यूपी :मजहब देश, काल और परिस्थिति के हिसाब से बदलते हैं, लेकिन पूर्वज नहीं – योगी आदित्यनाथ

देश/उत्तर प्रदेश

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भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई के जयंती की पूर्व संध्या पर अटल स्मृति काव्य संध्या का आयोजन किया गया ।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रद्धेय अटल जी की जयंती पर काव्य संध्या का आयोजन करना उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि है ।सीएम ने कहा कि 1957 से लेकर 2006 तक अटल जी सक्रिय राजनीति में रहे और उन्हें सभी का स्नेह प्राप्त होता रहा है ,चाहे वो सत्ता पक्ष का हो या फिर विपक्ष का वो सभी में लोकप्रिय थे ।सीएम ने कहा सार्वजनिक जीवन में रहने के बावजूद उन्हें जो सम्मान मिला वो जब उनके कार्यों को देखेंगे तो सहज ही समझा जा सकता है ।

सीएम ने कहा कि मजहब देश, काल और परिस्थिति के हिसाब से बदलते हैं, लेकिन पूर्वज नहीं।उन्होंने कहा इंडोनेशिया की रामलीला के पात्रों को मैंने अयोध्या में देखा, उसके बाद उन्हें मैंने लखनऊ में सम्मान के लिए बुलाया। मैं देखकर हैरान था कि सभी पात्र मुस्लिम थे ।

सीएम ने कहा कि मैंने उनसे कहा कि आप मुस्लिम होने के बावजूद राम, सीता या हनुमान बने थे। उन्होंने कहा हमारे यहां राम को लोग बड़ी श्रद्धा के साथ सम्मान करते हैं। मैंने कहा अगर भारत के अंदर कोई बनता तो फ़तवा जारी हो गया होता । उन्होंने कहा कि लोहिया के नाम पर लोग राजनीति जरूर करते हैं, लेकिन परिवारवाद को बढ़ावा देते हैं। आज वे लोग वातावरण खराब कर रहे, हमें समझना होगा।साथ ही उन्होंने धारा 370 की समाप्ति का भी जिक्र किया और कहा कि आतंकवाद के ताबूत में यह आखिरी किल साबित हुई है ।

काव्य संध्या का आयोजन अटल मेमोरियल फाउंडेशन द्वारा किया गया और इस मौके पर प्रदेश के मंत्रीगण और बीजेपी नेता सहित अन्य लोग मौजूद रहे ।