बिहार :गुरुवार को 311 सत्र स्थलों पर 16943 लोगों को लगे टीके

• कुछ लोगों को टीके से पहले रहना है सावधन
• सभी के लिए सुरक्षित और असरदार है टीका

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पटना /प्रतिनिधि

राज्य में 16 जनवरी से टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गयी है। गुरुवार को राज्य के 311 सत्र स्थलों पर 16943 लोगों को टीके लगाए गए।

28 वें दिन टीके का दूसरा डोज:


सावधानी के तौर पर मास्क का इस्तेमाल, शारीरिक दूरी एवं हाथों की सफाई का विशेष ख्याल रखने की जरूरत है. प्राधानमंत्री ने स्वयं टीकाकरण लॉन्च के दौरान इस बात पर जोर देते हुए कहा है कि दवाई भी और कड़ाई भी.


जिन कोरोना योद्धाओं को कोरोना टीका का पहला डोज लगाया गया है, उन्हें 28 वें दिन दूसरा डोज दिया जाएगा. दूसरे डोज के 14 दिन बाद बाद ही कोरोना के प्रति रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है. इसलिए टीके के बाद भी सावधानी बरतनी जरुरी है.






ऐसी स्थिति में न लें टीका:


स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा यह आश्वस्त किया गया है कि कोविड टीकाकरण पूरी तरह सुरक्षित और असरदार है. टीके जल्द बनाए गए हैं, लेकिन पूरे नियमों का पालन किया गया ताकि यह सुरक्षित हो. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है जिन लोगों की दवा या किसी प्रकार के खाने की ऐलर्जी है,वह यह टीका न लगवाएं. गर्भवती, धात्री या ऐसी महिलायें जिन्हे गर्भवती होने की संभावना लग रही है उनको भी यह टीका नहीं लगवाया चाहिए. यह टीका 18 वर्ष से काम की उम्र के बच्चों के लिए भी नहीं है.

कोविड-19 वैक्सीन सभी के लिए सुरक्षित:

कोविड टीका सभी प्रमाणित वैक्सीन पूरी प्रक्रिया के गुजरने का बाद ही स्वीकृत की गयी है और पूर्णतया सुरक्षित है। चरणवार तरीके से इसे सभी को उपलब्ध कराने की सरकार की योजना है । टीकाकरण के पश्चात लाभार्थी को किसी प्रकार की परेशानी के प्रबंधन के लिए सत्र स्थल पर एनाफलीसिस कीट एवं एईएफआई कीट की पर्याप्त संख्या में उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है तथा इसके लिए संबंध में टीकाकर्मियों को आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया गया है.