बिहार :हेल्थकेयर वर्करों को 10 फरवरी तक कोविड-19 के पहले डोज का टीकाकरण पूर्ण करने का निर्देश

• राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने जारी किया पत्र
• कोविड टीकाकरण अभियान में तेजी लाने का निर्देश
• सत्र स्थलों की संख्या एवं लाभार्थियों की संख्या में होगी बढ़ोतरी

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छपरा/प्रतिनिधि

जिले में कोरोना संक्रमण के खिलाफ कोविड-19 टीकाकरण अभियान के पहले चरण में हेल्थकेयर वर्करों का टीकाकरण किया जा रहा है। कोविड-19 टीकाकरण अभियान में तेजी लाने के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने पत्र जारी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया है। पत्र के माध्यम से यह निर्देश दिया गया है कि 10 फरवरी तक कोविड-19 टीकाकरण अभियान के अंतर्गत लाभार्थियों के प्रथम खुराक का टीकाकरण पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाए। जारी पत्र में कहा गया है कि जिला में पोर्टल पर तकनीकी समस्याओं के कारण समय अनुसार सत्रों का निर्धारण नहीं हो पा रहा था। फलस्वरूप राज्य के सभी जिलों को दो ग्रुप में विभाजित करते हुए क्रमशः सोमवार, बृहस्पतिवार तथा मंगलवार, शनिवार को कोविड19 टीकाकरण कराए जाने का निर्देश निर्गत है। उक्त निर्देश को विलोपित करते हुए जिले में स्वास्थ्य कर्मियों के कोविड टीकाकरण अभियान में तेजी लाने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर निर्देश दिया गया है।






लाभार्थियों की संख्या को देखते हुए करें सत्र का निर्धारण:

पत्र के माध्यम से निर्देश दिया गया है कि स्थानीय स्तर पर लाभार्थियों की संख्या को देखते हुए सत्र का निर्धारण किया जाए। आवश्यकता अनुसार सत्रों की संख्या एवं सत्र पर लाभार्थियों की संख्या भी बढ़ाई जा सकती है। सत्र पर यदि वैसे लाभार्थी उपस्थित हो जाते हैं जिनका पंजीकरण पोर्टल पर है परंतु उस दिन के ड्यू लिस्ट में नामित नहीं है, तो उनकी के विवरणी की पोर्टल पर जांच कर उनका टीकाकरण किया जाएगा।

राजस्व कर्मियों का डाटाबेस तैयार करने का निर्देश:

राज्य स्वास्थ्य राजस्वा समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने निर्देश दिया है कि वैक्सीन की के उपलब्धता के अनुसार राज्य के राजस्व कार्य से जुड़े सभी सरकारी (संविदा) सहित पदाधिकारियों एवं कर्मियों का कोविड-19 का टीकाकरण कराया जाना है। इसके लिए विभाग के राजस्व कार्य से संबंधित सभी स्तर के पदाधिकारियों में कर्मियों की सूची भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानक प्रारूप में तैयार कर जिला के सिविल सर्जन सदस्य सचिव जिला स्वास्थ समिति को कार्यालय द्वारा कोविन पोर्टल पर अपलोड किया जाए एवं कोविन पोर्टल पर पंजीकरण के आधार पर ही भारत सरकार द्वारा वैक्सीन की उपलब्धता के उपरांत टीकाकरण किया जाएगा।






ऐसी स्थिति में न लें टीका:

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा यह आश्वस्त किया गया है कि कोविड टीकाकरण पूरी तरह सुरक्षित और असरदार है। टीके जल्द बनाए गए हैं, लेकिन पूरे नियमों का पालन किया गया ताकि यह सुरक्षित हो। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है जिन लोगों की दवा या किसी प्रकार के खाने की एलर्जी ऐलर्जी है,वह यह टीका न लगवाएं। गर्भवती, धात्री या ऐसी महिलायें जिन्हें जिन्हे गर्भवती होने की संभावना लग रही है उनको भी यह टीका नहीं लगवाना या चाहिए। यह टीका 18 वर्ष से कम के की उम्र के बच्चों के लिए भी नहीं है।

कोविड-19 वैक्सीन सभी के लिए सुरक्षित:

कोविड टीका सभी प्रमाणित वैक्सीन पूरी प्रक्रिया के गुजरने का बाद ही स्वीकृत की गयी है और पूर्णतया सुरक्षित है। चरणवार तरीके से इसे सभी को उपलब्ध कराने की सरकार की योजना है । टीकाकरण के पश्चात लाभार्थी को किसी प्रकार की परेशानी के प्रबंधन के लिए सत्र स्थल पर एनाफलीसिस किट कीट एवं एईएफआई किट कीट की पर्याप्त संख्या में उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है तथा इसके लिए संबंध में टीकाकर्मियों को आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया गया है।