और अब यूनाइटेड नेशन को करीब 10000 डॉलर जो कि भारतीय रुपए में लगभग ₹700000 होते हैं का चंदा दिया है ।जिसकी पुष्टि भी यूनाइटेड नेशन के द्वारा की गई है ।
यूनाइटेड नेशन ने सिख फॉर जस्टिस के गुरपतवंत सिंह पन्नू को पत्र लिख कर आभार व्यक्त किया है ।गौरतलब हो कि सिख फॉर जस्टिस भारत में प्रतिबंधित है और इस संगठन के कर्ता धर्ता पन्नू को केंद्र सरकार आतंकी घोषित कर चुकी है ।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सीख फॉर जस्टिस द्वारा यह चंदा यूनाइटेड नेशन को इसलिए दिया गया है ताकि मानवाधिकार उलंघन का हवाला देकर भारत को बदनाम किया जा सके ।
जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय के एक प्रतिनिधि ने चंदा लेने की पुष्टि की है ।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 1 मार्च को यह चंदा दिया गया है ।इससे पहले पन्नू का नाम टूलकिट में भी सामने आ चुका है साथ ही इसने महाराष्ट्र और बंगाल सरकार को पत्र लिख कर बंगाल और महाराष्ट्र को भारत से अलग करने की अपील भी की थी और मदद का भरोसा दिया था ।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक किसी प्रतिबंधित संगठन से यूनाइटेड नेशन चंदा नहीं ले सकता उसके बावजूद सिख फॉर जस्टिस से चंदा लिए जाने के बाद यूनाइटेड नेशन पर सवाल खड़े हो रहे है ।पूरे मामले पर भारत सरकार क्या कदम उठाती है इसका इंतजार है ।इससे पहले भी भारत सरकार देश के अंदरूनी मामलों में दूसरे देश द्वारा हस्तछेप करने की कोशिश पर कड़ा संदेश दे चुकी है ।