देश/डेस्क
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर डेढ़ महीने से भी अधिक समय से चल रहे कृषि कानूनों को लेकर जारी गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है ।मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा कृषि कानूनों को तत्काल स्थगित किया गया है और कमेटी बनाई गई है ।लेकिन किसान नेता उस कमेटी के सामने उपस्थित नहीं होने की बात कह चुके है एवं आगामी 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली आयोजित करने की बात कह रहे है ।
गुरुवार को किसान नेता राकेश टिकेत ने कहा कि 26 जनवरी को किसान देश का सिर ऊंचा करेंगे। दुनिया की सबसे ऐतिहासिक परेड होगी। किसान नेता टिकैत ने कहा कि एक तरफ से जवान चलेगा और एक तरफ से किसान चलेगा। इंडिया गेट पर हमारे शहीदों की अमर ज्योति पर दोनों का मेल मिलाप होगा ।
उन्होंने कहा कि बातचीत के लिए हम तैयार हैं। सरकार कृषि क़ानूनों को वापस ले, इसी संबंध में शुक्रवार को मुलाकात होगी ।मालूम हो कि कल विज्ञान भवन में एक बार फिर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत किसान नेताओ और सरकार के बीच वार्ता होगी ।
वार्ता से पूर्व राकेश टिकैत द्वारा इस प्रकार की बात कहना कहीं ना कहीं सरकार के ऊपर दबाव बनाने की रणनीति के तहत किया जा रहा है । अब पूरे देश की नजर कल होने वाली वार्ता पर टिकी है कि इस समस्या का क्या हल निकलता है ।