बिहार :अद्भुत है इस गांव के युवाओं कि देश भक्ति ,हर घर से है फौजी

कारगिल युद्ध में शहीद हो चुका है एक बेटा, फिर भी शहीद के पिता ने दूसरे बेटे को भेजा सेना में ।

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कटिहार/रितेश रंजन

कटिहार के मनिहारी प्रखंड स्थित मिर्जापुर बघार गाँव के हर घर से देश की मिटटी के लिए प्राण न्योछावर करने के लिए तैयार लोगों की एक अजीब दास्ताँ है ।

बता दे की लगभग 500 घरों की आबादी वाले  इस गाँव में लगभग सभी घरों से कोई ना की सदस्य सेना में तैनात है ।आधुनिक सुविधाओं से महरूम वीर जवानों के इस गाँव में प्रवेश करने से पहले एक प्रवेश द्वार है जो देश के कण कण में इस गाँव के लोगों की देश भक्ति का एहसास जुटाता है  ।

कारगिल और देश की शरहद के लिए कई प्रमुख जंगो में इस गाँव के युवाओं ने सेना में तैनाती के दौरान प्राणो की आहुति दी है ।बीएसएफ में   तैनात शम्भू यादव कारगिल के जंग में शहीद हुए थे । उनकी याद में पिता राम स्वरुप यादव हर विशेष दिन को ख़ास तरीके से मनाते हैं और गाँव के युवाओ को सेना में जाने के लिए प्रेरित करते हैं यही नहीं उनका दूसरा बेटा अजय यादव भी सेना में ही है और उनकी इच्छा है कि उनके पोते भी सेना में शामिल होकर देश की सेवा करे ।

गाँव के ही युवक संतोष कहते हैं अब तो सेना में बहाल होकर शरहद की सेवा करना इस गाँव के युवाओं की जूनून बन गई है और पीढ़ी दर पीढ़ी यहाँ के युवा बचपन से ही इसके लिए कड़ी मेहनत  करते हैं ।सच में वीर जवानो के इस गाँव में आकर पता चलता है की  इस देश में शरहद पे मर मिटने के लिए तैयार युवाओं की कमी नहीं है जो हर वक्त अपने देश के सेनाओं में बहाल होने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार है।