धर्म :मौनी अमावस्या पर गंगा तट पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब,जानिए क्यों रहना चाहिए आज मौन ..

देश/डेस्क

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मौनी अमावस्या के मौके पर लाखो श्रद्धालुओ ने गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाई है ।मालूम हो कि उत्तराखंड के हरिद्वार में देश भर से जुटे श्रद्धालुओ ने गंगा नदी में डुबकी लगाकर मां गंगा से आशीर्वाद प्राप्त किया ।बता दे कि माघ महीने के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली अमावस्या का विशेष महत्व है और इस दिन नदी ,सरोवर ,तालाब में स्नान करना पुण्य फलदाई होता है ।वहीं मौनी अमावस्या पर प्रयागराज के संगम तट पर भी देश विदेश से जुटे लाखो लोगो ने स्नान कर पूजा अर्चना किया है । वाराणसी में भी मौनी अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं ने गंगा नदी में स्नान किया। एक श्रद्धालु ने बताया, “आज हिंदुओं के लिए बड़ा पर्व है और स्नान है। आज के दिन मौन रहकर सभी स्नान करते हैं, मां गंगा जी सबको प्यार और सबको सद्बुद्धि दे।”






माघ अमावस्या का महत्व

माघ अमावस्या पर मौन रहने का विशेष महत्व बताया गया है। वहीं यदि मौन रहना संभव न हो तो अपने मुख से कटु वचन न बोलें। वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा को मन का कारक कहा गया है और अमावस्या के दिन चंद्र दर्शन नहीं होते हैं। इससे मन की स्थिति कमजोर रहती है। इसलिए इस दिन मौन व्रत रखकर मन को संयम में रखने का विधान बताया गया है। इस दिन भगवान विष्णु और शिव दोनों की पूजा का विधान है।