बिहार /पटना
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बिहार में शराब पीने से हो रही मौतों और पार्टी एवं गठबंधन में शामिल नेताओं द्वारा शराबबंदी पर सवाल उठाए जाने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। सीएम नीतीश ने रविवार को कहा कि बहुसंख्यक लोग शराबबंदी के पक्ष में हैं और सिर्फ कुछ ही लोग गड़बड़ कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी हमलोगों का स्वार्थ नहीं बल्कि लोगों की इच्छा है। उन्होंने कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि अब तो यह भी देखा जा रहा है कि सोर्स कहा है और कारोबार करने वाला कौन है। सीएम ने कहा कि गड़बड़ी करने वाला तो खुद भी जाएगा और दूसरे को भी मारेगा। नीतीश कुमार ने दावा करते हुए कहा कि बहुसंख्यक लोग शराबबंदी के पक्ष में हैं और सिर्फ कुछ ही लोग गड़बड़ कर रहे हैं।
गौरतलब हो कि पिछले कुछ दिनों में गोपालगंज, कैमूर और मुजफ्फरपुर में जहरीली शराब पीने से मौत की खबरें सामने आई हैं। इसको लेकर बिहार की नीतीश कुमार सरकार विपक्षियों के साथ-साथ अपनों के निशाने पर भी आ गई है। शुक्रवार को नीतीश कुमार की मौजूदगी में हुई जदयू विधानमंडल दल की बैठक में पार्टी के विधायक डॉ संजीव कुमार ने शराबबंदी पर सवाल उते हुए इसे शत-प्रतिशत असफल करार दिया था।वहीं एनडीए में शामिल जीतन राम मांझी की पार्टी हम और मुकेश सहनी की वीआईपी ने भी शराबबंदी को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। ‘हम’ का कहना है कि पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत से ही बिहार में शराब का धंधा फल-फूल रहा है। वहीं मुकेश सहनी की पार्टी ने दावा किया कि शराबबंदी के कारण राज्य सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है। पुलिस की लापरवाही के कारण कानून प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो पा रहा है।