देश /डेस्क
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!समाज में वैचारिक मतभेद होते हैं, लेकिन जब बात राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति की हो, तो हर मतभेद किनारे रख देने चाहिए।उक्त बातें प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए कही साथ ही कहा कि जब आप सभी युवा साथी इस सोच के साथ आगे बढ़ेंगे तो ऐसी कोई मंजिल नहीं, जो हम हासिल न कर सकें ।
पीएम मोदी ने कहा कि बीते 100 वर्षों में AMU ने दुनिया के कई देशों से भारत के संबंधों को सशक्त करने का भी काम किया है। उर्दू, अरबी और फारसी भाषा पर यहाँ जो रिसर्च होती है, इस्लामिक साहित्य पर जो रिसर्च होती है, वो समूचे इस्लामिक वर्ल्ड के साथ भारत के सांस्कृतिक रिश्तों को नई ऊर्जा देती है ।
पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना के इस संकट के दौरान भी AMU ने जिस तरह समाज की मदद की, वो अभूतपूर्व है। हज़ारों लोगों का मुफ्त टेस्ट करवाना, आइसोलेशन वार्ड बनाना, प्लाज्मा बैंक बनाना और पीएम केयर फंड में बड़ी राशि का योगदान देना, समाज के प्रति आपके दायित्वों को पूरा करने की गंभीरता को दिखाता है ।
साथ ही उन्होंने कहा कि पहले मुस्लिम बेटियों का स्कूल ड्रॉपआउट रेट 70% से ज़्यादा था वो अब घटकर करीब-करीब 30% रह गया है। पहले लाखों मुस्लिम बेटियां शौचायल की कमी की वजह से पढ़ाई छोड़ देती थीं, अब हालात बदल रहे हैं। मुस्लिम बेटियों का ड्रॉपआउट रेट कम से कम हो इसके लिए केंद्र सरकार प्रयास कर रही है ।प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस मौके पर डाक टिकट भी जारी किया ।मालूम हो कि पीएम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम को संबोधित किया है ।