किशनगंज /संवादाता
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!- जिले में 1.50 लाख लोगों ने बनाया है गोल्डेन कार्ड
- दूसरे जिला एवं दूसरे राज्यों में भी जाकर लोग उठा रहे योजना का लाभ
- गोल्डेन कार्ड धारकों का 5 लाख रुपये प्रति वर्ष तक का इलाज होता है मुफ्त
कोरोना काल में जहां लोगों को बहुत तरह के आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था वहीं बहुत से गोल्डेन कार्ड धारी लोगों ने अपने स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना के कारण हासिल किया. इसके तहत लोगों ने बिना किसी खर्च के जिले या राज्य के बाहर जाकर भी अपना इलाज करवाया. आयुष्मान भारत के रिजीनल कोऑर्डिनेटर वेंकटेश पांडे ने बताया कि जिले में गोल्डेन कार्ड का उपयोग करने वाले लोगों की संख्या में भी इजाफा हुआ है और लोग इस योजना का भरपूर लाभ भी ले रहे हैं. इस योजना के तहत लोग न सिर्फ सरकारी बल्कि चिन्हित प्राइवेट अस्पतालों में भी अपना इलाज करवा सकते हैं. राज्य में बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति द्वारा इसकी देख-रेख की जा रही है.
जिले में 1.50 लाख लोगों ने बनाया है गोल्डेन कार्ड :
आयुष्मान भारत के रिजीनल कोऑर्डिनेटर वेंकटेश पांडे ने बताया कि किशनगंज जिले में कुल 73 हजार 946 परिवार के 1 लाख 50 हजार 553 लोगों का गोल्डन कार्डआयुष्मान भारत (प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना) के तहत बनवाया जा चुका है. जिले में कुल 2.17 लाख परिवार के 10.46 लाख लोगों का गोल्डेन कार्ड दिया जाना है, जिसपर तेजी से काम किया जा रहा है. इसके लिए पंचायत स्तर पर कार्यपालक सहायक कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया है. लोग अपने पंचायतों में ही गोल्डन कार्ड बनवा कर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं.
गोल्डेन कार्ड धारक के बीमारियों का करवा सकते हैं मुफ्त इलाज :
आयुष्मान भारत योजना के तहत हड्डी, ऑर्थो, बर्न, नसबंदी, प्रसव, नवजात शिशु, इमरजेंसी रूम पैकेज, जानवर के काटने पर इलाज, शरीर के अंग के टूटने पर प्लास्टर, फूड प्वाइजनिंग, हाई फीवर का इस टीनएज, नवजात शिशु, जनरल सर्जरी, जनरल मेडिसिन आदि के मुफ़्त ईलाज का प्रावधान है. इसके लिए व्यक्ति को सम्बंधित जिला से होना जरूरी नहीं है. गोल्डेन कार्ड धारक देश में कहीं भी जाकर चिन्हित अस्पतालों से इस योजना का लाभ ले सकते हैं.
प्राइवेट अस्पतालों को भी किया गया है सूचिबद्ध :
आयुष्मान भारत के तहत सभी सरकारी अस्पतालों में तो मुफ्त इलाज होता ही है लेकिन इसके अलावा प्राइवेट अस्पतालों को भी इसके लिए सूचीबद्ध किया गया है. इन सूचीबद्ध अस्पतालों में गोल्डन कार्ड धारक अपना इलाज करवा मुफ्त में करवा सकते हैं. अपने स्थानीय सूचीबद्ध अस्पतालों की जानकारी के लिए लोग आयुष्मान भारत हेल्पलाइन नंबर 14555 पर कॉल कर जानकारी ले सकते हैं.
क्या है प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना :
आयुष्मान भारत के रिजीनल कोऑर्डिनेटर वेंकटेश पांडे ने बताया कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लाभार्थी परिवार पैनल में शामिल सरकारी या निजी अस्पतालों में प्रति वर्ष 5 लाख रुपए तक कैशलेस इलाज करा सकते हैं. योजना का लाभ उठाने के लिए उम्र की बाध्यता एवं परिवार के आकार को लेकर कोई बंदिश नहीं है. योजना को संचालित करने वाली नेशनल हेल्थ एजेंसी ने एक वेबसाइट और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है. इसके जरिये लाभार्थी यह जान सकते हैं कि उनका नाम लिस्ट में शामिल है या नहीं. लिस्ट में नाम जांचने के लिए mera.pmjay.gov.in वेबसाइट देख सकते हैं या हेल्पलाइन नंबर 14555 पर कॉल कर जानकारी ली जा सकती है. गोल्डेन कार्ड बनवाने के लिए लाभुकों को आधार कार्ड, राशन कार्ड या पीएम लेटर से कोई एक दस्तावेज लगाना अनिवार्य है.