डेस्क/न्यूज लेमनचूस
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कोरोना काल में लोगों की आर्थिक स्थिति डांवाडोल हो चुकी है ।जिसका फायदा मोबाइल एप्स से इंस्टेंट लोन देने वाली कंपनियां बखूबी उठाने में जुटी हुई है । लेकिन अगर आप इन इंस्टेंट लोन देने वाले कंपनियों के जाल में फसते हैं तो आपको ना सिर्फ महंगे ब्याज दर का भुगतान करना पड़ेगा बल्कि कई तरह की परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है ।
जानकारों की माने तो इंस्टेंट लोन देने वाली कंपनियां एप्स प्रोसेसिंग के नाम पर मोटा फीस वसूलते हैं ।वहीं अगर 7 दिनों के अंदर लोन नहीं चुका पाए तो धमकी भरे फोन कॉल भी इनके द्वारा किए जाने की बात सामने आई है ।
मालूम हो कि बिहार के ही एक युवक ने ऐसे एक एप्स के जरिए मात्र 3500 रुपया लोन लिया था ।लेकिन समय पर लोन नहीं भर पाने की वजह से बताया जाता है कि उससे 6 लाख रुपए कंपनी ने वसूल लिए इसकी शिकायत पीड़ित युवक ने आर्थिक अपराध इकाई से की थी । ऐप के जरिए लोन देने वाली अधिकांश कंपनियां चीन की बताई जाती हैं और इन चीनी कंपनियों के द्वारा लोगों को प्रलोभन देकर पहले तो जाल में फंसाया जाता है और बाद में उन्हें ब्लैकमेल किया जाता है ,यहां तक की ब्लैकमेल करने वाले लोग फोन कर परिजनों एवं संगी साथियों को लोन लेने की खबर बता कर ब्लैकमेल करते हैं ,ताकि आप बदनामी के डर से तुरंत उनके जाल में फंस जाएं और लोन की राशि एवं महंगे ब्याज का भुगतान कर दे ।
ऐप के जरिए लोन और ब्लैक मेलिंग की मिल रही खबरों के बाद स्टेट बैंक सहित अन्य बैंकों ने अपने ग्राहकों को सावधान किया है और बैंक में ही आवेदन देकर लोन लेने की अपील ग्राहकों से की है ।
एप्स का इस्तेमाल करने वाले और सरकारी एजेंसियों ने इन एप्स को लेकर चिंता जताई है ।जिसके बाद गूगल ने ऐप उपभोक्ता सुरक्षा नीतियों का उल्लंघन कर रहे कई एप को गूगल प्ले स्टोर से तत्काल हटा दिया है । जानकारी के मुताबिक गूगल ने कई एप्स के डेवलपर से कहा है कि वे यह दर्शाए कि किस तरह से स्थानीय कानूनों और नियमों का पालन कर रहे हैं ।अगर वह ऐसा करने में विफल रहते हैं तो उनके भी एप्स को प्ले स्टोर से हटा दिया जाएगा।