• एआरटी सेंटर के भवन में डायलिसिस सेंटर का हो रहा है निर्माण
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!• जनवरी माह में डायलिसिस की सुविधा शुरू करने का है लक्ष्य
• डायलिसिस कराने के लिए अब जिले से बाहर नहीं जाना पड़ेगा
छपरा /प्रतिनिधि
छपरा सदर अस्पताल में जल्द ही डायलिसिस की सुविधा बहाल हो जाएगी। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने प्रक्रिया तेज कर दी है। एआरटी सेंटर भवन में डायलिसिस सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है। डायलिसिस सेंटर के लिए भवन की संरचना में फेरबदल की जा रही है।
अंदर की संरचना को तोड़कर नए सिरे से निर्माण कराया जा रहा है। मरीजों को डायलिसिस कराने के लिए अब जिले से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। वर्तमान समय में डायलिसिस कराने के लिए मरीजों को पटना या देश के अन्य शहरों में जाना पड़ता है।
खासकर डायलिसिस की आवश्यकता किडनी फेल्योर के मरीजों को पड़ती है। वर्तमान समय में जिले में किडनी फेल होने की स्थिति में मरीजों को डायलिसिस कराई जाती है। किडनी के मरीजों को उन्हें नजदीकी शहर में डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।
आयुष्मान भारत कार्डधारकों नि:शुल्क मिलेगी सुविधा:
दरअसल जिले में किडनी फेल होने के कारण किडनी ट्रांसप्लांट कराने, डायलिसिस एवं इलाज कराने के लिए सरकारी सहायता की राशि प्राप्त करने के लिए बड़े पैमाने पर आवेदन प्राप्त हो रहे हैं । मुख्यमंत्री तथा प्रधानमंत्री राहत कोष से सहायता लेने के लिए भी आवेदन देने वालों की संख्या में वृद्धि हुई है। सरकार के द्वारा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत बीपीएल परिवार के मरीजों को पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज के लिए गोल्डन हेल्थ ई- कार्ड की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। वैसे मरीज भी डायलिसिस सेंटर में निःशुल्क डायलिसिस करा सकेंगे, जिनके पास गोल्डन हेल्थ ई- कार्ड की सुविधा उपलब्ध है।
आधारभूत संरचना का निर्माण शुरू:
सिविल सर्जन डा माधवेश्वर झा ने बताया कि डायलिसिस सेंटर के लिए चयनित स्थल पर आधारभूत संरचना का निर्माण शुरू कर दिया गया है और इस महीने के अंदर सदर अस्पताल में यह सुविधा बहाल हो जाएगी।
मरीजों को सुविधा के साथ मिलेगी आर्थिक राहत:
अब तक जिले में डायलिसिस की सरकारी सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके लिए मरीजों को निजी सेंटर या जिले के बाहर हायर सेंटर जाना पड़ता है। इसमें ज्यादा फीस चुकाना पड़ती है। लेकिन अब जिला अस्पताल में डायलिसिस सेंटर शुरू होने के बाद किडनी के मरीजों को जिले में सुविधा के साथ ही आर्थिक राहत भी मिलेगी। खासकर गरीब वर्ग के लोगों को डायलिसिस के लिए कर्ज लेना नहीं पड़ेगा।